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‘शीना की हत्या के आरोपी पीटर-इंद्राणी को पहले से जानते थे मुंबई पुलिस आयुक्त’
Tue, 18 Feb 2020 09:29 PM IST
आसिम खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: आसिम खान
Updated Tue, 18 Feb 2020 09:29 PM IST
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मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त राकेश मारिया का दावा है कि उनके बाद आयुक्त बने अहमद जावेद पहले से इंद्राणी व पीटर मुखर्जी को जानते थे। ये दोनों अपनी बेटी शीना बोरा की हत्या के मामले में जेल में हैं। मारिया ने यह भी बताया कि पीटर उस समय पुलिस के सहआयुक्त (कानून व्यवस्था) देवेन भारती के इतना करीब था कि वह देवेन को उनके नाम से पुकारता था।
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वर्ष 1993 के मुंबई बम कांड और 2008 के मुंबई आतंकी हमलों की जांच करने वाले पुलिस अधिकारी मारिया ने अपनी पुस्तक ‘लेट मी से इट नाऊ’ में यह खुलासे किए हैं। मारिया के अनुसार शीना बोरा मर्डर मामले में पीटर ने पूछताछ में उन्हें बताया था कि उसने 2012 में देवेन भारती को शीना की गुमशुदगी की सूचना दी थी।
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उस समय देवेन क्राइम ब्रांच में अतिरिक्त आयुक्त थे लेकिन केस दर्ज नहीं हुआ। वे चाहते तो शीना की खोज में काफी कुछ कर सकते थे। मारिया के अनुसार पीटर से पूछताछ के बाद उस रात वे सो नहीं सके। उनके दिमाग में कौंधता रहा कि उन्होंने देवेन से शीना बोरा की गुमशुदगी का केस दर्ज न होने की बात पर चर्चा की थी, लेकिन देवेन ने कुछ नहीं बताया।
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मारिया ने कहा कि उन्हें मामले की जांच से हटाने के लिए संदेह का माहौल बनाया गया। बाद में प्रमोट कर मुंबई पुलिस में डीजी (होमगार्ड) बनाया गया। सात दिन बाद अहमद जावेद को मुंबई पुलिस मुखिया बनाकर शीना मामले की जांच दी गई। साथ ही पता चला कि जावेद के इंद्राणी व पीटर से सामाजिक संबंध हैं दोनों जावेद की ईद पार्टी में आमंत्रित होते थे।
मारिया ने पुस्तक में इस बात पर नाराजगी जताई कि जहां तीन साल से बंद शीना मर्डर मामले का मुंबई पुलिस ने बेहद तेजी से पर्दाफाश किया वहीं सीबीआई को केवल पीटर मुखर्जी की भूमिका की पड़ताल में 90 दिन लग गए।
पीटर को 19 नवंबर 2015 को गिरफ्तार किया गया था। उसकी पत्नी इंद्राणी शीना की जैविक मां थी, लेकिन उसे छोटी बहन बताती थी। मामला शीना की हत्या के तीनवर्ष बाद इंद्राणी के ड्राइवर की एक अन्य मामले में गिरफ्तारी पर खुला था। ड्राइवर ने शीना का शव छिपाने में मदद की थी।
भारती ने कहा, मारिया किताब बेचने के लिए यह कह रहे हैं
देवेन भारती इस समय महाराष्ट्र आतंक-निरोधक दस्ते (एटीएस) के मुखिया हैं। उन्होंने मारिया के दावों को खारिज करते हुए कहा वे ऐसा मार्केटिंग रणनीति के तहत कह रहे हैं ताकि अपनी किताब बेच सकें। साथ ही कहा ‘उनका परिवार फिल्म उद्योग से ताल्लुक रखता है, इसका असर उनपर भी दिख रहा है। पुलिस को चार्जशीट और केस डायरी पढ़नी चाहिए, फिल्म स्क्रिप्ट नहीं।’