फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   report says layoffs in the IT sector plunge techies into depression

जॉब इनसिक्योरिटी के चलते आईटी इंजीनियर कर रहे आत्महत्या : रिपोर्ट

Sun, 16 Jul 2017 11:16 AM IST
amarujala.com- Presented by: अभिषेक मिश्रा
amarujala.com- Presented by: अभिषेक मिश्रा Updated Sun, 16 Jul 2017 11:16 AM IST
विज्ञापन
report says layoffs in the IT sector plunge techies into depression

एक दशक पहले देश में सबसे ज्यादा नौकरी देने वाला आईटी सेक्टर आज आपने ही कर्मचारियों के लिए डिप्रेशन का कारण बनता जा रहा है। इस सेक्टर में बढ़ रही जॉब इनसिक्योरिटी के कारण आईटी इंजीनियर आत्महत्या कर रहे हैं। पुणे में काम करने वाले एक आईटी इंजीनियर का सुसाइड नोट तो ऐसा ही कहता है।

विज्ञापन


'आईटी सेक्टर में कोई जॉब सिक्योरिटी नहीं, मैं अपने परिवार को लेकर काफी परेशान हूं' , ये लाइन पुणे के रहने वाले एक आईटी इंजीनियर की हैं। जिसने बीते बुधवार को आत्महत्या कर ली। 
विज्ञापन


60 साल के एक बुजुर्ग ने बताया कि उनकी बेटी अचानक से शांत रहने लगी। जब वह उसे काउंसलिंग के लिए ले गए तब उन्हें पता चला कि उसकी नौकरी चली गई, जिसे लेकर वह सदमे में थी। वह हर सुबह तैयार होकर ऑफिस के लिए निकती थी, जबकि उसकी नौकरी जा चुकी थी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


इस साल आईटी सेक्टर की बड़ी कंपनियां विप्रो, इन्फोसिस, टेक महिंद्रा से लेकर छोटी कंपनियों तक में छटनी हुई है। जिस वजह से हजारों युवा बेरोजगार हो गए। ज्यादातर युवा ऑनलाइन काउंसलिंग के लिए गए। ऑनलाइन काउंसलर योरदोस्त ने पिछले महीने फायर्ड टू फायर्ड अप सिजन चलाया था, जिसमें कंपनी लोगों का तनाव कम करने की कोशिश करते है।

योरदोस्त ने बताया कि 29 जून से 1 जुलाई के बीच हमारे टोलफ्री नंबर पर हमें 260 लोगों ने कॉल किया। जबकि इन तीन दिनों में 800 से ज्यादा लोगों ने चैटिंग के जरिए अपनी बात बताई।

योरदोस्त को की गई कॉल में 43 फीसदी लोग आईटी सेक्टर के है। सबसे ज्यादा 15 फीसदी कॉल कर्नाटक से आई, महाराष्ट्र से 12 फीसदी और दिल्ली से 11 फीसदी युवाओं ने कॉल किया। इसके साथ ही नॉर्थइस्ट से भी कॉल आई, जिसमें ओडिशा और हिमाचल प्रदेश शामिल हैं। 


योरदोस्त की को-फाउंडर और सीईओ रिचा सिंह ने बताया कि सेक्टर में छटनी कलंक है। जो लोग इस छटनी ने बच गए हैं उन्हें भी चिंता है कि अगली बार उनके साथ क्या होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed