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अपनी अंतिम पॉलिसी में भी नहीं पिघले राजन
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 09 Aug 2016 01:26 PM IST
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- फोटो : Reuters
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ईकॉनामिक पॉलिसी को लेकर अपने सख्त रुख की वजह से हमेशा चर्चा में रहे आरबीआई के गर्वनर रघुराम राजन जाते जाते भी सरकार को कोई राहत नहीं दे गए। रिजर्व बैंक के गर्वनर के तौर पर अपनी अंतिम मॉनिटरी पॉलिसी में भी राजन पिघलते नजर नहीं आए। नतीजतन, आरबीआई के रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया। यह पहले की तरह ही रेपो रेट 6.5 फीसदी और सीआरआर यानि रिवर्स रेपो रेट 4 फीसदी पर बरकरार है।
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आरबीआई द्वारा जारी सूचना के अनुसार बैंक की मानिटरी पॉलिसी में पहले के मुकाबले कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह पहले की तरह ही रेपो रेट 6.5 फीसदी और सीआरआर यानि रिवर्स रेपो रेट 4 फीसदी पर बरकरार है। मतलब साफ है कि आरबीआई ने आरआर और सीआरआर में कोई बदलाव नहीं किया है तो ब्याज दरों में भी आम आदमी को कोई राहत नहीं मिल सकेगी।
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हालांकि रिजर्व बैंक ने मार्च 2017 तक खुदरा महंगाई दर भी पांच फीसदी रहने का अनुमान जताया है। इसके अलावा आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष के लिए 7.6 फीसदी वृदि्ध धर रहने का अनुमान जताया है। बता दें कि आरबीआई के गर्वनर रघुराम राजन का मौजूदा कार्यकाल 3 सितंबर को खत्म हो रहा है। इसके बाद अगली मॉनिटरी पॉलिसी 4 अक्टूबर को पेश की जाएगी। ऐसे में ब्याज दरों में राहत की सारी उम्मीदें नए गर्वनर पर ही टिकी हैं।
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