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Kharge In Rajya Sabha: BJP पर कांग्रेस का हमला, खरगे बोले- इनके लिए महिलाएं केवल वोट बैंक, देश की हालत बिगाड़ी
Wed, 04 Feb 2026 03:22 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: निर्मल कांत
Updated Wed, 04 Feb 2026 03:22 PM IST
सार
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर राज्यसभा में चर्चा जारी है। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने सामाजिक न्याय, अर्थव्यवस्था समेत कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। पढ़ें रिपोर्ट-
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मल्लिकार्जुन खरगे
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
विस्तार
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बुधवार को राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, 6062 शब्दों को अभिभाषण इस सरकार ने तैयार किया है। लेकिन कई अहम सवालों पर अभिभाषण मौन है। मैं सदन में सिर्फ पांच जरूरी मुद्दे आपके सामने रखना चाहूंगा। मैं सामाजिक न्याय, सामाजिक सद्भाव, संसदीय लोकतंत्र पर हमला, अर्थव्यवस्था और किसानों मजदूरों की दिक्कतें और विदेश नीति की खामियां.. पर अपनी बात रखना चाहता हूं।
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सामाजिक न्याय और महिला सशक्तिकरण पर क्या बोले खरगे?
खरगे ने कहा, आपको यह बताना चाहता हूं कि इस सत्ता ने कितना समय देश की भलाई के लिए दिया है। कितना समय इन्होंने देश के बाहर बिताया। यह आप सबको मालूम है। सबसे पहले मैं सामाजिक न्याय पर बात रखूंगा। पिछले 11 वर्षों में मोदी सरकार ने सामाजिक न्याय के ताने-बाने को कमजोर किया है। उनके सांविधानिक हक-हकूकों पर चोट पहुंचाई है। राष्ट्रपति के अभिभाषण में महिला सशक्तिकरण पर बात हुई, लेकिन सच यह है कि महिलाएं भाजपा के लिए केवल वोट बैंक बनकर रह गई हैं। अगर मोदी वाकई महिलाओं का नेतृत्व आगे लाना चाहते हैं, तो सबसे महिला आरक्षण विधेयक पारित करते, इस पर शर्तें नहीं रखते। अगर आपको उन्हें शक्ति देनी है, तो आप ये विधेयक पास कर सकते हैं। उसको लागू कर सकते हैं। आप कहते हैं कुछ, करते हैं कुछ।
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'भाजपा-आरएसएस ने किसी महिला को नहीं सौंपा नेतृत्व'
आप इस पर शर्तें लागू नहीं करते, जैसे आपने जनगणना के नाम पर किया। आपसे सौ साल पहले जब महिलाओं को वोट का अधिकार भी नहीं था। तब कांग्रेस ने अपनी पार्टी की नेता सरोजनी नायडू को अध्यक्ष चुना। है आपके पास कोई उदाहरण? इंदिरा गांधी के प्रधानमंत्री बनने के भी साठ साल पूरे हो गए। भाजपा ने किसी महिला को अब तक अध्यक्ष नहीं बनाया है। आरएसएस ने सौ साल में किसी महिला को अपना नेतृत्व नहीं सौंपा है। उन्होंने आगे कहा, कमजोर तबकों, खासकर आदिवासियों, अल्पसंख्यकों और महिलाओं पर अत्याचार बढ़ रहे हैं। कांग्रेस की सरकारों में अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति (एससी-एसटी) समुदाय के आर्थिक विकास के लिए कई कदम उठाए गए।
अपने संबोधन में और क्या-क्या मुद्दे उठाए?
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सामाजिक न्याय और महिला सशक्तिकरण पर क्या बोले खरगे?
खरगे ने कहा, आपको यह बताना चाहता हूं कि इस सत्ता ने कितना समय देश की भलाई के लिए दिया है। कितना समय इन्होंने देश के बाहर बिताया। यह आप सबको मालूम है। सबसे पहले मैं सामाजिक न्याय पर बात रखूंगा। पिछले 11 वर्षों में मोदी सरकार ने सामाजिक न्याय के ताने-बाने को कमजोर किया है। उनके सांविधानिक हक-हकूकों पर चोट पहुंचाई है। राष्ट्रपति के अभिभाषण में महिला सशक्तिकरण पर बात हुई, लेकिन सच यह है कि महिलाएं भाजपा के लिए केवल वोट बैंक बनकर रह गई हैं। अगर मोदी वाकई महिलाओं का नेतृत्व आगे लाना चाहते हैं, तो सबसे महिला आरक्षण विधेयक पारित करते, इस पर शर्तें नहीं रखते। अगर आपको उन्हें शक्ति देनी है, तो आप ये विधेयक पास कर सकते हैं। उसको लागू कर सकते हैं। आप कहते हैं कुछ, करते हैं कुछ।
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'भाजपा-आरएसएस ने किसी महिला को नहीं सौंपा नेतृत्व'
आप इस पर शर्तें लागू नहीं करते, जैसे आपने जनगणना के नाम पर किया। आपसे सौ साल पहले जब महिलाओं को वोट का अधिकार भी नहीं था। तब कांग्रेस ने अपनी पार्टी की नेता सरोजनी नायडू को अध्यक्ष चुना। है आपके पास कोई उदाहरण? इंदिरा गांधी के प्रधानमंत्री बनने के भी साठ साल पूरे हो गए। भाजपा ने किसी महिला को अब तक अध्यक्ष नहीं बनाया है। आरएसएस ने सौ साल में किसी महिला को अपना नेतृत्व नहीं सौंपा है। उन्होंने आगे कहा, कमजोर तबकों, खासकर आदिवासियों, अल्पसंख्यकों और महिलाओं पर अत्याचार बढ़ रहे हैं। कांग्रेस की सरकारों में अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति (एससी-एसटी) समुदाय के आर्थिक विकास के लिए कई कदम उठाए गए।
अपने संबोधन में और क्या-क्या मुद्दे उठाए?
- खरगे ने कहा कि सरकार ने मोहम्मद दीप के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है, वह सद्भावना के लिए खड़ा हुआ था। एक व्यक्ति जो किसी झगड़े का समाधान करता है, आप उसी को खत्म करते हो, आप देश के लिए कुछनहीं करते, आप ध्रुवीकरण करते हो। देश में बुलडोजर राजनीति को रणनीति के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है।
- भाजपा पर ध्रुवीकरण का आरोप लगाते हुए खरगे ने कहा कि इनके एक मुख्यमंत्री हैं, वह एक वर्ग के खिलाफ नफरत की राजनीति करते हैं। भाजपा प्रवक्ता बनने की योग्यता यही है कि कौन कितना किसी वर्ग के खिलाफ जहर उगल सकता है।
- कांग्रेस प्रमुख ने मनरेगा की जगह नए कानून लाने के लिए सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने राज्यों की हिस्सेदारी चालीस फीसदी कर दी है। ऐसे में हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्य कहां जाएंगे। अगर वह चालीस फीसदी पैसा नहीं देंगे तो केंद्र की ओर से साठ फीसदी पैसा जारी नहीं होगा।
- उन्होंने कहा कि व्यापार समझौता किसान विरोधी है। पहले ही सरकार को तीन काले कृषि कानून वापस लेने पड़े थे। इसके बाद सरकार यह गलती कर रही है। किसान आंदोलन उठेगा और वे लोग सड़कों पर आएंगे तो सरकार को किसानों से जुड़ा सौदा वापस लेना पड़ेगा।