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देश के सभी राज्यों से सीपीसीबी ने मांगी अवैध बूचड़खानों पर कार्रवाई की रिपोर्ट 

Sun, 14 Jan 2018 01:40 AM IST
विवेक मिश्रा, अमर उजाला, नई दिल्ली
विवेक मिश्रा, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 14 Jan 2018 01:40 AM IST
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Report for action on illegal slaughterhouses from all states
बूचड़खानों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई
देश के सभी राज्यों से केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने तल्ख आदेश के साथ एक बार फिर अवैध और प्रदूषण फैलाने वाले बूचडख़ानों पर कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है। सभी राज्यों से कहा गया है कि वे सुप्रीम कोर्ट और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश का पालन करते हुए जल्द से जल्द बूचडख़ानों से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट सीपीसीबी को मुहैया कराएं। वर्ष 2012 से ही राज्य इस रिपोर्ट को लेकर टालमटोल कर रहे हैं। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की ओर से बार-बार रिमाइंडर भेजे जाने के बाद भी राज्यों की ओर से रिपोर्ट न मिलने पर सीपीसीबी ने यह कदम उठाया है।
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पूछा गया प्रतिदिन कितने पशुओं का होता है वध 

सीपीसीबी की ओर से राज्यों को दिए गए आदेश में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि वे बताएं कि उनके यहां कितने बूचडख़ाने वैध हैं और कितनों ने प्रवाह शोधन संयंत्र (ईटीपी) संचालित किया है। वहीं कितनों के पास संचालन की अनुमति है और प्रतिदिन इन बूचडख़ानों के जरिए कितने पशुओं का वध किया जाता है। पशुओं के वध से संबंधित रिपोर्ट छह माह पर आधारित होनी चाहिए। 
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पढ़ें- उत्तराखंड में बूचड़खानों पर हुई छापेमारी तो सामने आया कड़वा सच...
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बैठकों का ब्यौरा भी मांगा 

Report for action on illegal slaughterhouses from all states
बूचड़खानों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई
बूचडख़ानों की स्थिति और उनपर कार्रवाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट गठित राज्य स्तरीय समिति की बैठकों का ब्योरा और उनके जरिए की गई जांच की रिपोर्ट भी सीपीसीबी ने राज्यों से सौंपने को कहा है। इसके अलावा राज्यों की ओर से यदि कोई एक्शन प्लान तैयार किया गया है तो वह भी इस रिपोर्ट के साथ सीपीसीबी को देना होगा। 

2012 से आदेशों का नहीं हो रहा पालन 

23 अगस्त 2012 को सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों को अवैध बूचडख़ानों पर कार्रवाई का आदेश दिया था। वहीं कहा था कि सभी बूचडख़ाने राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) के नियमों और मानकों के अनुरूप होने चाहिए। वहीं इससे पहले 12 जुलाई 2012 को सीपीसीबी ने खुद सभी राज्यों में बूचडख़ानों में ईटीपी लगाने और अवैध बूचडख़ानों पर कार्रवाई करने का आदेश दिया था। 

इस संबंध में 2015 और 2016 में सभी राज्यों को आदेश जारी किया गया था। वहीं सभी बूचडख़ानों को भारतीय मानकों पर विकसित करने और नियमों का पालन करने के लिए भी केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय गाइडलाइन जारी कर चुका है। इन सबके बावजूद अभी तक राज्यों की ओर से अभी तक रिपोर्ट नहीं दाखिल की गई है। 
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