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बोयी जा सकने वाली राखी: वर्षों तक हरा-भरा रहेगा भाई-बहन का प्यार
भाषा, नई दिल्ली
Updated Fri, 24 Aug 2018 05:24 PM IST
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राखी महज एक रंग-बिरंगा रेशम का धागा नहीं होता बल्कि भाई बहन के बीच जीवनभर के स्नेह संबंध का प्रतीक होता है। कई भाई तो हफ्तों, यहां तक कि कई महीनों तक राखी को अपनी कलाई पर बांधे रखते हैं लेकिन अंतत: यह रेशमी डोर भूले-बिसरे किसी दराज में पड़ी रहती है।
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लेकिन अब ऐसा नहीं होगा क्योंकि बोयी जा सकने वाली राखी उपलब्ध है जिसमें बीज होते हैं। ऐसी राखियां कभी खत्म नहीं होती बल्कि समय के साथ बढ़ती, फलती-फूलती जाती हैं और एक पौधे के रूप में नया जीवन पा लेती हैं।
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इवॉल्व फाउंडेशन की नुपूर अग्रवाल ने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘‘बीते वर्षों में चीन से आने वाली प्लास्टिक की राखियों का प्रयोग बढ़ा है। हमारे सारे उत्पाद उत्तराखंड के तौली बुध गांव की महिलाएं और पुरूष बनाते हैं। इसके लिए जो भी सामग्री इस्तेमाल में आती है वह हमारे खेतों से आती है।’’
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उन्होंने कहा कि इस तरह की राखियां पर्यावरण के लिए तो अच्छी हैं ही, साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार भी मुहैया करवा रही हैं। राखी में बीज होने के साथ एक राखी बॉक्स भी है जिसमें मिट्टी समेत बुवाई के काम आने वाली अन्य वस्तुएं भी हैं।
प्लांटसिल की दिव्या शेट्टी का मानना है कि पर्यावरण के अनुरूप ये राखियां ग्राहकों का ध्यान आकर्षित कर रही हैं। उन्होंने कहा,‘‘ भाई और बहन का रिश्ता एक पौधे की तरह हमेशा फलता-फूलता रहता है। राखी में जो बीज हैं वह एक वर्ष तक खराब नहीं होंगे। अब तक हम चार लाख प्लांटेबल राखी बॉक्स बेच चुके हैं।’’
इन पर जो बीज हैं वह ल्यूपिन फ्लॉवर, टमाटर, गेंदे के पौधे और तुलसी के पौधे के हैं। बोयी जा सकने वाली राखियों की कीमत 251 रूपए से शुरू है। दस राखियों के सेट लिए यह 1,001 रूपए है।