फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Referring to the attack on Trump BJP raised the issue of aggressive comments on PM Modi news in hindi

BJP: ट्रंप पर हमले का जिक्र कर भाजपा ने उठाया पीएम मोदी पर आक्रामक टिप्पणियों का मुद्दा, विपक्ष पर साधा निशाना

Thu, 18 Jul 2024 03:21 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: श्वेता महतो Updated Thu, 18 Jul 2024 03:21 PM IST
सार

रविशंकर ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कई बार राहुल गांधी भी गैर जिम्मेदाराना बयान दे देते हैं। लोकतंत्र में आपको असहमति का अधिकार है, लेकिन इतनी मर्यादा होनी चाहिए कि हिंसा में किसी राजनेता को निशाना न बनाया जाए। 

विज्ञापन
Referring to the attack on Trump BJP raised the issue of aggressive comments on PM Modi news in hindi
रविशंकर प्रसाद, सुधांशु त्रिवेदी - फोटो : ANI

विस्तार

अमेरिका में पिछले हफ्ते चुनाव प्रचार के दौरान पूर्व राष्ट्रपति और राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप पर हमला किया गया। इस हमले में वह बाल-बाल बच गए। ट्रंप पर किए गए हत्या के प्रयास की भारत में भी निंदा की गई। ट्रंप पर हुए इस हमले के बाद भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर किए गए आक्रमक टिप्पियों का मुद्दा उठाया। भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि लोकतंत्र में ऐसा नहीं होना चाहिए। यहां असहमति का अधिकार है, लेकिन ऐसी असहमति, जिससे हिंसा हो यह सही नहीं है। इसी के साथ विपक्ष पर भी निशाना साधा गया। 
विज्ञापन


भाजपा नेता ने यूपी के पूर्व डीजीपी के लेख पर प्रतिक्रिया
रविशंकर प्रसाद ने डोनाल्ड ट्रंप पर हुए इस हमले की निंदा की। उन्होंने कहा, "अमेरिकी राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर हत्या का प्रयास किया गया। भगवान की कृपा से वह सुरक्षित हैं और अपराधी के खिलाफ कार्रवाई की गई। लोकतंत्र में ऐसा नहीं होना चाहिए। यहां असहमति का अधिकार है, लेकिन ऐसी असहमति जिससे हिंसा हो और राजनेताओं को निशाना बनाया जाए, यह सही नहीं।"
विज्ञापन

 
भाजपा नेता ने आगे कहा, "उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह ने एक अखबार में लेख लिखा, जिसमें उन्होंने बताया कि जिस तरह से भारत के पीएम मोदी पर निशाना साधा गया है, उससे उन पर हिंसा बढ़ सकती है।" रविशंकर ने कहा, "इसका सबूत भी है। 2013 में पटना में उनपर हमला हुआ था, जिसमें छह लोगों की मौत हुई थी। जब वह पंजाब गए,  तब उनका रास्ता बदल दिया गया।"
विज्ञापन
विज्ञापन


इस दौरान रविशंकर ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कई बार राहुल गांधी भी गैर जिम्मेदाराना बयान दे देते हैं। लोकतंत्र में आपको असहमति का अधिकार है, लेकिन इतनी मर्यादा होनी चाहिए कि हिंसा में किसी राजनेता को निशाना न बनाया जाए। 

सुधांशु त्रिवेदी ने विपक्ष को घेरा 
यूपी के पूर्व डीजीपी के लेख पर भाजपा सांसद एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "आज देश के एक अंग्रेजी अखबार में एक सेवानिवृत्त वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी ने लेख लिखा है। लेख में उन्होंने सुरक्षा से जुड़ी वर्तमान वैश्विक गतिविधियों और उनके भारत पर पड़ने वाले प्रभाव की ओर ध्यान आकर्षित किया है। आप जानते हैं कि एक-डेढ़ साल पहले जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की एक राजनीतिक कार्यक्रम में हत्या कर दी गई थी। कुछ दिन पहले अमेरिका के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप पर हत्या का प्रयास किया गया था, जिसमें वह बाल-बाल बचे थे।" 

सुधांशु त्रिवेदी ने आगे कहा, "उन्होंने (विक्रम सिंह) कहा कि हिंसा और हत्या को भड़काने वाली ऐसी प्रवृत्तियां ऐसे बयानों से प्रेरित होती हैं, जिसमें राजनीतिक दल अल्पकालिक राजनीतिक लाभ के लिए 'हिंसा' और 'हत्या' जैसे शब्दों का इस्तेमाल करना चाहते हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण और चिंता का विषय है कि हिंसा के लिए उकसाने वाले ऐसे शब्द और भाषा का इस्तेमाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए किया जा रहा है। कांग्रेस नेता और विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कई बार पीएम मोदी के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। अगर आप लोकसभा में विपक्ष के नेता बन गए हैं, तो थोड़ी परिपक्वता दिखाएं। इसलिए, मैं सभी राजनीतिक दलों से आग्रह करना चाहूंगा कि 'हिंसा', 'हत्या', 'किसी के प्रति आक्रमण', 'मारना-पीटना' और 'कब्र खुदेगी' जैसे शब्दों का इस्तेमाल बंद होना चाहिए।"


अश्विनी वैष्णव ने भी साधा निशाना
इस मामले में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी विपक्ष को घेरा। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में शब्दों का चयन बहुत महत्वपूर्ण है। पीएम मोदी के लिए विपक्ष की तरफ से जित तरह के शब्दों का इस्तेमाल किया जाता है, वह चिंताजनक है। हिंसा और हत्या जैसे शब्द सीधा परिणाम देते हैं। यह समाज में चिंता उत्पन्न करते हैं। विपक्ष को इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। उन्हें अपनी राजनीतिक गरिमा बरकरार रखनी चाहिए। 


 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed