फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Rajnath Singh says India first Indigenous Aircraft Carrier will be commissioned next year

चीन से टकराव पर राजनाथ बोले: हम शांति चाहते हैं पर हर हालात से निपटने को पूरी तरह तैयार

Fri, 25 Jun 2021 12:20 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि Published by: प्रशांत कुमार Updated Fri, 25 Jun 2021 12:20 PM IST
सार

भारत का पहला स्वदेशी विमानवाहक पोत अगले साल नौसेना के बेडे में शामिल किया जाएगा ।  रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसकी जानकारी दी। 

विज्ञापन
Rajnath Singh says India first Indigenous Aircraft Carrier will be commissioned next year
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह - फोटो : ANI

विस्तार

पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीन द्वारा फिर से शुरू की गई हरकतों के बीच रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि गलवां गतिरोध के दौरान नौसेना की आक्रामक अग्रिम मोर्चे पर तैनाती ने भारत की मंशा साफ कर दी थी कि हम शांति चाहते हैं लेकिन किसी भी दुस्साहस से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। 

विज्ञापन


उन्होंने यह बात दक्षिण नौसेना कमान स्थित कोच्चि शिपयार्ड लिमिटेड के दौरे के दौरान कही। उन्होंने यहां पर निर्माणाधीन देश के पहले स्वदेशी विमान  वाहक (आईएसी) की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि आईएसी के निर्माण कार्य का प्रत्यक्ष रूप से जायजा लेना खुशी की बात है। यह भारत का गर्व है और आत्मनिर्भर भारत का एक उज्ज्वल उदाहरण है। इस प्रोजेक्ट को एनडीए सरकार ने अनुमति दी थी और हाल में कोरोना महामारी के बावजूद इसमें काफी प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि आईएसी को नौसेना में शामिल करना देश की आजादी के 75वें साल पर एक अर्थपूर्ण श्रद्धांजलि होगी।
विज्ञापन


इसमें डिजाइन से लेकर निर्माण में इस्तेमाल होने वाले स्टील से लेकर प्रमुख हथियारों और सेंसर तक लगभग 75 फीसदी स्वदेशी सामग्री है। उन्होंने कहा कि आईएसी की लड़ाकू क्षमता देश की सुरक्षा में जबरदस्त क्षमताएं जोड़ेगी और समुद्री क्षेत्र में भारत के हितों को सुरक्षित रखने में मदद करेगी। उन्होंने इंडो पैसिफिक वैश्विक कानून का हवाला देते हुए फ्रीडम ऑफ नेविगेशन पर जोर दिया और कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने में यह आईएसी अहम भूमिका निभाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


विश्व की शीर्ष तीन नौसेनाओं में शामिल होने का लक्ष्य
रक्षामंत्री ने कहा कि भारत दुनिया की पांच बड़ी नौसेनाओं में शामिल है। हमारा प्रयास, अगले 10-12 साल में शीर्ष तीन में जगह बनाने का है। उन्होंने कहा कि जब वह भारतीय नौसेना की बढ़ती ताकत की बात करते हैं, तो उसका संबंध केवल हमारे प्रादेशिक क्षेत्र तक सीमित नहीं होता है। हमारे हित हिंद महासागर क्षेत्र और उसके आगे के क्षेत्रों तक भी व्याप्त हैं। साथ ही उन्होंने समुद्री और राष्ट्रीय सुरक्षा की बात करते हुए गोवा की स्वतंत्रता और भारत और पाकिस्तान की जंग में नौसेना द्वारा निभाई गई भूमिका का जिक्र किया।

कारवार नौसेना बेस का भी किया था दौरा
उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को वह कर्नाटक के कारवार में प्रोजेक्ट सीबर्ड के तहत विकसित किए जा रहे नौसेना बेस का भी दौरा किया था। इस प्रोजेक्ट में देश की पहली सी-लिफ्ट फैसिलिटी तैयार हो चुकी है। आने वाले समय में यह एशिया का सबसे बड़ा नौसेना बेस बनने जा रहा है। इसके लिए वह नौसेना परिवार और समस्त देशवासियों को अग्रिम बधाई देते हैं। उन्होंने कहा कि इसके पूरा होने के बाद हमारी सुरक्षा तैयारियों समेत व्यापार, अर्थव्यवस्था और मानवीय सहायता अभियानों में और अधिक मजबूती आएगी। उनके साथ नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह भी थे। प्रोजेक्ट सीबर्ड के तहत 25-30 युद्धपोतों और पनडुब्बियों और एयरक्राफ्ट के एंकर करने वाला बंदरगाह तैयार किया जा रहा है। कारवार में ही नौसेना की एकीकृत मेरीटाइम थियेटर कमांड का मुख्यालय स्थापित किया जाने की योजना है।


कोरोना के दौरान इनोवेशन, स्वदेशीकरण को प्रदर्शनी में किया गया प्रदर्शित
नौसेना ने शुक्रवार को एक प्रदर्शनी का भी आयोजन किया। इसमें कोरोना महामारी से निपटने के लिए इनोवेशन, स्वदेशीकरण और विभिन्न अभियानों को दर्शाया गया। इस प्रदर्शनी का अवलोकन रक्षामंत्री ने भी किया। प्रदर्शनी में ऑक्सीजन रिसाइकिलिंग सिस्टम को दिखाया गया। इसका श्री चित्रा तिरूनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी में क्लिनिकल ट्रायल चल रहा है। साथ ही नवरक्षक पीपीई और मास्क भी प्रदर्शि किए गए। इनका इस्तेमाल पीएम केयर अस्पतालों में किया जा रहा है। साथ ही रिपोट पेशेंट मॉनिटरिंग सिस्टम समेत अन्य इनोवेशन दिखाए गए। रक्षामंत्री ने नेवी चिल्ड्रेन स्कूल कोच्चि के 10 वर्षीय छात्र वीर कश्यप से भी मुलाकात की। कश्यप ने ‘कोरोना योग’ गेम तैयार करने के लिए प्रधानमंत्री बाल पुरस्कार 2021 से सम्मानित किया जाएगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed