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रिपोर्ट: 11 साल में बदला सिस्टम का चेहरा, मध्यवर्ग बना विकास का केंद्र; मोदी सरकार ने निभाए अपने वादे
Fri, 06 Jun 2025 08:35 AM IST
शुभम कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शुभम कुमार
Updated Fri, 06 Jun 2025 08:35 AM IST
सार
मोदी सरकार ने 11 वर्षों में कर राहत, पेंशन, दवा, घर और नियमों की सरलता जैसे बदलावों से आम लोगों के जीवन को बेहतर बनाया। रिपोर्ट में दावा किया गया कि लालफीताशाही घटाई गई, योजनाएं सरल बनीं और मध्यवर्ग देश की प्रगति के केंद्र में रहा।
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पीएम मोदी
- फोटो : ANI
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विस्तार
केंद्र सरकार ने कहा कि 11 सालों में लोगों की आशाओं, जरूरतों और आकांक्षाओं को न केवल सुना गया, बल्कि इन पर उद्देश्यपूर्ण ढंग से काम भी किया गया। जल्द ही सत्ता में अपने 11 साल पूरे करने वाली मोदी सरकार ने कहा कि इस अवधि में मध्यवर्ग ने खुद को देश की प्रगति के केंद्र में पाया है। प्रेस सूचना ब्यूरो अनुसंधान इकाई की ओर से बृहस्पतिवार को जारी एक रिपोर्ट में सरकार ने कहा कि कर राहत से लोगों के हाथों में अधिक पैसा पहुंचाने से लेकर वृद्धावस्था में सुरक्षा का वादा करने वाली पेंशन योजनाओं तक, पिछले 11 वर्षों में भारतीयों के जीवन को आसान, निष्पक्ष और अधिक सम्मानजनक बनाने के लिए लगातार और ईमानदार प्रयास किए गए हैं।
रिपोर्ट की प्रस्तावना में कहा गया है कि सरकार ने लालफीताशाही को खत्म किया, नियमों को सरल बनाया और रोजमर्रा की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाया है। चाहे कर भरना हो, घर खरीदना हो, काम पर जाना हो या दवाइयां खरीदनी हों, चीजें सरल और अधिक सुलभ हो गई हैं। ये बिखरे हुए बदलाव नहीं हैं, बल्कि सुधारों का एक पैटर्न है जो आम नागरिकों की वास्तविक चिंताओं को दर्शाता है। सबसे खास बात निरंतरता है।
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सांकेतिक उपायों से आगे बढ़कर किया काम
सरकार ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में उसने मध्य वर्ग के जीवन में वास्तविक बदलाव लाने के लिए सांकेतिक उपायों से आगे बढ़कर काम किया है। आयकर दरों को कम करने से लेकर रिटर्न को सरल बनाने तक, हर कदम नागरिकों को उनकी कमाई का अधिक हिस्सा अपने पास रखने देने के मूल विचार के अनुरूप है। रिपोर्ट में कहा गया कि दृष्टिकोण स्पष्ट रहा है। नागरिकों की बात सुनी, सिस्टम को सरल बनाया और अपने वादे पूरे किए।
विकास के एक स्तंभ के रूप में मध्य वर्ग पर जताया भरोसा
केंद्रीय बजट 2025-26 में किए गए सुधार इस बात का संकेत हैं कि सरकार ने मध्य वर्ग पर भरोसा जताया है। इसमें कहा गया कि प्रयास निरंतर और केंद्रित रहे हैं, चाहे शून्य कर के लिए आय सीमा को बढ़ाना हो, सरलीकृत कर व्यवस्था लागू करना हो या रिटर्न दाखिल करना पहले से कहीं अधिक आसान बनाना हो। केंद्रीय बजट 2025-26 में एक बड़े बदलाव की घोषणा की गई और वह यह है कि अब सालाना 12 लाख रुपये तक कमाने वाले व्यक्तियों को पूंजीगत लाभ जैसी विशेष आय को छोड़कर कोई आयकर नहीं देना होगा।
