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फेसबुक डेटा लीक मामला: रविशंकर प्रसाद बोले- ईमानदारी की मांग है कि राहुल गांधी देश से मांफी मांगे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Updated Wed, 11 Apr 2018 06:03 PM IST
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रविशंकर प्रसाद, राहुल गांधी
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भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को एक बार फिर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर हमला बोला है। भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी से कथित तौर पर कैंब्रिज एनालिटिका के डेटा का इस्तेमाल करने के लिए माफी मांगने को कहा है। प्रसाद ने कहा कि उन्हें देश के मतदाताओं से वादा करना चाहिए कि वह भविष्य में इस तरह का हेरफेर दोबारा नहीं करेंगे।
प्रसाद ने ट्वीट करके कहा कि ईमानदारी की मांग यह है कि वह भविष्य में मतदाताओं को गलत तरीके से प्रभावित करने का प्रयास नहीं करेंगे। बता दें कि चुनावों को प्रभावित करने में कैंब्रिज एनालिटिका की भूमिका सामने आई थी। जिसके बाद फेसबुक ने आश्वासन दिया है कि वह इसे रोकेगी और आगे से ऐसी गलती नहीं होगी। इसके लिए फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग ने माफी मागी है। उन्होंने कहा कि हमसे गलती हुई है हमें ध्यान रखना चाहिए था। हम इस गलती को दोबारा दोहराना नहीं चाहते हैं। इसका पूरा ध्यान रखा जाएगा।
गौरतलब है कि जुकरबर्ग ने स्वीकार किया है कि करीब 8.7 करोड़ फेसबुक उपयोक्ताओं की निजी जानकारी ब्रिटिश कंपनी कैम्ब्रिज एनालिटिका के साथ गलत तरीके से साझा की गयी है।
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बता दें कि कैंब्रिज एनालिटिका के पूर्व कर्मचारी वाइली ने ब्रिटिश संसद की डिजिटल, कल्चर, मीडिया एंड स्पोर्ट्स (डीसीएमएस) कमेटी को बताया था कि सीए भारत में बड़े पैमाने पर काम करती थी। उसका मानना है कि कांग्रेस भी उसके क्लाइंट में से एक थी।
वाइली के दस्तावेज के अनुसार, 2011-12 में एक राष्ट्रीय पार्टी के लिए उत्तर प्रदेश में जातिगत जनगणना और जाति आधारित रिसर्च अभियान चलाया गया। इस रिसर्च में जाति आधारित ढांचे और राज्य में इसकी पैठ का विश्लेषण किया गया। ताकि पार्टी के कोर वोटर और राय बदलने वाले वोटरों की पहचान का पता लगाकर किसी नतीजे पर पहुंचा जा सके।
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प्रसाद ने ट्वीट करके कहा कि ईमानदारी की मांग यह है कि वह भविष्य में मतदाताओं को गलत तरीके से प्रभावित करने का प्रयास नहीं करेंगे। बता दें कि चुनावों को प्रभावित करने में कैंब्रिज एनालिटिका की भूमिका सामने आई थी। जिसके बाद फेसबुक ने आश्वासन दिया है कि वह इसे रोकेगी और आगे से ऐसी गलती नहीं होगी। इसके लिए फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग ने माफी मागी है। उन्होंने कहा कि हमसे गलती हुई है हमें ध्यान रखना चाहिए था। हम इस गलती को दोबारा दोहराना नहीं चाहते हैं। इसका पूरा ध्यान रखा जाएगा।
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गौरतलब है कि जुकरबर्ग ने स्वीकार किया है कि करीब 8.7 करोड़ फेसबुक उपयोक्ताओं की निजी जानकारी ब्रिटिश कंपनी कैम्ब्रिज एनालिटिका के साथ गलत तरीके से साझा की गयी है।
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बता दें कि कैंब्रिज एनालिटिका के पूर्व कर्मचारी वाइली ने ब्रिटिश संसद की डिजिटल, कल्चर, मीडिया एंड स्पोर्ट्स (डीसीएमएस) कमेटी को बताया था कि सीए भारत में बड़े पैमाने पर काम करती थी। उसका मानना है कि कांग्रेस भी उसके क्लाइंट में से एक थी।
वाइली के दस्तावेज के अनुसार, 2011-12 में एक राष्ट्रीय पार्टी के लिए उत्तर प्रदेश में जातिगत जनगणना और जाति आधारित रिसर्च अभियान चलाया गया। इस रिसर्च में जाति आधारित ढांचे और राज्य में इसकी पैठ का विश्लेषण किया गया। ताकि पार्टी के कोर वोटर और राय बदलने वाले वोटरों की पहचान का पता लगाकर किसी नतीजे पर पहुंचा जा सके।