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राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच: '2047 तक सशक्त और भयमुक्त देश बनेगा भारत', मंथन 2025 में बोले इन्द्रेश कुमार
Fri, 28 Mar 2025 09:16 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: पवन पांडेय
Updated Fri, 28 Mar 2025 09:16 PM IST
सार
राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच के दो दिवसीय सम्मेलन 'मंथन 2025' का दिल्ली में शुक्रवार को उद्घाटन हुआ। सम्मेलन के पहले दिन विकसित भारत बनाने के लक्ष्य समेत कई अन्य मुद्दों पर बात हुई।
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राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच का दो दिवसीय सम्मेलन मंथन 2025
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
'भारत सुखी-संपन्न देश था और 2047 तक ये एक बार फिर दुनिया का सबसे समृद्ध और सशक्त देश बन जाएगा।' ये विचार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य और राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच के मुख्य संरक्षक डॉ. इंद्रेश कुमार ने व्यक्त किए। वे राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच, आईसीएसएसआर और सेंटर फॉर हिमालयन स्टडीज, दिल्ली विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वाधान में शुक्रवार से शुरू हुए दो दिवसीय सम्मेलन 'मंथन 2025' में संबोधित कर रहे थे।
'अपना खोया वैभव फिर से हासिल करेगा भारत'
दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस में शुरू हुए इस सम्मेलन के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. इंद्रेश कुमार ने कहा कि भारत अपने दृढ़ विश्वास और मजबूत संकल्प के बूते अपना खोया हुआ वैभव फिर से हासिल कर लेगा। यह काम केवल सरकार और संगठन के बूते संभव नहीं है, इसके लिए देश के एक-एक नागरिक को अपना योगदान देना होगा। बहुत जल्द भारत ऐसा देश बनेगा, जो भयमुक्त, अपराधमुक्त, भ्रष्टाचारमुक्त, दंगामुक्त, सुखी, समृद्ध और पूरे विश्व को मोहब्बत का संदेश देने वाला होगा।
यह भी पढ़ें - Prisoners Release: 2014 के बाद विदेशी जेलों से 10 हजार भारतीय कैदियों को मुक्ति, जानिए किस देश से कितनी रिहाई
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हमें वजूद बढ़ाने की आवश्यकता- इंद्रेश कुमार
उन्होंने कहा कि भारतीय खाना, जिसे हम प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं, विश्व को हमारे इस दर्शन को समझना होगा। प्रसाद बर्बाद नहीं किए जाते। भोजन और प्रसाद को ग्रहण करने में दृष्टिकोण बदल जाते हैं। भारत के इस दर्शन को अगर विश्व आत्मसात कर ले तो विश्व से भुखमरी की समस्या समाप्त हो जाएगा। हमें वजन नहीं, बल्कि वजूद बढ़ाने की आवश्यकता है।
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'अपना खोया वैभव फिर से हासिल करेगा भारत'
दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस में शुरू हुए इस सम्मेलन के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. इंद्रेश कुमार ने कहा कि भारत अपने दृढ़ विश्वास और मजबूत संकल्प के बूते अपना खोया हुआ वैभव फिर से हासिल कर लेगा। यह काम केवल सरकार और संगठन के बूते संभव नहीं है, इसके लिए देश के एक-एक नागरिक को अपना योगदान देना होगा। बहुत जल्द भारत ऐसा देश बनेगा, जो भयमुक्त, अपराधमुक्त, भ्रष्टाचारमुक्त, दंगामुक्त, सुखी, समृद्ध और पूरे विश्व को मोहब्बत का संदेश देने वाला होगा।
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हमें वजूद बढ़ाने की आवश्यकता- इंद्रेश कुमार
उन्होंने कहा कि भारतीय खाना, जिसे हम प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं, विश्व को हमारे इस दर्शन को समझना होगा। प्रसाद बर्बाद नहीं किए जाते। भोजन और प्रसाद को ग्रहण करने में दृष्टिकोण बदल जाते हैं। भारत के इस दर्शन को अगर विश्व आत्मसात कर ले तो विश्व से भुखमरी की समस्या समाप्त हो जाएगा। हमें वजन नहीं, बल्कि वजूद बढ़ाने की आवश्यकता है।
राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच का दो दिवसीय सम्मेलन 'मंथन 2025'
- फोटो : अमर उजाला
मानव प्रेम को जागृत करना आवश्यक- राधे श्याम शर्मा
पूर्व कुलपति प्रो. राधे श्याम शर्मा ने कहा कि हमें एकजुट होकर कार्य करने की आवश्यकता है। समाज कल्याण के लिए मानव प्रेम को जागृत करना आवश्यक है। विशेष अतिथि जनरल सौरेश भट्टाचार्या ने कहा कि भारत को समृद्ध बनाने के लिए युवाओं को आगे आना होगा। विकसित भारत का सपना अब साकार होने के मार्ग पर है। फैन्स (FANS) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष सरदार जसबीर सिंह ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। विश्व स्तर पर हमारी परंपराएं, दर्शन और ज्ञान प्रणाली भारत को एक मजबूत वैश्विक उपस्थिति दिला सकती है। राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच के विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि देश और दुनिया के ज्वलंत मुद्दे और भविष्य की चिंता जैसे विषयों पर हमारे विद्वान मंथन करेंगे।
यह भी पढ़ें - Indian Navy: नौसेना परिवारों के लिए बढ़ेंगे शिक्षा और कौशल विकास के अवसर, NWWA ने HGI के साथ किया समझौता
सम्मेलन में कई मेहमान भी रहे मौजूद
इस वर्ष सम्मेलन का मुख्य विषय 'विकसित भारत - दिव्य भारत @2047: राष्ट्रीय सुरक्षा, क्षमता निर्माण और सांस्कृतिक कूटनीति की दृष्टि' है। दो दिवसीय इस राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में गोलोक बिहारी राय, प्रो मुजाहिद बेग, प्रो सरोज कुमार महानन्दा, डॉ मनीष कर्मवार, प्रो रेखा सक्सेना, अरूण कुमार, विरेन्द्र कुमार चौधरी, राजीव कुमार रंजन, मिथिलेश झा, शैलेश वत्स, गीता रौतेला, डॉ विवेक सिंह, डॉ राजीव रंजन, डॉ अमित सिंह, डॉ इंद्रप्रीत कौर, डॉ यशश्वी सिंह, डॉ पूजा, छत्तर सिंह, मयंग शेखर, हदुंगरा नरज़री, डॉ शिवानी राय, डॉ दीपक पाल, डॉ गौरव शर्मा, सूरज देव समेत डीयू, जेएनयू, जामिया, इग्नू के शिक्षक और छात्र बड़ी संख्या में मौजूद थे।
पूर्व कुलपति प्रो. राधे श्याम शर्मा ने कहा कि हमें एकजुट होकर कार्य करने की आवश्यकता है। समाज कल्याण के लिए मानव प्रेम को जागृत करना आवश्यक है। विशेष अतिथि जनरल सौरेश भट्टाचार्या ने कहा कि भारत को समृद्ध बनाने के लिए युवाओं को आगे आना होगा। विकसित भारत का सपना अब साकार होने के मार्ग पर है। फैन्स (FANS) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष सरदार जसबीर सिंह ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। विश्व स्तर पर हमारी परंपराएं, दर्शन और ज्ञान प्रणाली भारत को एक मजबूत वैश्विक उपस्थिति दिला सकती है। राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच के विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि देश और दुनिया के ज्वलंत मुद्दे और भविष्य की चिंता जैसे विषयों पर हमारे विद्वान मंथन करेंगे।
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सम्मेलन में कई मेहमान भी रहे मौजूद
इस वर्ष सम्मेलन का मुख्य विषय 'विकसित भारत - दिव्य भारत @2047: राष्ट्रीय सुरक्षा, क्षमता निर्माण और सांस्कृतिक कूटनीति की दृष्टि' है। दो दिवसीय इस राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में गोलोक बिहारी राय, प्रो मुजाहिद बेग, प्रो सरोज कुमार महानन्दा, डॉ मनीष कर्मवार, प्रो रेखा सक्सेना, अरूण कुमार, विरेन्द्र कुमार चौधरी, राजीव कुमार रंजन, मिथिलेश झा, शैलेश वत्स, गीता रौतेला, डॉ विवेक सिंह, डॉ राजीव रंजन, डॉ अमित सिंह, डॉ इंद्रप्रीत कौर, डॉ यशश्वी सिंह, डॉ पूजा, छत्तर सिंह, मयंग शेखर, हदुंगरा नरज़री, डॉ शिवानी राय, डॉ दीपक पाल, डॉ गौरव शर्मा, सूरज देव समेत डीयू, जेएनयू, जामिया, इग्नू के शिक्षक और छात्र बड़ी संख्या में मौजूद थे।