मणिपुर हिंसा: 'भाजपा सरकार सामान्य स्थिति बहाल करने में विफल, बीरेन सिंह को पद से हटाएं'; माकपा की मांग
Manipur Violence: सीताराम येचुरी ने कहा, 'मणिपुर में स्थिति चिंताजनक है क्योंकि हर गुजरते दिन के साथ अविश्वास बढ़ रहा है। राज्य में बीरेन सिंह सरकार शांति लाने के बजाय सामान्य स्थिति बहाल करने में कोई स्पष्ट कदम उठाने में विफल रही है।'
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माकपा के वरिष्ठ नेता जितेंद्र चौधरी ने मणिपुर में सामान्य स्थिति बहाल करने में विफल रहने के लिए मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह को हटाने की शनिवार को मांग की। त्रिपुरा इकाई के महासचिव और माकपा प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा चौधरी ने आरोप लगाया कि पूर्वोत्तर राज्य में जातीय हिंसा भाजपा-आरएसएस की देशभर के लोगों के बीच विभाजन पैदा करने की रणनीति का हिस्सा है। हालांकि, भाजपा ने माकपा नेता के आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया और कहा कि राज्य शांति के रास्ते पर है।
'मणिपुर में संघर्ष भाजपा-आरएसएस की रणनीति का हिस्सा'
चौधरी ने फोन पर पीटीआई को बताया, हम मणिपुर में संघर्ष को एक अलग स्थिति के रूप में नहीं देखते हैं, बल्कि भाजपा-आरएसएस की अखिल भारतीय रणनीति के हिस्से के रूप में देखते हैं, जो लोगों के बीच विभाजन पैदा करने और उन पर शासन करने के लिए अविश्वास पैदा करने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं हर जगह हो रही हैं।
हर गुजरते दिन के साथ अविश्वास बढ़ रहा: सीताराम येचुरी
माकपा के राष्ट्रीय महासचिव सीताराम येचुरी के नेतृत्व में पार्टी प्रतिनिधिमंडल ने मणिपुर में तीन राहत शिविरों का दौरा किया और शुक्रवार को राज्यपाल अनुसुईया उइके से भी मुलाकात की। उन्होंने कहा,'मणिपुर में स्थिति चिंताजनक है क्योंकि हर गुजरते दिन के साथ अविश्वास बढ़ रहा है। राज्य में बीरेन सिंह सरकार शांति लाने के बजाय सामान्य स्थिति बहाल करने में कोई स्पष्ट कदम उठाने में विफल रही है।'
उन्होंने कहा, 'यह कहा गया था कि केंद्र मणिपुर में स्थिति की निगरानी करेगा लेकिन जमीनी हकीकत बहुत अलग है। इस्तीफे के अपने बहुप्रचारित नाटक के बाद अपरिहार्य हो चुके बीरेन सिंह आज तक इस शो को चला रहे हैं।' येचुरी ने कहा,'हम मणिपुर में भाजपा नीत सरकार को बर्खास्त करने की मांग नहीं करते बल्कि बीरेन सिंह को तत्काल हटाने की मांग करते हैं।'
भाजपा ने माकपा के आरोपों को किया खारिज
त्रिपुरा भाजपा के मुख्य प्रवक्ता सुब्रत चक्रवर्ती ने जितेंद्र चौधरी के आरोपों को खारिज किया और कहा कि मणिपुर में धीरे-धीरे शांति लौटेगी। उन्होंने कहा,'केंद्र और मणिपुर सरकारें पूर्वोत्तर राज्य में सामान्य स्थिति बहाल करने की कोशिश कर रही हैं। भले ही छिटपुट घटनाओं की सूचना मिल रही है, लेकिन समग्र स्थिति में सुधार हुआ है। माकपा का प्रतिनिधिमंडल संकटग्रस्त जल क्षेत्र में मछली पकड़ने के लिए अब राज्य का दौरा कर रहा है।'
मणिपुर: शाह के बयान के खिलाफ जेएसबी ने निकाली रैली
मणिपुर के संयुक्त छात्र संगठन (जेएसबी) ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संसद में दिए गए उस बयान के विरोध में शनिवार को चुराचांदपुर में रैली निकाली, जिसमें उन्होंने कहा था कि राज्य का मौजूदा संकट म्यांमार से अवैध प्रवासियों के आने के कारण है। जोमी स्टूडेंट्स फेडरेशन (जेडएसएफ), कुकी स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (केएसओ) और हमार स्टूडेंट्स एसोसिएशन (एचएसए) वाले जेएसबी ने गृह मंत्री से अपना रुख स्पष्ट करने का अनुरोध किया है।
शाह ने नौ अगस्त को संसद को बताया था कि मणिपुर में समस्याएं पड़ोसी म्यांमार से कुकी शरणार्थियों के आने के साथ शुरू हुईं, जब वहां के सैन्य शासकों ने 2021 में उग्रवादियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। उन्होंने कहा था कि कुकी शरणार्थियों ने मणिपुर घाटी के जंगलों में बसना शुरू कर दिया, जिससे क्षेत्र में जनसांख्यिकीय परिवर्तन की आशंका बढ़ गई। उन्होंने कहा कि अशांति तब शुरू हुई जब अफवाहें फैलने लगीं कि शरणार्थी बस्तियों को गांवों के रूप में घोषित किया गया है।