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मानसून की रफ्तार तेज: 17 राज्यों में बारिश के आसार, ओडिशा में रेड अलर्ट-भूस्खलन की चेतावनी; असम में कैसा हाल?

Sun, 26 Jul 2026 06:29 AM IST
राहुल कुमार अमर उजाला ब्यूरो-एजेंसी, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो-एजेंसी, नई दिल्ली Published by: राहुल कुमार Updated Sun, 26 Jul 2026 06:29 AM IST
सार

मानसून की रफ्तार तेज है। मौसम विभाग के मुताबिक 17 राज्यों में बारिश के आसार हैं। ओडिशा में रेड अलर्ट के साथ भूस्खलन की चेतावनी जारी की गई है। असम में बाढ़ से लाखों लोग प्रभावित हैं। गुजरात के छह जिलों में रेड अलर्ट और उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, मेघालय, ओडिशा, छत्तीसगढ़ व जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की आशंका के बीच लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

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Red alert for six districts in Gujarat  threat of thunderstorms and rain in several states over next few hours
मौसम। - फोटो : amar ujala

विस्तार

देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने फिर जोर पकड़ लिया है। वहीं, गुजरात, असम और पूर्वोत्तर में बारिश से बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। सिक्किम के नामची जिले में शनिवार को सड़क से भूस्खलन का मलबा हटाने के दौरान ताजा भूस्खलन के कारण दो मजदूरों की मौत हो गई, जबकि चार घायल हो गए। मौसम विभाग ने राजस्थान और बंगाल की खाड़ी में बने दो कम दबाव के क्षेत्रों के असर से दिल्ली समेत 17 राज्यों में तेज बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की चेतावनी दी है। दिल्ली में भारी बारिश, गरज-चमक और 60 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। उत्तराखंड के कई जिलों, हिमाचल प्रदेश के मध्य और पर्वतीय क्षेत्रों तथा जम्मू-कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

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ओडिशा में रेड अलर्ट, भूस्खलन की चेतावनी
मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ओडिशा के छह जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से और पश्चिम बंगाल तट पर कम दबाव का क्षेत्र बना है। इसके प्रभाव से अत्यधिक भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है। IMD ने संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ की भी चेतावनी दी है। IMD भुवनेश्वर की निदेशक मनोरमा मोहंती ने बताया कि कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय है। अगले 24 घंटों के दौरान कुछ क्षेत्रों में गरज, बिजली और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी। कटक, जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, भद्रक, जाजपुर और क्योंझर जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी हुआ है।
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असम में कैसी स्थिति, बाढ़ के पानी का हाल क्या?
राज्य के कई अन्य हिस्सों में भी भारी बारिश होने की संभावना है। अत्यधिक भारी बारिश से पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और निचले इलाकों में अचानक बाढ़ आ सकती है। मछुआरों को खराब समुद्री परिस्थितियों के कारण गहरे समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। ओडिशा के बंदरगाहों पर स्थानीय अलर्ट-सावधानी संकेत (LAC-III) भी फहराया गया है। ओडिशा के अलावा असम भी मौसम की मार झेल रहा है। असम के छह जिलों में करीब 6.55 लाख लोग प्रभावित हैं।
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असम में बाढ़ लाखों प्रभावित
बाढ़ ग्रस्त इलाकों में एक दिन में चार मौतें दर्ज हुईं, जिससे इस साल मरने वालों की कुल संख्या 66 हो गई है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, सिवासागर में तीन और चराइदेव में एक व्यक्ति की जान गई। शुक्रवार को नौ जिलों में 7.05 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित थे, जबकि अब छह जिलों में 6,54,800 लोग प्रभावित हैं। सिवासागर सबसे अधिक प्रभावित जिला है, जहां करीब 2.9 लाख लोग चपेट में हैं। इसके बाद चराइदेव में 1.9 लाख और जोरहाट में 1.3 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं। ASDMA छह जिलों में 274 राहत शिविर चला रहा है, जिनमें 18,902 विस्थापित लोगों की देखभाल हो रही है। 810 गांव पानी में डूबे हैं और 34,970.8 हेक्टेयर फसल क्षेत्र क्षतिग्रस्त हुआ है। दिखौ और धनसिरी नदियां सिवासागर तथा नुमालीगढ़ में खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

भुवनेश्वर में मौसम का हाल कैसा?
6 जून को भुवनेश्वर में तेज आंधी, भारी बारिश और तेज हवाएं चली थीं। इससे भीषण गर्मी से अचानक राहत मिली, लेकिन कई क्षेत्रों में सामान्य जनजीवन बाधित हुआ। IMD ने पूरे ओडिशा के लिए भारी बारिश, गरज, बिजली और तेज हवाओं की चेतावनी दी है। मौसम विभाग की सलाह के अनुसार, भुवनेश्वर और आसपास के क्षेत्रों में 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चल रही है। बारिश ने यातायात धीमा किया, पर मौसम सुहाना हो गया।

एक दिन पहले गुजरात और अन्य राज्यों के लिए भी अलर्ट
इससे पहले शनिवार शाम को मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने नाउकास्ट चेतावनी जारी करते हुए अगले कुछ घंटों के दौरान देश के कई राज्यों में तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना जताई थी। यह चेतावनी शनिवार रात तक प्रभावी रही। मौसम विभाग ने गुजरात के छह जिलों के लिए रेड अलर्ट और कई राज्यों के जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। आईएमडी के अनुसार, रेड अलर्ट गुजरात के बनासकांठा, महेसाणा, मोरबी, पाटन, साबरकांठा और सुरेंद्रनगर जिलों के लिए जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में लगभग 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, भारी बारिश (15 मिमी प्रति घंटा से अधिक) और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका है।

इन राज्यों में ऑरेंज अलर्ट
वहीं, ऑरेंज अलर्ट मेघालय, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, गुजरात, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कई जिलों के लिए जारी किया गया है। इन इलाकों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही मध्यम से तेज बारिश (5 से 15 मिमी प्रति घंटा), गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना भी जताई गई है।

यूपी के इन जिलों में भारी बारिश के आसार
उत्तर प्रदेश के आगरा, अलीगढ़, अयोध्या, लखनऊ, कानपुर नगर, कानपुर देहात, रायबरेली, सीतापुर, शाहजहांपुर, उन्नाव, बाराबंकी, अमेठी और कई अन्य जिलों को ऑरेंज अलर्ट में शामिल किया गया है। मेघालय के पूर्वी और पश्चिमी खासी हिल्स और जैंतिया हिल्स, ओडिशा के गजपति, केंदुझार और सुंदरगढ़, छत्तीसगढ़ के बलरामपुर, बिलासपुर, रायगढ़, सरगुजा सहित कई जिलों में भी खराब मौसम की संभावना जताई गई है।


एमपी और जम्मू-कश्मीर का हाल क्या? IMD की एडवाइजरी में क्या?
मध्य प्रदेश के अनुपपुर, रीवा, सीधी और सिंगरौली जिलों के अलावा जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग, श्रीनगर, जम्मू, बारामूला, पुलवामा, उधमपुर, रियासी और अन्य कई जिलों में भी तेज हवाओं और बारिश का अनुमान लगाया गया है। मौसम विभाग ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर ढांचों के नीचे शरण लेने से बचने, अनावश्यक यात्रा टालने और सड़क और यातायात की स्थिति की जानकारी लेकर ही बाहर निकलने की सलाह दी गई है। इसके अलावा, स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की भी अपील की गई है।

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