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राष्ट्रपति बनकर दुनिया के दूसरे बड़े महल में रहेंगे कोविंद, मिलेंगी ये तमाम सुविधाएं
amarujala.com- Written by: श्रवण शुक्ला
Updated Tue, 25 Jul 2017 01:17 PM IST
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नरेंद्र मोदी, रामनाथ कोविंद और अमित शाह
- फोटो : DNA
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रामनाथ कोविंद देश के राष्ट्रपति पद पर चुने जा चुके हैं। शपथ के बाद वो दुनिया की सबसे खूबसूरत और महंगी इमारतों में से एक के निवासी हो गए हैं। प्रथम नागरिक बनते ही सबसे ज्यादा सुरक्षित और सबसे महंगे 'राष्ट्रपति भवन' में रहने लगे हैं।
उनके कहीं आने जाने के लिए शाही लिमोजिन कार भी उपलब्ध होगी। ये कार दुनिया के सबसे सुरक्षित वाहनों में से एक मानी जाती है। इस कार की खूबियां भी ऐसी हैं कि आप सुनकर हैरत में पड़ जाएंगे।
इन सबके अलावा राष्ट्रपति के तौर पर रामनाथ कोविंद देश में सबसे ज्यादा वेतन लेने वाले संवैधानिक व्यक्ति भी बन गए हैं। चलिए आपको रूबरू कराते हैं ऐसी ही कुछ खास बातों से जिनके भागीदार हैं रामनाथ कोविंद।
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उनके कहीं आने जाने के लिए शाही लिमोजिन कार भी उपलब्ध होगी। ये कार दुनिया के सबसे सुरक्षित वाहनों में से एक मानी जाती है। इस कार की खूबियां भी ऐसी हैं कि आप सुनकर हैरत में पड़ जाएंगे।
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इन सबके अलावा राष्ट्रपति के तौर पर रामनाथ कोविंद देश में सबसे ज्यादा वेतन लेने वाले संवैधानिक व्यक्ति भी बन गए हैं। चलिए आपको रूबरू कराते हैं ऐसी ही कुछ खास बातों से जिनके भागीदार हैं रामनाथ कोविंद।
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राष्ट्रपति भवन की खूबियां
- वास्तुकार लुटियंस ने राष्ट्रपति भवन का नक्शा तैयार किया था, साथ ही आसपास की रिहाइशों की भी। इसीलिए, इस पूरे इलाके को लुटियंस जोन कहा जाता है। कभी अंग्रेजी वायसराय के लिए बनाया गया अब का राष्ट्रपति भवन बेहद शानदार ऐतिहासिक विरासत समेटे हुए है। इस राष्ट्रपति भवन के मुखिया के तौर पर किसान के बेटे से लेकर डॉ कलाम जैसे वैज्ञानिक का नाम दर्ज है।
- कभी साम्राज्यवाद के प्रतीक रहा वायसराय हाउस आज दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का सबसे बेहतरीन उदाहरण है। भारत के राष्ट्रपति का भवन दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा रिहायशी भवन है। इसे बनाने में पूरे 17 साल लग गए थे। राष्ट्रपति भवन को 29 हजार लोगों ने बनाया और साल 1929 में ब्रिटिश सरकार को सौंप दिया गया। राष्ट्रपति भवन में शानदार 300 कमरे हैं। मौजूदा समय में भले ही दूसरे देशों के राष्ट्राध्यक्ष कहीं और रुकते हों, पर पहले राष्ट्रध्यक्षों के लिए भी रुकने की व्यवस्था यहीं हुआ करती थी।
- राष्ट्रपति भवन में मौजूदा समय में करीब 750 लोग काम करते हैं। इनमें से 50 तो रसोइए ही हैं, जो एक इशारे पर दुनिया की कोई भी डिश बना देते हैं। यहीं पर शानदार मुगल गार्डन है।
- कभी साम्राज्यवाद के प्रतीक रहा वायसराय हाउस आज दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का सबसे बेहतरीन उदाहरण है। भारत के राष्ट्रपति का भवन दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा रिहायशी भवन है। इसे बनाने में पूरे 17 साल लग गए थे। राष्ट्रपति भवन को 29 हजार लोगों ने बनाया और साल 1929 में ब्रिटिश सरकार को सौंप दिया गया। राष्ट्रपति भवन में शानदार 300 कमरे हैं। मौजूदा समय में भले ही दूसरे देशों के राष्ट्राध्यक्ष कहीं और रुकते हों, पर पहले राष्ट्रध्यक्षों के लिए भी रुकने की व्यवस्था यहीं हुआ करती थी।
- राष्ट्रपति भवन में मौजूदा समय में करीब 750 लोग काम करते हैं। इनमें से 50 तो रसोइए ही हैं, जो एक इशारे पर दुनिया की कोई भी डिश बना देते हैं। यहीं पर शानदार मुगल गार्डन है।
