Report: छोटी कंपनियों में उच्च पदों पर महिलाएं, लेकिन बड़े कॉरपोरेट घरानों में संख्या है सीमित
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महिला आर्थिक सशक्तीकरण संगठन (उदैती फाउंडेशन) की ताजा रिपोर्ट चौंकाने वाली है। संगठित क्षेत्र में महिलाओं की हिस्सेदारी और नीतियों में संभावित बदलाव पर केंद्रित (क्लोज द जेंडर गैप, सीजीजी) यह रिपोर्ट भारत की विकास यात्रा में आधी आबादी की स्थिति पर आधारित है।
इस रिपोर्ट की मानें तो महिलाओं की शिक्षा का स्तर सुधरा है, लेकिन इससे महिला श्रम बल भागीदारी दर में गुणात्मक परिवर्तन नहीं दिखाई दे रहे हैं। उदैती फाउंडेशन के सलाहकार आशीष धवन का कहना है कि राष्ट्रीय विकास के लिए महिलाओं का आर्थिक सशक्तीकरण बहुत जरूरी है। इसके लिए आवश्यक है कि महिलाओं की नौकरियों में उच्च पदों पर भागीदारी बढ़े।
फाउंडेशन की रिपोर्ट के अनुसार देश की बड़ी और नामी कंपनियों में कामकाजी महिलाओं की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। लेकिन इसकी तुलना में बड़ी कंपनियों में शीर्ष पदों या कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स या फ्रंट लाइन की बॉडी में महिलाओं की संख्या बहुत सीमित है। इसके समानांतर छोटी कंपनियों में चौकाने वाली रिपोर्ट है। छोटी कंपनियों में महिलाओं की संख्या भले तुलना में कम हो लेकिन कंपनियों के लीडिंग रोल में महिलाओं की संख्या अधिक है। यह रिपोर्ट दो बड़े संकेत दे रही है। पहला तो यह कि महिलाओं में प्रोफेशनल्स कोर्स की तरफ रुझान बढ़ा है। यह सीधे-सीधे लड़कियों की शिक्षा और कैरियर के प्रति बढ़ती रुचि का संकेत कर रही है। दूसरा महिलाएं देश के विकास में चुनौती पूर्ण दायित्व निभाने के लिए तैयार हैं।
उदैती फाउंडेशन ने अपने इस डाटाबेस के लिए दो हजार कंपनियों से जानकारी संकलित की है। इनमें से 43 फीसदी कंपनियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार उनमें केवल एक महिला अनिवार्य रूप से बोर्ड की सदस्य है। 11 फीसदी कंपनियों में 2 या तीन महिलाएं कंपनी की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में हैं। रिपोर्ट के मुताबिक पिछले तीन वर्षों के दौरान महिलाओं की संख्या में तीन फीसदी की वृद्धिदर देखी गई है। हेल्थ केयर और सर्विस सेक्टर में यह आंकड़ा कोई पांच फीसदी तक का है।
उदैती फाउंडेशन की सीईओ पूजा गोयल ने सीजीजी रिपोर्ट को काफी अहम बताया। पूजा गोयल के अनुसार यह रिपोर्ट महिलाओं के प्रतिनिधित्व और उनके सशक्तीकरण से जुड़ी है। उनका मानना है कि कॉरपोरेट घरानों को इस डाटा बेस का लाभ उठाकर महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने की पहल करनी चाहिए।