केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की लंबित मांग: तीनों सेनाओं के सुप्रीम कमांडर ने प्रधामंत्री के पास फाइल भेजने का दिया भरोसा
एसोसिएशन के पांच सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व महासचिव रणबीर सिंह ने किया था। उन्होंने बताया, पुरानी पेंशन बहाली व अन्य कल्याण संबंधित मुद्दों को लेकर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की है...
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कॉन्फेडरेशन ऑफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने शुक्रवार शाम को भारतीय सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की है। एसोसिएशन की तरफ से राष्ट्रपति को केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की लंबित पड़ी मांगों के बारे में अवगत कराया गया। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने एसोसिएशन द्वारा सौंपे गए ज्ञापन के बाद कहा कि वे जायज मुद्दों को अपनी सिफारिश के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजेंगे। एसोसिएशन द्वारा एसएससीजीडी 2018 के अभ्यर्थियों की नियुक्ति का मसला भी राष्ट्रपति के समक्ष रखा गया।
एसोसिएशन के पांच सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व महासचिव रणबीर सिंह ने किया था। उन्होंने बताया, पुरानी पेंशन बहाली व अन्य कल्याण संबंधित मुद्दों को लेकर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की है। केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की लंबित मांगों को लेकर इससे पहले वे देश के गृहमंत्री, रक्षा मंत्री, वित्तमंत्री, गृह राज्यमंत्री, गृह एवं कैबिनेट सचिव व अन्य केंद्रीय मंत्रियों से मिल चुके थे। सभी ने मांगें पूरी करने का दिलासा दिया, लेकिन अभी तक कोई भी मांग पूरी नहीं हो सकी। वहां जब कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला तो उन्होंने महामहिम राष्ट्रपति से मुलाकात की गुहार लगाई थी। राष्ट्रपति के साथ जिन मुद्दों पर चर्चा की गई, उनमें केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को पुरानी पेंशन व्यवस्था के दायरे में लाना, राज्यों में अर्धसैनिक कल्याण बोर्डों का गठन करना, सीपीसी कैंटीन पर पचास फीसदी जीएसटी छूट देना, सरदार पटेल के नाम पर राज्यों की राजधानियों में अर्धसैनिक स्कूलों की स्थापना, शस्त्र-सेना झंडा दिवस की तर्ज पर अर्धसेना झंडा-दिवस कोष की स्थापना व सीजीएचएस डिस्पेंसरियों का विस्तार, आदि शामिल हैं।
एसोसिएशन की मध्यप्रदेश इकाई के अध्यक्ष जयेंद्र सिंह राणा ने तीनों सेनाओं के सुप्रीम कमांडर से गुहार लगाई कि तीन साल से नियुक्ति की बांट जोह रहे 55 हजार एसएससी जीडी मेडिकल फिट युवाओं को नियुक्ति पत्र दिया जाए। इससे उन युवाओं को केंद्रीय सुरक्षा बलों में काम करने का मौका मिलेगा और दूसरा राष्ट्र का बाहरी एवं आंतरिक सुरक्षा घेरा मजबूत हो सकेगा। कोषाध्यक्ष वीएस कदम के अनुसार, आजादी के बाद ऐसा पहली बार हुआ है कि जब महामहिम राष्ट्रपति द्वारा पूर्व अर्धसैनिक बलों के प्रतिनिधि मंडल से मुलाकात के लिए रायसीना हिल्स यानी राष्ट्रपति भवन से बुलावा आया है। राष्ट्रपति ने पूर्व अर्धसैनिकों बलों के द्वारा देश के प्रति की गई सेवाओं की भूरी भूरी प्रशंसा की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उपरोक्त जायज मुद्दों को सिफारिश के साथ प्रधानमंत्री के पास भेजेंगे। इस अवसर पर पैरामिलिट्री फोर्सेस के साथ हो रहे सौतेले व्यवहार की एक लाख से अधिक हस्ताक्षरित पिटिशन महामहिम राष्ट्रपति को सौंपी गई। इस मौके पर तारादत्त शर्मा कार्डिनेटर उत्तराखंड व मोहम्मद अय्यूम खान अध्यक्ष पुंछ-मैंढर जम्मू, भी बैठक में उपस्थित रहे।