कार की खूबियां
- मर्सिडीज बेंज एस-600 पुलमैन लिमोजिन कार की सामान्य कीमत मौजूदा समय में ढ़ाई करोड़ रुपए के आसपास है। पर ये कार कोई सामान्य कार नहीं है, इसलिए इसकी असल कीमत कई गुना ज्यादा हो सकती है। इसे इस तरह से बनाया गया है कि हैंड ग्रेनेड से भी हमले की सूरत में कुछ नहीं होगा। यही नहीं, छोटी मिसाइल के हमले का भी इस कार पर असर नहीं होगा।
- खास बात ये है कि इस कार में कोई रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं होता और राष्ट्रपति अगर किसी भी अधिकारी से बात करना चाहे, तो वो आपात स्थिति में भी ऐसा कर सकते हैं। ये कार सेटेलाइट से जुड़ी होती है।
- राष्ट्रपति की मर्सिडीज बेंज एस-600 पुलमैन लिमोजिन कार बीआर 7 स्तर की सिक्यूरिटी से लैस होती है। इस कार के टायर पर भी निशाना लगाकर कार को रोकने की कोशिश बेकार ही होगी। ऐसा इसलिए क्योंकि इस कार की रिम भी कस्टमाइज्ड होने के साथ ही किसी भी हमले को झेलने की क्षमता रखती है। यही नहीं, टायर फटने के बावजूद ये कार सैकड़ों किलोमीटर चलने की हालत में होगी। कार के अंदर केबिन भी बेहद सुरक्षित है। इस कार में सिर्फ ड्राइवर की सीट की तरफ का ही सीसा खुलता है। राष्ट्रपति की पास ही ऑटोमेटेड लॉक कंट्रोल्स जैसा सिस्टम भी रहता है।
- खास बात ये है कि इस कार में कोई रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं होता और राष्ट्रपति अगर किसी भी अधिकारी से बात करना चाहे, तो वो आपात स्थिति में भी ऐसा कर सकते हैं। ये कार सेटेलाइट से जुड़ी होती है।
- राष्ट्रपति की मर्सिडीज बेंज एस-600 पुलमैन लिमोजिन कार बीआर 7 स्तर की सिक्यूरिटी से लैस होती है। इस कार के टायर पर भी निशाना लगाकर कार को रोकने की कोशिश बेकार ही होगी। ऐसा इसलिए क्योंकि इस कार की रिम भी कस्टमाइज्ड होने के साथ ही किसी भी हमले को झेलने की क्षमता रखती है। यही नहीं, टायर फटने के बावजूद ये कार सैकड़ों किलोमीटर चलने की हालत में होगी। कार के अंदर केबिन भी बेहद सुरक्षित है। इस कार में सिर्फ ड्राइवर की सीट की तरफ का ही सीसा खुलता है। राष्ट्रपति की पास ही ऑटोमेटेड लॉक कंट्रोल्स जैसा सिस्टम भी रहता है।
राष्ट्रपति का वेतन
भारत के राष्ट्रपति की सैलरी सातवें वेतन आयोग के आने के बाद 200 गुना बढ़ाई गई है। मौजूदा समय में राष्ट्रपति का वेतन 5 लाख रुपए प्रति माह के आस-पास है। सातवें वेतन आयोग के आने से पहले राष्ट्रपति का वेतन 1.5 लाख रुपए प्रतिमाह था, जो सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के लागू हो जाने के बाद राष्ट्रपति का वेतन कैबिनेट सचिव से भी कम हो गया था।
पर बाद में केंद्र सरकार ने राष्ट्रपति की सैलरी में 200 फीसदी से भी ज्यादा की बढ़ोतरी कर दी। इसके तहत राष्ट्रपति की तनख्वाह 3 लाख रुपए प्रति माह के अलावा तमाम भत्तों को जोड़कर लगभग 5 लाख रुपए हो गए हैं।
इसके अलावा दो टेलीफोन (एक लैंडलाइन फोन और एक ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी वाली लाइन), एक मोबाइल फोन (जिसमें नेशनल रोमिंग एक्टिवेट हो), कार, प्राइवेट सेक्रेटरी, एडिशनल प्राइवेट सेक्रेटरी के साथ ही पर्सनल असिस्टेंट, दो सहायक और प्रति माह कार्यालय के खर्च के तौर पर 60 हजार रुपए अतिरिक्त मिलते हैं।
पर बाद में केंद्र सरकार ने राष्ट्रपति की सैलरी में 200 फीसदी से भी ज्यादा की बढ़ोतरी कर दी। इसके तहत राष्ट्रपति की तनख्वाह 3 लाख रुपए प्रति माह के अलावा तमाम भत्तों को जोड़कर लगभग 5 लाख रुपए हो गए हैं।
इसके अलावा दो टेलीफोन (एक लैंडलाइन फोन और एक ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी वाली लाइन), एक मोबाइल फोन (जिसमें नेशनल रोमिंग एक्टिवेट हो), कार, प्राइवेट सेक्रेटरी, एडिशनल प्राइवेट सेक्रेटरी के साथ ही पर्सनल असिस्टेंट, दो सहायक और प्रति माह कार्यालय के खर्च के तौर पर 60 हजार रुपए अतिरिक्त मिलते हैं।