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Ramlala: 'रामलला का आना, रामराज्य की शुरुआत', सनातन संस्थान की आध्यात्मिक गुरु 'रामोत्सव' में हुईं थीं शामिल
Tue, 23 Jan 2024 07:41 PM IST
आदर्श शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या
Published by: आदर्श शर्मा
Updated Tue, 23 Jan 2024 07:41 PM IST
सार
ऐतिहासिक श्रीराम मंदिर में मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में सनातन संस्था की आध्यात्मिक गुरु मां बिंदा सिंगबाल और मां अंजली गाडगील मौजूद रहीं। गौरतलब है कि श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने सनातन संस्था की दोनों आध्यात्मिक गुरुओं को आमंत्रित किया था।
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मां बिंदा सिंगबाल और मां अंजली गाडगील
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
500 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद सोमवार को अयोध्या में आखिरकार रामलला विराजमान हो गए। देश और विदेश में भी इस कार्यक्रम को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया। इसी बीच रामोत्सव कार्यक्रम में बड़ी संख्या में देशभर की बड़ी हस्तियों ने शिरकत की। आध्यात्मिक गुरुओं, राजनेताओं, अभिनेताओं ने इस कार्यक्रम में बढ-चढ़ कर हिस्सा लिया था।
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ऐतिहासिक श्रीराम मंदिर में मूर्ति के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में सनातन संस्था की आध्यात्मिक गुरु मां बिंदा सिंगबाल और मां अंजली गाडगील भी मौजूद रहीं। गौरतलब है कि श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने सनातन संस्था की दोनों आध्यात्मिक गुरुओं को आमंत्रित किया था।
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'राम मंदिर का निर्माण अधर्म पर धर्म की विजय'
सनातन संस्था की विज्ञप्ति में आध्यात्मिक गुरु मां अंजली गाडगील ने कहा कि हिमालय से हिंद महासागर तक प्रत्येक को एकता के धागे में पिरोने वाले श्रीराम एक अलौकिक राष्ट्रसूत्र हैं। श्री राम मंदिर का निर्माण न केवल अधर्म पर धर्म की विजय दिखाता है, बल्कि कलयुग में सत्ययुग का निर्माण, सुखी, समृद्ध सुराज्य के सूर्योदय की शुरुआत को दर्शाता है।
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मां बिंदा सिंगबाल ने कहा कि राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम सनातनियों के लिए महत्वपूर्ण दिन था। रामलला का राम मंदिर में स्थापित होना, रामराज्य की शुरुआत है।