लोकसभा स्थगन पर बोले पासवान, कहा- मेरे भाई की मृत्यु पर राजनीति नहीं होनी चाहिए
केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने सोमवार को कहा कि उनके भाई की मृत्यु की वजह से लोकसभा को पूरा दिन स्थगित किए जाने के स्थान पर दोपहर दो बजे तक के स्थगन के फैसले पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। बता दें कि रामविलास पासवान के छोटे भाई और सांसद राम चंद्र पासवान की सोमवार को मृत्यु हो गई थी। वह दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती थे। समस्तीपुर से लोकसभा सांसद रामचंद्र को 12 जुलाई को दिल का दौरा पड़ा था, जिसके बाद से उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी।
मेरे प्यारे भाई स्वर्गीय रामचन्द्र पासवान के निधन पर सदन के प्रस्ताव के मुताबिक़ दो बजे तक के लिए लोकसभा को स्थगित किया जाना हमारे परिवार के प्रति सदन की संवेदना को व्यक्त करता है। सदन ने नई परम्परा शुरू की है जिससे दो बजे के बाद सदन का कामकाज सुचारू रूप से चल सके। (1/2)
— Ram Vilas Paswan (@irvpaswan) July 22, 2019विज्ञापन
पासवान ने यह बयान तब दिया जब विपक्ष ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने दोपहर दो बजे कर लोकसभा स्थगित करने के फैसले पर आपत्ति जताई। दरअसल, लोकसभा की परंपरा है कि यदि सदन का सत्र चालू है और किसी सदस्य की मृत्यु हो जाती है तो पूरे दिन के लिए कार्रवाई स्थगित की जाती है। बता दें कि कांग्रेस नेता अधीर चौधरी ने लोकसभा में स्पीकर से अनुरोध किया था कि वो सदन को पूरे दिन के लिए स्थगित करने की परंपरा को समाप्त न करें।
केंद्रीय मंत्री पासवान ने ट्वीट किया, 'मेरे प्यारे भाई स्वर्गीय रामचंद्र पासवान के निधन पर सदन के प्रस्ताव के मुताबिक दो बजे तक के लिए लोकसभा को स्थगित किया जाना हमारे परिवार के प्रति सदन की संवेदना को व्यक्त करता है। सदन ने नई परम्परा शुरू की है जिससे दो बजे के बाद सदन का कामकाज सुचारू रूप से चल सके।' एक और ट्वीट में उन्होंने कहा कि रामचंद्र पासवान पिछड़े और कमजोर वर्ग के नेता और उनकी आवाज रहे हैं। उनकी मृत्यु पर किसी भी प्रकार की राजनीति न करें।
रामचंद्र पासवान दलितों व कमज़ोरों की आवाज़ व नेता रहें इसमें किसी भी प्रकार की राजनीति नहीं की जाए। (2/2)
— Ram Vilas Paswan (@irvpaswan) July 22, 2019