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मंदिर में हवन, पूजन, प्रसाद, भंडारा के साथ समाप्त हो जाएगा चैत्र का नवरात्र

Sun, 25 Mar 2018 06:05 AM IST
ब्यूरो, नई दिल्ली
ब्यूरो, नई दिल्ली Updated Sun, 25 Mar 2018 06:05 AM IST
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rama navami 2018 navratri 2018 : The last day of chaitra navratra
दिल्ली के कालकाजी मंदिर में दर्शन के लिए उमड़ी भक्तों की भीड़ - फोटो : ANI
देश भर में चैत्र नवरात्र का पूजन अब अपने आखिरी दौर में है। राजधानी के तमाम शक्तिपीठों और मंदिरों में आस्थावान श्रद्धालुओं का तांता लग गया है। आज राम नवमी है। इस दिन जहां मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा अर्चना के बाद हवन, यज्ञ किया जाता है।
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इसके लिए छतरपुर स्थित श्री आद्याकात्यायनी शक्तिपीठ मंदिर, कालका जी मंदिर, श्री राजमाता झंडेवाला मंदिर और महरौली स्थिति प्राचीन राष्ट्रीय योगशक्तिपीठ मंदिर में पूर्जा, अर्चना के लिए श्रदलुओं उमड़ने लगे हैं।
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महरौली स्थित प्राचीन योगशक्ति पीठ मंदिर में देश भर से साधु संत, महामंडलेश्वर, शंकराचार्य, धर्मोपदेशक भी पधार रहे हैं। यहां योगशक्ति पीठ के संस्थापक रामजी दास (रसायनी बाबा) के मार्ग दर्शन में वैदिक परंपरा के अनुरुप शतचंडी पाठ, राम चरित मानस का पाठ, भजन, कीर्तन का क्रम चल रहा है।
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मंदिर के पुजारी के अनुसार प्रातिदिन सुबह 8-12 बजे तक मां की आराधना और पाठ के बाद भंडारा का आयोजन होता है और अंतिम व्यक्ति के प्रसाद प्राप्त करने के बाद इसका समापन होता है।  इसके बाद राम की कथा, चर्चा, कीर्तन और मां की पूजा की जाती है।

संतों की देख रेख में संपन्न होगा यज्ञ

पीठ के पुजारी के अनुसार 25 मार्च को मां दुर्गा के नौ रूपों की पूर्जा अर्चना के बाद मंदिर प्रांगण में पूर्ण आहुति होगी। इस यज्ञ में परमार्थ निकेतन उत्तराखंड के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती, अंतरराष्ट्रीय धर्मोपदेशक सुश्री भगवती सरस्वती और श्रीश्री 108 जगतगुरू रामानुजा श्री रघुनाथ देशिक आचार्य जी की देखरेख में आहुति डाली जाएगी। इसके लिए बड़ी यज्ञशाला बनाई गई है और रविवार को होने वाले आयोजन के लिए तमाम तैयारियां चल रही है।

रामनवमी का भी है महत्व

कल के दिन का खास धार्मिक महत्व है। सनातन धर्म परंपरा की मान्यता के अनुसार चैत्र की रामनवमी के दिन अयोध्या के महाराज दशरथ को विष्णु के सातवें अवतार के रूप में राम जैसे पुत्र की प्राप्ति हुई थी। इसी दिन मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम का जन्म हुआ था। रामनवमी के दिन अयोध्या से लेकर पूरे देश और विश्व में व्रत रखकर, राम की पूजा करके श्रद्धालु उनका जन्मदिन मनाते हैं।


श्री योगशक्ति पीठ मंदिर समेत तमाम मंदिरों में रामनवमी को केन्द्र में रखकर भी पूजा पाठ की तैयारियां चल रही है। बताते चलें कि चैत्र प्रतिपदा के साथ ही सनातन धर्म परंपरा के अनुसार हिन्दुओं का नया भी साल शुरू हो जाता है।
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