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Explainer: एमपी में लगे झटके के बाद भी फायदे में कांग्रेस, किस वजह से राज्यसभा में नहीं बढ़ेंगी BJP की सीटें?

Thu, 11 Jun 2026 08:57 PM IST
Jai Dev Singh स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला Published by: Jai Dev Singh Updated Thu, 11 Jun 2026 08:57 PM IST
सार

राज्यसभा में आज नामांकन वापसी का आखिरी दिन था। कई सीटों पर प्रत्याशियों ने निर्विरोध ही जीत दर्ज कर ली। वहीं, कुछ और सीटों पर अभी मुकाबला होगा। अब तक गुजरात से लेकर कर्नाटक और आंध्र प्रदेश से लेकर मध्य प्रदेश तक के नतीजे लगभग साफ हो चुके हैं। आइये जानते हैं इसमें किसे फायदा हुआ और किसे नुकसान...

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Rajya Sabha Elections BJP vs Congress NDA INDIA Alliance fight from MP to Gujarat and North East to Tamil Nadu
राज्यसभा चुनाव 2026। - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

राज्यसभा चुनाव में नाम वापसी की समय सीमा खत्म होने के बाद चुनाव आयोग ने ज्यादातर सीटों पर निर्विरोध निर्वाचित हुए उम्मीदवारों के नाम का एलान कर दिया। 10 राज्यों की 24 सीटों में से आठ राज्यों की 21 सीटों के नतीजे आ गए हैं। सिर्फ झारखंड की दो और मिजोरम की एक सीट के लिए 18 जून को मतदान होगा। वहीं, ओडिशा, महाराष्ट्र और तमिलनाडु की एक-एक सीट पर हुए उपचुनाव में भी निर्विरोध निर्वाचन हो गया है। 
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24 सीटों पर हुए चुनाव के क्या नतीजे रहे हैं?

जिन 24 सीटों पर राज्यसभा चुनाव हो रहा है उनमें से 21 के नतीजे आ गए हैं। इनमें से 12 सीटें भाजपा, चार सीटें कांग्रेस, तीन सीटें टीडीपी, एक-एक सीट एनपीपी, जनसेना निर्विरोध जीतन में सफल रहे हैं। झारखंड की दो सीटों के लिए कांग्रेस, झामुमो और एक निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में है। वहीं, मिजोरम की एक सीट के लिए एमएनएफ और जेडपीएम के उम्मीदवारों के बीच मुकाबला होगा। 
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उप-चुनाव वाली सीटों पर क्या हुआ?

महाराष्ट्र में एनसीपी की सुनेत्रा पवार के इस्तीफे से खाली हुई सीट पर एनसीपी के ही राजेंद्र जैन निर्विरोध जीतने में सफल रहे हैं। वहीं, तमिलनाडु में अन्नाद्रमुक के सीवी शणमुगम के इस्तीफे से खाली हुई सीट पर कांग्रेस के प्रवीण चक्रवर्ती निर्विरोध जीतने में सफल रहे हैं।  


एनडीए को कितना फायदा?

24 में से 16 सीटें एनडीए के खाते में थी। इस बार ये आंकड़ा बढ़कर 18 हो सकता है। दूसरी तरफ भाजपा की कुल सीटों की संख्या में एक का नुकसान हो रहा है। जिन 24 सीटों पर राज्यसभा के चुनाव हुए हैं। उनमें से 13 सीटें भाजपा के पास थीं। चुनाव के बाद पार्टी  से जीतने वाले उम्मीदवारों का आंकड़ा घटकर 12 हो जाएगा। पार्टी को गुजरात और मध्य प्रदेश में एक-एक सीट का फायदा हुआ है, लेकिन कर्नाटक में दो और झारखंड में एक सीट का नुकसान भी हुआ है।

...तो क्या भाजपा की राज्यसभा में सीटें घट जाएंगी?

 इन चुनाव के बाद राज्यसभा में भाजपा सदस्यों की कुल संख्या 113 से घटकर 112 हो सकती थीं। हालांकि, ऐसा नहीं हुआ। पार्टी को ओडिशा उप-चुनाव में भाजपा को जीत मिली है। ये सीट पहले बीजद के पास थी। बीजद के देबाशीष सामंतराय के इस्तीफ से सीट खाली हुई थी। अब यहां से सामंतराय भाजपा के टिकट पर निर्विरोध जीतने में सफल रहे हैं। यानी, भाजपा की सीटों की संख्या 113 बनी रहेगी। 


कांग्रेस की क्या स्थिति?

कांग्रेस अब तक घोषित नतीजों में कांग्रेस को एक सीट का फायदा हो रहा है। अगर पार्टी झारखंड में अपने और सहयोगियों के विधायकों को एकजुट करने में कामयाब रही तो उसका फायदा बढ़कर दो सीट का भी हो सकता है। जिन 24 सीटों पर राज्यसभा के चुनाव हो रहे हैं। वहां, कांग्रेस के कुल चार सांसद हैं। निर्विरोध निर्वाचन के बाद पार्टी के चार उम्मीदवार जीतने में सफल रहे हैं। झारखंड में चुनाव होना बाकी है। यहां अगर कांग्रेस उम्मीदवार को जीत मिलती है तो ये संख्या बढ़कर पांच हो जाएगी। वहीं, तमिलनाडु में हुए उपचुनाव में भी कांग्रेस उम्मीदवार को निर्विरोध जीत मिली है। यानी, राज्यसभा में कांग्रेस सदस्यों की संख्या 29 है। पार्टी अगर झारखंड में जीतती है तो ये बढ़कर 31 हो जाएगी। झारखंड में जीत नहीं मिलने पर भी उसे एक सीट का फायदा होगा।  
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पर कांग्रेस को तो मध्य प्रदेश, गुजरात में नुकसान हुआ है?

जिन 24 सीटों पर चुनाव हो रहे हैं, उनमें कांग्रेस के चार सदस्य थे। इनमें मध्य प्रदेश से दिग्विजय सिंह, कर्नाटक से मल्लिकार्जुन खरगे, गुजरात से शक्ति सिंह गोहिल और राजस्थान से नीरज डांगी शामिल थे। पार्टी को मध्य प्रदेश और गुजरात में इस बार कोई सीट नहीं मिली। राजस्थान से डांगी फिर से राज्यसभा पहुंचने में सफल रहे हैं। वहीं, कर्नाटक में इस कांग्रेस से खरगे के अलावा पवन खेड़ा और मंसूर अली खान जीतने में सफल रहे हैं। यानी दो राज्यों में दो सीटों के नुकासन की भरपाई कर्नाटक से हो गई है। वहीं, तमिलनाडु में विजय की पार्टी को समर्थन का फायदा उसे राज्यसभा की एक सीट के रूप में हुआ है। अब अगर 18 जून को झारखंड में कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को जीत मिलती है तो पार्टी को एक और सीट का फायदा होगा। 


 

एनडीए में किस दल को सबसे ज्यादा फायदा हुआ?

एनडीए में सबसे ज्यादा फायदा चंद्रबाबू नायडू की पार्टी तेदेपा को हो रहा है। जिन 24 सीटों पर राज्यसभा चुनाव हो रहे हैं उनमें से सिर्फ एक सीट तेदेपा के पास थी, अब ये संख्या बढ़कर तीन हो गई है। पवन कल्याण की पार्टी के पास इन 24 में से एक भी सीट नहीं थी। अब उसके पास भी सदस्य होगा। इन दो के अलावा मेघालय में एनपीपी अपनी सीट बरकार रखने में सफल रही है। इस तरह से एनडीए 17 सीटों पर जीत दर्ज कर चुका है। अगर 18 जून को झारखंड में भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार को जीत मिलती है तो ये आंकड़ा 18 पहुंच जाएगा। वहीं, मिजोरम में एनडीए की सहोयगी एनपीएफ के पास थी। जहां उसने उम्मीदवार भी खड़ा किया है। हालांकि, आंकड़े उसके पक्ष में नहीं हैं।
 
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