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गरीब कल्याण के प्रति समर्पित सहानुभूतिपूर्ण सरकार: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर कहा कि गरीब कल्याण के प्रति समर्पित एक सहानुभूतिपूर्ण सरकार। पिछले एक दशक में एनडीए सरकार ने कई लोगों को गरीबी की स्थिति से निकालने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इसमें सशक्तीकरण, बुनियादी ढांचे और समावेशन पर ध्यान केंद्रित किया गया है। हमारी सभी प्रमुख योजनाओं ने गरीबों के जीवन को बदल दिया है। पीएम आवास योजना, पीएम उज्ज्वला योजना, जनधन योजना और आयुष्मान भारत जैसी पहलों ने आवास, स्वच्छ खाना पकाने के ईंधन, बैंकिंग और स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच को बढ़ाया है।
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रिपोर्ट की प्रस्तावना में कहा गया है कि सरकार ने लालफीताशाही को खत्म किया, नियमों को सरल बनाया और रोजमर्रा की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाया है। चाहे कर भरना हो, घर खरीदना हो, काम पर जाना हो या दवाइयां खरीदनी हों, चीजें सरल और अधिक सुलभ हो गई हैं। ये बिखरे हुए बदलाव नहीं हैं, बल्कि सुधारों का एक पैटर्न है जो आम नागरिकों की वास्तविक चिंताओं को दर्शाता है। सबसे खास बात निरंतरता है।
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सांकेतिक उपायों से आगे बढ़कर किया काम
सरकार ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में उसने मध्य वर्ग के जीवन में वास्तविक बदलाव लाने के लिए सांकेतिक उपायों से आगे बढ़कर काम किया है। आयकर दरों को कम करने से लेकर रिटर्न को सरल बनाने तक, हर कदम नागरिकों को उनकी कमाई का अधिक हिस्सा अपने पास रखने देने के मूल विचार के अनुरूप है। रिपोर्ट में कहा गया कि दृष्टिकोण स्पष्ट रहा है। नागरिकों की बात सुनी, सिस्टम को सरल बनाया और अपने वादे पूरे किए।
विकास के एक स्तंभ के रूप में मध्य वर्ग पर जताया भरोसा
केंद्रीय बजट 2025-26 में किए गए सुधार इस बात का संकेत हैं कि सरकार ने मध्य वर्ग पर भरोसा जताया है। इसमें कहा गया कि प्रयास निरंतर और केंद्रित रहे हैं, चाहे शून्य कर के लिए आय सीमा को बढ़ाना हो, सरलीकृत कर व्यवस्था लागू करना हो या रिटर्न दाखिल करना पहले से कहीं अधिक आसान बनाना हो। केंद्रीय बजट 2025-26 में एक बड़े बदलाव की घोषणा की गई और वह यह है कि अब सालाना 12 लाख रुपये तक कमाने वाले व्यक्तियों को पूंजीगत लाभ जैसी विशेष आय को छोड़कर कोई आयकर नहीं देना होगा।
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गरीब कल्याण के प्रति समर्पित सहानुभूतिपूर्ण सरकार: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर कहा कि गरीब कल्याण के प्रति समर्पित एक सहानुभूतिपूर्ण सरकार। पिछले एक दशक में एनडीए सरकार ने कई लोगों को गरीबी की स्थिति से निकालने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इसमें सशक्तीकरण, बुनियादी ढांचे और समावेशन पर ध्यान केंद्रित किया गया है। हमारी सभी प्रमुख योजनाओं ने गरीबों के जीवन को बदल दिया है। पीएम आवास योजना, पीएम उज्ज्वला योजना, जनधन योजना और आयुष्मान भारत जैसी पहलों ने आवास, स्वच्छ खाना पकाने के ईंधन, बैंकिंग और स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच को बढ़ाया है।