Rajya Sabha: धनखड़ ने राजनीतिक यात्रा पर की चर्चा, कहा- सबसे बड़ी पार्टी में रहा, पर ज्यादातर मित्र विपक्ष में
दरअसल उच्च सदन में जारी गतिरोध टालने के लिए सभापति ने सभी दलों के नेताओं को बुलाया था। सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे दोबारा शुरू हुई, तो उन्होंने बुधवार को उगादि, गुड़ी पड़वा, नवरेह, चैत्र शुक्ल प्रतिपदा का जिक्र करते हुए अवकाश की घोषणा की।
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सत्ता पक्ष और विपक्ष की खींचतान के चलते तनावपूर्ण हो चला संसद का माहौल उस वक्त कुछ खुशनुमा हो गया, जब मल्लिकार्जुन खरगे के सवाल का जवाब देते हुए राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने अपनी राजनीतिक यात्रा पर चर्चा शुरू कर दी। धनखड़ ने कहा, एक समय वह धरती की सबसे बड़ी पार्टी (भाजपा) के सदस्य रह चुके हैं, मगर वर्तमान में उनके ज्यादातर मित्र उनकी बाईं तरफ (विपक्ष में) बैठे हैं।
दरअसल उच्च सदन में जारी गतिरोध टालने के लिए सभापति ने सभी दलों के नेताओं को बुलाया था। सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे दोबारा शुरू हुई, तो उन्होंने बुधवार को उगादि, गुड़ी पड़वा, नवरेह, चैत्र शुक्ल प्रतिपदा का जिक्र करते हुए अवकाश की घोषणा की। इसके बाद, कांग्रेस के मुकुल वासनिक व एनसीपी के प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि इन दिनों संसद से देश के लिए बेहतर संदेश नहीं जा रहा। सभापति को कुछ करना चाहिए। तब सभापति ने कहा, वह इशारा समझ गए हैं।
उन्होंने हाथ जोड़कर कहा कि तकरार छोड़ सदस्यों को अब त्योहारी माहौल में आ जाना चाहिए। सभापति ने यह भी कहा कि पटेल और वे पुराने मित्र हैं। दोनों एनसीपी के संसदीय बोर्ड में थे। इससे सदन का तनाव का माहौल छंटने लगा। इस दौरान, कई सदस्यों ने जल्द रमजान शुरू होने और मंगलवार को ही नवरोज पर्व का हवाला दिया। इस पर सभापति ने कहा, आप देश के किसी भी हिस्से में जाएं, विशिष्ट त्योहार, आजादी के गुमनाम हीरो और स्थानीय उत्पाद जैसी तीन चीजें मिल जाएंगी। मुख्य बात यह है कि सारे पर्व फसल, भाईचारा और राष्ट्रवाद से जुड़े हैं।
सियासी सफर: कई दिग्गजों संग काम करने का मिला अवसर
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने जानना चाहा कि सभापति किन-किन दलों में रहे हैं। इस पर, धनखड़ ने अपनी सियासी यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि मुख्य बात यह है कि मेरे ज्यादातर मित्र मेरी बाईं तरफ हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें विभिन्न दलों के कई दिग्गजों के साथ काम करने का अवसर मिला है।
खत्म नहीं हुआ गतिरोध, सातवें दिन भी संसद की कार्यवाही ठप
संसद में सरकार और विपक्ष के बीच राहुल बनाम जेपीसी की जंग लगातार सातवें दिन जारी रही। मंगलवार को भी भारी हंगामे व नारेबाजी के चलते संसद की कार्यवाही ठप रही। गतिरोध तोड़ने के लिए लोकसभा स्पीकर और राज्यसभा सभापति की पहल भी बेअसर रही।