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राममंदिर पर पासवान ने किया अध्यादेश का विरोध, कहा- सुप्रीम कोर्ट  का फैसला अंतिम होगा

Thu, 03 Jan 2019 07:21 PM IST
आसिम खान भाषा, नई दिल्ली
भाषा, नई दिल्ली Published by: आसिम खान Updated Thu, 03 Jan 2019 07:21 PM IST
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Ram Vilas Paswan opposes ordinance on Ram temple

भाजपा के सहयोगी और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने बृहस्पतिवार को राम मंदिर मुद्दे पर अध्यादेश का विरोध किया और कहा कि मामले में सुप्रीम कोर्ट का निर्णय अंतिम होना चाहिए। लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘राम मंदिर के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट जो भी निर्णय दे वह सभी को स्वीकार्य होना चाहिए, चाहे वे हिंदू हों, मुस्लिम हों या अन्य समुदाय के लोग हों। हमारा रूख एक समान रहा है। 

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प्रधानमंत्री ने जब कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का इंतजार करेंगे तो सभी अगर-मगर खत्म हो जाना चाहिए।’’ यह पूछने पर कि इस मुद्दे पर क्या वह अध्यादेश का समर्थन करेंगे तो पासवान ने कहा कि उनका रूख एकसमान रहा है और वह इसका समर्थन नहीं करेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा था कि इस मुद्दे पर सरकार कोई निर्णय नहीं करेगी जब तक कि न्यायिक प्रक्रिया खत्म नहीं हो जाती है। 
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विश्व हिंदू परिषद् जैसे हिंदुवादी समूह अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए अध्यादेश लाने की मांग करते रहे हैं। लोजपा अध्यादेश का विरोध करने वाली भाजपा की दूसरी बड़ी सहयोगी है। इससे पहले हाल में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि विवादास्पद मुद्दे को या तो अदालत के फैसले के माध्यम से या फिर विभिन्न समूहों के बीच परस्पर सहमति से हल किया जाना चाहिए।

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