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Rajnath Singh: 'जल्द हकीकत बनेगी स्वदेशी सुदर्शन चक्र रक्षा प्रणाली', राजनाथ बोले- आत्मनिर्भरता अब समय की मांग

Sat, 30 Aug 2025 01:59 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नितिन गौतम Updated Sat, 30 Aug 2025 01:59 PM IST
सार

राजनाथ सिंह ने कहा कि 'वैश्विक स्तर पर इस समय युद्ध जैसी स्थिति है।' विकसित देशों के रवैये की आलोचना करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि 'विकसित देश ज्यादा संरक्षणवादी होते जा रहे हैं।'

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rajnath singh said Sudarshan Chakra To Become Reality Soon self-reliance has become a necessity
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को एक कार्यक्रम में कहा कि बढ़ते वैश्विक दबाव के चलते भारत का रणनीतिक लचीलापन और जुझारूपन और आत्मनिर्भरता के प्रति प्रतिबद्धता और मजबूत होगी। राजनाथ सिंह ने कहा कि चाहे महामारी हो, आतंकवाद या क्षेत्रीय संघर्ष ये सदी हर मोर्चे पर अस्थिर और चुनौतीपूर्ण साबित हुई है। बढ़ते वैश्विक तनाव के बीच राजनाथ सिंह ने आत्मनिर्भरता की अहमियत को भी रेखांकित किया।
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'युद्धपोतों का निर्माण अपने ही देश में हो रहा'
एक मीडिया कार्यक्रम में राजनाथ सिंह ने कहा कि आज के समय में आत्मनिर्भरता कोई विकल्प नहीं रह गई है बल्कि ये समय की जरूरत बन गई है। आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ते हुए देश अब युद्धपोतों का निर्माण अपने ही देश में कर रहे हैं। नौसेना ने भी संकल्प लिया है कि वे किसी अन्य देश से युद्धपोत नहीं खरीदेंगे बल्कि भारत में ही उन्हें बनाया जाएगा। 
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रक्षा मंत्री ने कहा हथियारों के मामले में आत्मनिर्भरता के लिए भारत के आत्मनिर्भरता प्रयासों को श्रेय दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत की स्वदेशी सुदर्शन चक्र रक्षा प्रणाली जल्द ही हकीकत बन जाएगी। अमेरिका द्वारा भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने पर राजनाथ सिंह ने कहा कि 'वैश्विक स्तर पर इस समय युद्ध जैसी स्थिति है।' विकसित देशों के रवैये की आलोचना करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि 'विकसित देश ज्यादा संरक्षणवादी होते जा रहे हैं।'
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'भारत अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देगा'
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भले ही बाहरी दबाव हो, लेकिन भारत अपने राष्ट्रीय हितों, खासकर किसानों और छोटे उद्यमियों के हितों को प्राथमिकता देगा। राजनाथ सिंह ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर ये बयान दिया। दरअसल अमेरिका भारत के कृषि क्षेत्र में एंट्री चाहता है, लेकिन भारत सरकार इसके लिए तैयार नहीं है क्योंकि इससे देश के किसानों के हित प्रभावित होंगे। राजनाथ सिंह ने कहा कि 'भारत किसी को अपना दुश्मन नहीं मानता, लेकिन अपने लोगों के हितों से समझौता नहीं करेगा।'

आत्मनिर्भरता अस्तित्व के लिए अनिवार्य
उन्होंने कहा कि आज के आतंकवाद, महामारियों और क्षेत्रीय संघर्षों के युग में रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता केवल एक विकल्प नहीं है, बल्कि अस्तित्व और प्रगति के लिए एक अनिवार्य स्थिति है। यह संरक्षणवाद के बारे में नहीं है, बल्कि संप्रभुता और राष्ट्रीय स्वायत्तता के बारे में है। उन्होंने कहा कि भू-राजनीतिक बदलावों ने देश को दिखाया है कि रक्षा क्षेत्र में दूसरों पर निर्भरता अब कोई विकल्प नहीं है। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार का हमेशा से मानना रहा है कि एक आत्मनिर्भर भारत ही अपनी सामरिक स्वायत्तता की रक्षा कर सकता है।
  • राजनाथ ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को अलगाव समझने की भूल नहीं करनी चाहिए। यह संरक्षणवाद नहीं है। यह संप्रभुता का मामला है। जब युवा, ऊर्जा, तकनीक और संभावनाओं से भरपूर कोई देश आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता है तो दुनिया रुककर इस पर ध्यान देती है। यही वह ताकत है जो भारत को वैश्विक दबावों का सामना करने तथा और मजबूती से उभरने में सक्षम बनाती है। उन्होंने कहा कि रक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत एक नारा नहीं, बल्कि भारत की प्रगति का रोडमैप है।
भारत बनाएगा शक्तिशाली जेट इंजन
रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार ने एक शक्तिशाली स्वदेशी एयरो-इंजन के विकास और निर्माण की चुनौती स्वीकार की है। यह एक ऐसा क्षेत्र है जहां भारत को लंबे समय से सीमित सफलता मिली है। इस महत्वपूर्ण परियोजना की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं और जल्द ही जमीनी स्तर पर काम दिखाई देने लगेगा। उन्होंने कहा कि पहले सवाल यह था कि क्या भारत इतनी उन्नत प्रणालियां बना सकता है लेकिन आज सवाल यह है कि इन्हें कितनी जल्दी तैनात किया जा सकता है।

मिनटों में दुश्मन को मात दे सकता है भारत
सिंह ने कहा कि 1998 का जो पोखरण परमाणु परीक्षण हुआ, उसके बाद जो प्रतिबंध और चुनौती हमारे सामने आई थी, उसे हमने अपनी स्वदेशी उन्नत तकनीक से लैस एयरक्राफ्ट करियर, रडार सिस्टम, मिसाइल सिस्टम और ड्रोन के माध्यम से पार किया है। ये सिर्फ सैन्य ताकत को नहीं दिखाता है, बल्कि हमारी तकनीक और औद्योगिक क्षमता का उदाहरण है। आज पूरी दुनिया जानती है कि भारत कुछ ही मिनटों में दुश्मन को मात दे सकता है।

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