आरोपों पर राकेश अस्थाना ने कहा- सीबीआई निदेशक मुझे फंसा रहे हैं, सीवीसी को लिखा पत्र
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केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने अपने विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। सतीश बाबू सना नाम के शख्स ने उनपर 3 करोड़ रुपये घूस लेने का आरोप लगाया था। अस्थाना ने इस मामले पर पिछले हफ्ते केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) को पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने दावा किया है कि सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा ने एंटी करप्शन-3 ब्रांच में दायर केस में उन्हें फंसाने के लिए जान-बूझकर ऐसे अधिकारी (अजय बस्सी) की नियुक्ति की है जिनकी छवि बेदाग नहीं है। उन्होंने लिखा कि सीबीआई निदेशक उन्हें फंसा रहे हैं।
सीवीसी से सुरक्षा की मांग करते हुए अस्थाना ने 15 अक्तूबर को लिखा कि उनके परिवार की कॉल डिटेल्स जांची जा रही हैं और उनसे पूछताछ की जा रही है। बस्सी, अश्विनी गुप्ता और स्टाफ अधिकारी और अतिरिक्त निदेशक ए के शर्मा दबाव में उन्हें फंसाने के लिए काम कर रहे हैं। पत्र में अस्थाना का कहना है कि बस्सी की छवि संदिग्ध है और उन्हें नियम तोड़ने के लिए जाना जाता है। सरकारी सूत्रों के अनुसार अस्थाना ने लिखा है कि इन अधिकारियों पर दबाव है। उन्हें संदेसरा के 5000 करोड़ के स्टरलिंग बायोटेक मामले में किसी भी तरह की भूमिका होने की जांच करने के लिए नियुक्त किया गया है। वहीं जो अधिकारी इस मामले की वजह से उनके संपर्क में हैं उनका अचानक ट्रांसफर कर दिया गया है।
अस्थाना ने सीवीसी से कहा कि वर्मा और शर्मा, गुजरात कैडर के दूसरे अधिकारी ने वडोदरा, सूरत और अहमदाबाद टीमें भेजी हैं तैकि उन्हें फंसाया जा सके और उनकी छवि को खराब किया जा सके। अस्थाना ने इससे पहले सीवीसी और कैबिनेट सचिव को पत्र लिखते हुए कहा था कि वह सना को गिरफ्तार करना चाहते हैं लेकिन वर्मा ने उनके प्रस्ताव को खारिज कर दिया था। एसआईटी ने सतीश बाबू सना से पूछताछ की। जिसने कथित तौर पर सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना को 1 अक्तूबर को 3 करोड़ रुपये घूस के तौर पर देने की बात कही है।