{"_id":"59116ae34f1c1b1157850df4","slug":"it-industry-slows-indian-companies-ready-for-large-layoffs","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"सुस्त पड़ा आईटी सेक्टर, अगले 3 सालों में जाएंगी 20-25 फीसदी नौकरियां","category":{"title":"Business","title_hn":"कारोबार","slug":"business"}}
सुस्त पड़ा आईटी सेक्टर, अगले 3 सालों में जाएंगी 20-25 फीसदी नौकरियां
amarujala.com- Presented by: पवन नाहर
Updated Tue, 09 May 2017 12:38 PM IST
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जॉब्स
- फोटो : Getty Images
2008 की वैश्विक मंदी के बाद हाल ही में सुस्त पड़े आईटी सेक्टर में कई लोगों की नौकरियों पर खतरा मंडरा रहा है। कई बड़ी कंपनियां अपने शीर्ष अधिकारियों को बाहर निकालने के मूड में है। साथ ही संभव है कि 15 अरब डॉलर की इस इंडस्ट्री में कई जूनियर कर्मचारियों पर भी गाज गिरे। इसका कारण है कि इंडस्ट्री की ग्रोथ उम्मीद से काफी कम है और कंपनियां अमेरिका की ओर रुख कर रहीं है।
कॉग्निजेंट ने पिछले हफ्ते ही करीब 1000 लोगों को दरवाजा दिखाया था। खबर है कि कंपनी करीब 6000 लोगों को बाहर कर सकती है। इसके अलावा, इंफोसिस भी उच्च स्तर के करीब हजार लोगों को अलविदा कह सकती है। 3 सप्ताह पहले विप्रो के सीईओ अबिद अली नीमुचवाला ने कहा था कि यदि रेवेन्यु नहीं बढ़ा, तो इस साल बड़ी संख्या में लोगों की विदाई होगी।
कॉग्निजेंट की ग्रोथ साल 2015-16 में 20 फीसदी की रही, जो इस साल 8 फीसदी की थी। इसी तरह इंफोसिस की ग्रोथरेट 13.3 फीसदी से घटकर 8.3 ही रह गई है। यह इस साल 6.5 फीसदी तक गिर सकती है। ऐसा ही हाल टीसीएस का है, जो 12-15 फीसदी की तुलना में 8.3 फीसदी ही ग्रोथ दर्ज कर पाई है।
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कॉग्निजेंट ने पिछले हफ्ते ही करीब 1000 लोगों को दरवाजा दिखाया था। खबर है कि कंपनी करीब 6000 लोगों को बाहर कर सकती है। इसके अलावा, इंफोसिस भी उच्च स्तर के करीब हजार लोगों को अलविदा कह सकती है। 3 सप्ताह पहले विप्रो के सीईओ अबिद अली नीमुचवाला ने कहा था कि यदि रेवेन्यु नहीं बढ़ा, तो इस साल बड़ी संख्या में लोगों की विदाई होगी।
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कॉग्निजेंट की ग्रोथ साल 2015-16 में 20 फीसदी की रही, जो इस साल 8 फीसदी की थी। इसी तरह इंफोसिस की ग्रोथरेट 13.3 फीसदी से घटकर 8.3 ही रह गई है। यह इस साल 6.5 फीसदी तक गिर सकती है। ऐसा ही हाल टीसीएस का है, जो 12-15 फीसदी की तुलना में 8.3 फीसदी ही ग्रोथ दर्ज कर पाई है।
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2020 तक करीब एक चौथाई नौकरियां जाएंगी
जॉब्स
- फोटो : NWZ
कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौर आईटी सेक्टर के लिए अनुकूल नहीं है। नई डिजिटल सर्विस इकोनॉमी के चलते लोगों की जरूरत कम हो गई है। इस नए दौर में करीब 40% लोगों की जरूरत अब कंपनियों में नहीं रहेगी। कंपनिया डिजिटल मॉडल अपनाने लगी हैं और इससे ज्यादा कर्मचारियों की जरूरत खत्म हो जाती है।
ऐसे में लोगों के पास नए दौर नें ज्यादा डायनैमिक होकर काम करने का विकल्प है। कई लोग इस दौर में विफल होंगे, मगर सफलता के लिए बदलाव आवश्यक है। 2020 तक आईटी सेक्टर के स्टाफ में 20 से 25 फीसदी तक कमी आएगी।
ऐसे में लोगों के पास नए दौर नें ज्यादा डायनैमिक होकर काम करने का विकल्प है। कई लोग इस दौर में विफल होंगे, मगर सफलता के लिए बदलाव आवश्यक है। 2020 तक आईटी सेक्टर के स्टाफ में 20 से 25 फीसदी तक कमी आएगी।