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आईआईटी मद्रास में हो रहा हल्दी से कैंसर के इलाज पर शोध
Wed, 15 Jul 2020 12:53 AM IST
अवधेश कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: अवधेश कुमार
Updated Wed, 15 Jul 2020 12:53 AM IST
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आईआईटी मद्रास के शोधकर्ताओं ने हल्दी में मौजूद कर्क्यूमिन को कैंसर कोशिकाओं को खत्म करने में सहायक पाया है। उन्होंने इसमें पाये जाने वाले ट्राइल का प्रयोग करके ल्यूकेमिया सेल्स पर इसका अध्ययन किया। इसमें पाया गया कि कर्क्यूमिन के इस्तेमाल ने कैंसर कोशिकाओं को काफी हद तक कम किया। आईआईटी ने कहा है कि उसका ताजा शोध अभी शुरुआती दौर में है।
शोधकर्ताओं ने यह भी पाया की कैंसर के उपचार के दौरान होने वाली अच्छी कोशिकाओं की क्षति भी इस प्रयोग में काफी कम देखी गई है। कर्क्यूमिन को पहले से ही एक कैंसर रोधी एजेंट के रूप में देखा जाता है। इसकी वजह है इसकी अवरोधक क्षमता विभिन्न प्रकार की कैंसर कोशिकाओं को प्रेरित करता है।
शोधकर्ताओं ने बताया कि ल्यूकेमिया (रक्त/अस्थि-मज्जा कैंसर) कोशिकाओं का उपचार कर्क्यूमिन के साथ ट्राइल कोशिकाओं को संवेदनशील बनाता है, जिससे कैंसर कोशिकाएं तेजी से कम होती हैं। यह अध्ययन औषधीय जनरल औषधीय रिपोर्ट और इंडिया साइंस वायर में भी प्रकाशित हुआ है।
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शोधकर्ताओं ने यह भी पाया की कैंसर के उपचार के दौरान होने वाली अच्छी कोशिकाओं की क्षति भी इस प्रयोग में काफी कम देखी गई है। कर्क्यूमिन को पहले से ही एक कैंसर रोधी एजेंट के रूप में देखा जाता है। इसकी वजह है इसकी अवरोधक क्षमता विभिन्न प्रकार की कैंसर कोशिकाओं को प्रेरित करता है।
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शोधकर्ताओं ने बताया कि ल्यूकेमिया (रक्त/अस्थि-मज्जा कैंसर) कोशिकाओं का उपचार कर्क्यूमिन के साथ ट्राइल कोशिकाओं को संवेदनशील बनाता है, जिससे कैंसर कोशिकाएं तेजी से कम होती हैं। यह अध्ययन औषधीय जनरल औषधीय रिपोर्ट और इंडिया साइंस वायर में भी प्रकाशित हुआ है।
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