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Bulletin Controversy: विपक्ष के आरोपों पर लोकसभा अध्यक्ष ने दिया बयान, बोले- तथ्यों का पता किए बिना ना लगाएं आरोप

Fri, 15 Jul 2022 09:55 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Fri, 15 Jul 2022 09:55 PM IST
सार

राजनीतिक पार्टियों के इन्हीं आरोपों को लेकर लोकसभा अध्यक्ष ने सभी राजनीतिक दलों से अनुरोध किया कि वे बिना तथ्यों का पता लगाए लोकसभा और राज्यसभा में किसी भी विषय पर ना तो राजनीतिक आरोप लगाएं और ना ही आरोपों का जवाब दें।

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Refrain from making allegations without ascertaining facts, Birla to parties on bulletin controversy
ओम बिरला - फोटो : ANI

विस्तार

संसद भवन परिसर में धरने और विरोध प्रदर्शन को लेकर संसदीय बुलेटिन पर राजनीतिक विवाद के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शुक्रवार को बड़ा बयान दिया है। उन्होंने शुक्रवार को कहा कि राजनीतिक दलों को पहले तथ्यों की जांच करनी चाहिए। इसके बाद ही उन्हें आरोप लगाने चाहिए। लोकसभा अध्यक्ष ने राजनीतिक पार्टियों से बिना जांच के आरोप लगाने से बचने का आग्रह किया। इस दौरान उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि इस तरह के सर्कुलर कई सालों से जारी किए जा रहे हैं।

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गौरतलब है कि एक राज्यसभा सचिवालय द्वारा जारी सर्कुलर में कहा गया था कि "सदस्य किसी भी प्रदर्शन, धरना, हड़ताल, उपवास, या किसी धार्मिक समारोह को करने के उद्देश्य से संसद भवन के परिसर का उपयोग नहीं कर सकते हैं।" राज्यसभा सचिवालय द्वारा जारी इस सर्कुलर की विभिन्न राजनीतिक दलों ने निंदा की थी और कुछ आरोप भी लगाए थे।  
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राजनीतिक पार्टियों के इन्हीं आरोपों को लेकर लोकसभा अध्यक्ष ने सभी राजनीतिक दलों से अनुरोध किया कि वे बिना तथ्यों का पता लगाए लोकसभा और राज्यसभा में किसी भी विषय पर ना तो राजनीतिक आरोप लगाएं और ना ही आरोपों का जवाब दें।उन्होंने कहा कि यह (सदस्यों के लिए इस तरह के परिपत्र) एक प्रक्रिया है और यह प्रक्रिया 2009 से चल रही है। 
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ओम बिरला ने दिया बयान
गौरतलब है कि इससे पहले गुरुवार को उन्होंने अससंदीय शब्दों को लेकर विपक्ष के आरोपों पर भी बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि शब्दों पर बैन नहीं लगाया गया है, केवल असंसदीय घोषित किया गया है। उन्होंने यह भी कहा था कि सरकार के जरिए रोक नहीं लगाई गई है, प्रक्रिया के तहत ये फैसला लिया गया है। 

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि ये प्रक्रिया काफी लंबे समय से चली आ रही है। 1954 से असंसदीय शब्दों को हटाने के प्रक्रिया चल रही है। पहले इस तरह के असंसदीय शब्दों की एक किताब का विमोचन किया जाता था, हमने सिर्फ कागजों की बर्बादी से बचने के लिए इसे इंटरनेट पर डाल दिया है। किसी भी शब्द पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया है, हमने संसदीय कार्यवादी से हटा दिए गए शब्दों का संकलन जारी किया है।  

विपक्षी नेताओं की बैठक 17 को
राज्यसभा अध्यक्ष की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक के तुरंत बाद 17 जुलाई को ही संसद में विपक्षी नेताओं की बैठक होगी। बैठक में आगामी मानसून सत्र की रणनीति पर चर्चा होगी। इस दौरान उप राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के नाम पर भी चर्चा होगी।


लक्ष्मीकांत वाजपेयी भाजपा के चीफ व्हिप
इस बीच भाजपा ने राज्यसभा में अपने चीफ व्हिप का एलान कर दिया है। भाजपा ने राज्यसभा में लक्ष्मीकांत वाजपेयी को अपना मुख्य सचेतक नियुक्त किया है। भाजपा की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष रह चुके वाजपेयी शिव प्रताप शुक्ला का स्थान लेंगे। हाल ही में शुक्ला का राज्यसभा में कार्यकाल समाप्त हो गया था।

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