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Ram Navami: कलकत्ता हाईकोर्ट ने हावड़ा में जुलूस निकालने की दी अनुमति, 200 लोग ही आयोजन में हो सकते हैं शामिल
Mon, 15 Apr 2024 08:17 PM IST
जलज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: जलज मिश्रा
Updated Mon, 15 Apr 2024 08:17 PM IST
सार
न्यायमूर्ति जय सेनगुप्ता ने विश्व हिंदू परिषद को जुलूस की अनुमति देते हुए कहा कि कोई भी उत्तेजक नारे नहीं लगाए जाएंगे। रास्ते में बिना रुके ही आगे बढ़ना होगा। अदालत ने आदेश दिया कि जुलूस में अधिकतम 200 प्रतिभागी ही शामिल हो सकते हैं।
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Court Room
- फोटो : ANI
विस्तार
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने सोमवार को हावड़ा शहर में रामनवमी पर जुलूस निकालने की अनुमति दे दी है। कोर्ट ने शर्त लगाई है कि आयोजन बिना की तनाव के संपन्न हो। हालांकि, अदालत ने यह अनुमति कई शर्तों के साथ दी है।
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मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, याचिकाकर्ताओं ने शिबपुर आईआईईएसटी के पास से हुगली नदी के तट पर स्थित रामकृष्णपुर फेरी घाट तक शोभायात्रा निकालने की अनुमति देने का अनुरोध किया था। न्यायमूर्ति जय सेनगुप्ता ने विश्व हिंदू परिषद को जुलूस की अनुमति देते हुए कहा कि कोई भी उत्तेजक नारे नहीं लगाए जाएंगे। रास्ते में बिना रुके ही आगे बढ़ना होगा। अदालत ने आदेश दिया कि जुलूस में अधिकतम 200 प्रतिभागी ही शामिल हो सकते हैं। पांच स्वयंसेवक सुनिश्चित करेंगे कि 200 की संख्या का उल्लंघन न हो।
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मुंबई के मीरा रोड में भड़काऊ भाषणों मामले की सुनवाई
इसके अलावा, बॉम्बे हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति रेवती मोहिते डेरे और न्यायमूर्ति मंजूषा देशपांडे की दो सदस्यीय पीठ ने सोमवार को जनवरी में मीरा रोड में भाजपा विधायक नितेश राणे, गीता जैन और तेलंगाना विधायक टी राजा सिंह द्वारा दिए गए कथित भड़काऊ भाषणों के खिलाफ याचिकाओं पर सुनवाई की। इस दौरान उन्होंने महाधिवक्ता बीरेंद्र सराफ को कथित नफरत भरे भाषणों की जांच करने और यह निर्धारित करने का निर्देश दिया कि क्या उनके खिलाफ कार्रवाई करने की आवश्यकता है। बता दें, मामले की आगली सुनवाई 23 अप्रैल को होगी।
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राम नवमी को लेकर कोर्ट ने कहा- एहतियात बरते प्रशासन
सुनवाई के दौरान रामनवमी के जुलूस को लेकर पीठ ने कहा कि उच्च न्यायालय किसी भी रैली के आयोजन को नहीं रोक सकता लेकिन पुलिस को यह सुनिश्चित चाहिए कि कानून-व्यवस्था की कोई समस्या न हो। पीठ ने सराफ से यह सुनिश्चित करने को कहा कि कोई अप्रिय घटना न हो। अगर कानून-व्यवस्था की कोई समस्या होती है तो आपको और पुलिस को इसका सामना करना पड़ेगा। सराफ ने पीठ को आश्वस्त किया कि पुलिस अतिरिक्त सतर्क रहेगी।
दो दिन बाद है रामनवमी
इस वर्ष 17 अप्रैल, बुधवार के दिन राम नवमी का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन को भगवान राम के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है। बता दें, प्रभु श्रीराम का जन्म चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को हुआ था।