फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Rajya Sabha adjourned, 32 bills passed in session

राज्यसभा भी अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, इस सत्र में पास हुए 32 विधेयक

Thu, 08 Aug 2019 05:54 AM IST
संदीप भट्ट न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संदीप भट्ट Updated Thu, 08 Aug 2019 05:54 AM IST
सार

  • राज्यसभा में सत्र के दौरान 32 विधेयक पास किए गए
  • जम्मू-कश्मीर से संबंधित आरक्षण बिल वापस

विज्ञापन
Rajya Sabha adjourned, 32 bills passed in session

विस्तार

राज्यसभा भी बुधवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई है। सभापति एम.वैंकेया नायडू ने इस सत्र को ऐतिहासिक बताते हुए सदस्यों की तारीफ की इस बार काफी अच्छा कामकाज हुआ है। उन्होंने बताया कि पिछले कई सत्रों में ऐसा देखने को नहीं मिला।

विज्ञापन


राज्यसभा में सत्र के दौरान 32 विधेयक पास किए गए। हालांकि आखिरी दिन लाए गए जलियांवाला बाग राष्ट्रीय स्मारक संशोधन बिल और सुप्रीम कोर्ट के जजों की संख्या बढ़ाने संबंधी बिल कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने वापस ले लिया।
विज्ञापन


इस पर अगले सत्र में चर्चा की जाएगी। जलियांवाला बिल में कांग्रेस अध्यक्ष का नाम जलियांवाला बाग राष्ट्रीय स्मारक ट्रस्ट से न्यासी से हटाने का प्रस्ताव है। इस बिल पर लोकसभा मंजूरी दे चुकी है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


सभापति ने दिवंगत पूर्व केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज को भी याद किया गया और सदस्यों ने मौन रखकर उन्हें श्रद्धाजंलि दी। भावुक सभापति ने कहा कि उनका आखिरी ट्वीट देश के प्रति उनके समर्पण को दर्शाता है। यह मेरे लिए निजी क्षति है और हर बार मैं उनसे राखी बंधवाने के लिए जाता था, लेकिन इस बार उन्होंने कहा था कि आप अब राखी पर मत आना क्योंकि आप देश के उपराष्ट्रपति हैं। 

नेता सदन थावर चंद गहलोत ने कहा कि जलियावाला बाग स्मारक बिल अत्याधिक महत्वपूर्ण बिल है। इसे आज बिना चर्चा पास कर दिए जाए तो बहुत अच्छा होगा। इसके साथ ही कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद सुप्रीम कोर्ट में तीन जजों की संख्या बढ़ाने संबंधित बिल ला रहे हैं दोनों को बिना चर्चा पास किया जाए तो बहुत अच्छा होगा। 

राज्यसभा में सुप्रीम कोर्ट के जजों की संख्या बढ़ाने संबंधी बिल को कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने वापस ले लिया। इस पर अगले सत्र में चर्चा की जाएगी। सभापति ने कहा कि बिल पर सदन में चर्चा या पारित हुए बिना भी कानून बनेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि इसे मनी बिल के तौर पर लाया गया है और विपक्ष के नेता ने चर्चा के लिए सहमति जताई है जो अच्छी बात है।  

विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने जलियांवाला बाग स्माकर बिल पर कहा कि इसे अगले सत्र के लिए रखा जाए उन्होंने कहा कि किसी भी मुद्दे पर आपस में लडने का मौका नहीं है। कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि जलियांवाला बाग शताब्दी का वर्ष है।

1919 की त्रासदी से पूरा राष्ट्र आक्रोशित हुआ था। उन्होंने कांग्रेस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि सदन से आग्रह है कि बिल को सदन से पास किया जाए और नवंबर में इस पर चर्चा के लिए हम तैयार हैं। 

सपा सांसद रामगोपाल यादव ने कहा कि सुषमा जी के निधन से हम सभी दुखी हैं और ट्रस्ट में किसी को स्थाई नहीं रखना चाहिए जब जो जिस पद पर रहे वह अध्यक्ष रहे। बसपा सांसद सतीश मिश्रा ने भी सपा सांसद की बात का समर्थन किया है। टीएमसी ने बिल को लेकर तीन विकल्प दिए। बीजेडी ने कहा बिना चर्चा पास किया जाए या फिर सरकार अगले सत्र में लेकर आए। डीएमके ने बिल को अगले सत्र में लाने की बात कही। 

संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि बिल में नेता प्रतिपक्ष और सबसे बड़ी पार्टी के नेता का नाम शामिल है। सुषमा जी के निधन की वजह से इस बिल को बिना चर्चा पास होने दीजिए। अगर विपक्ष राजी नहीं है तो इस पर पूरी चर्चा होने दीजिए और कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट की कई सदस्यों का निधन हो चुका है और अब इसकी शताब्दी पर इस बिल को पास करने की जरूरत है। 

केंद्रीय संस्कृति मंत्री प्रहलाद पटेल ने बिल पेश करते हुए कहा कि इसमें तीन छोटे संशोधन हैं। जिस पर कांग्रेस के आनंद शर्मा ने कहा कि हम आज के दिन ऐसी चर्चा नहीं चाहते जिससे आपस में कोई कटुता हो। उन्होंने कहा कि अंतिम दिन लाने की कोई जरूरत नहीं थी।

जलियांवाला बाग के साथ देश की भावनाएं जुड़ी हैं। जिन्होंने भी देश की आजादी के लिए संघर्ष किया उनका नमन देश का कर्तव्य है। देश की आजादी के लिए कांग्रेस ने संघर्ष किया था। इसे स्वीकार करने में किसी को कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। 

 

राज्यसभा में पास हुए 32 विधेयक 

जम्मू-कश्मीर से संबंधित आरक्षण बिल वापस

राज्यसभा में गृहराज्य मंत्री जी.किशन रेड्डी ने सदन में जम्मू कश्मीर आरक्षण दूसरा संशोधन बिल को वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि ये बिल 5 अगस्त को इस सदन में पास हुआ था। छह अगस्त को लोकसभा से इसे वापस ले लिया गया था। सभापति ने बिल को वापस लेने की इजाजत दे दी। 
 

राज्यसभा में पास हुए 32 विधेयक 

सभापति एम.वैंकेया नायडू ने बताया कि सत्र दौरान अच्छे माहौल में 39 चर्चाएं हुईं। उन्होंने बताया कि सत्र में 32 विधेयक पारित हुए और इस बार नकारात्मक खबरें नहीं बन सकीं।  सभापति ने कहा कि पिछले 17 साल की 52 सत्र में पहली बार ऐसा हुआ है जबकि इससे पहले 2002 में 35 बिल पास हुए थे। 5 साल में पहली बार सदन में कुल 194 घंटे काम हुआ ऐसा 11 साल बाद हो पाया है।

उन्होंने कहा कि सदन ने समन्वय की मिसाल पेश की है। राज्यसभा की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित की जा रही है और जलियावाला बिल पर चर्चा नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि जजों की संख्या बढ़ाने संबंधित बिल इस सदन में चर्चा या पारित हुए बिना भी कानून बनेगा।

क्योंकि इसे मनी बिल के तौर पर लाया गया है। ये अच्छी बात है कि विपक्ष के नेता ने उस पर चर्चा के लिए सहमति जताई है। इस सत्र में मोटर व्हीकल बिल पर चर्चा के दौरान राज्यों की चिंता पर भी ध्यान रखा गया। बिल में संशोधन हुआ इसी के साथ मेडिकल कमीशन बिल में भी सरकार की ओर से सदन की मांग पर संशोधन किया गया। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed