दिल्ली में हुए दंगों के लिए कांग्रेस और आप जिम्मेदार: आठवले
केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने दिल्ली में हुए दंगों के लिए कांग्रेस और आम आदमी पार्टी को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि इस दंगे में किसी की भी मौत पुलिस की गोली से नहीं हुई। यह एक सुनियोजित साजिश थी। आठवले ने शुक्रवार को महाराष्ट्र विधान भवन में पत्रकारों से बातचीत में यह आरोप लगाया।
आठवले ने कहा कि नागरिक संशोधन कानून (सीएए) से देश के किसी भी नागरिक की नागरिकता नहीं जाएगी। केंद्र सरकार ने बार-बार यह स्पष्ट किया है। लेकिन कांग्रेस पार्टी लोगों को गुमराह कर रही है। इस दंगे में 48 लोगों की मौत हुई। जो दुखद है। यह मौतें एक दूसरे पर हमले में हुई हैं। पुलिस की गोली से किसी की मौत नहीं हुई है।
आठवले ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और आप ने दिल्ली में दंगा कराया। शाहीन बाग में लोग धरने पर बैठे हैं। एनआरसी असम के अलावा अभी कहीं भी लागू नहीं है। कांग्रेस ने हमेशा भड़काने का काम किया है। ऐसे समय में सरकार को बल देने की आवश्यकता होती है। राहुल गांधी हमेशा उल्टा-सीधा बोलते रहते हैं, वे जितना मोदी के खिलाफ बोलते हैं उससे मोदी की ताकत और बढ़ती है।
भीमा कोरेगांव मामला वापस लेने की घोषणा पुरानी
भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में केस वापस लेने की घोषणा नई नहीं है। आठवले ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पहले ही विधानसभा में घोषणा की थी कि जिन लोगों के खिलाफ जांच में संगीन आरोप नहीं पाए जाएंगे, वह केस वापस लिए जाएंगे।
आठवले ने मांग की कि भीमा कोरेगांव और मराठा आंदोलन के बाकी मामले भी वापस लिए जाएं। उन्होंने कहा कि नक्सलवादी हों या माओवादी, वह नेपाल के पुष्पकमल दहल प्रचंड की तरह राजनीति की मुख्यधारा में आएं।
पूरे देश में हो जाति आधारित जनगणना
रामदास आठवले ने कहा कि पूरे देश में जाति आधारित जनगणना होनी चाहिए। जाति आधारित जनगणना हुई तो यह पता चलेगा कि किस जाति के कितने लोग हैं। उन्होंने कहा कि मैं यह मानने के लिए तैयार नहीं हूं कि जनगणना से जातिवाद बढ़ेगा। आठवले ने माना कि जातिवाद खत्म होना चाहिए, लेकिन इतनी जल्दी यह खत्म नहीं होगा।
ठाकरे का सपना पूरा करना है तो भाजपा के साथ आएं उद्धव
आठवले ने कहा कि दिवंगत शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे जीवनभर कांग्रेस से लड़े। आज उद्धव ठाकरे कांग्रेस के साथ सरकार में हैं। उन्होंने कहा कि अगर बाल ठाकरे का सपना पूरा करना है तो फिर से भाजपा और आरपीआई के साथ आएं। एक सवाल के जवाब में आठवले ने कहा कि महाराष्ट्र में तीन पहिए की सरकार है। कुछ दिन चली तो ठीक, नहीं तो हम सरकार चलाएंगे।