लव जिहाद कानून पर बोले राजनाथ- होना ही क्यों चाहिए धर्मांतरण, मैं इसे नहीं मानता सही
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देश के कुछ राज्यों में लव जिहाद पर कानून बन गया है और कुछ में बनाने की मांग उठ रही है। इसी बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को समाचार एजेंसी एएनआई को साक्षात्कार दिया। इसमें उन्होंने लव जिहाद को लेकर अपने विचार रखे। रक्षा मंत्री ने कहा कि बहुत से मामलों में जबरन धर्मांतरण किया जाता है। स्वाभाविक शादी होने और जबरन धर्मांतरण के बाद शादी में बहुत अंतर होता है।
राजनाथ से जब पूछा गया कि अब एक हिंदू लड़की यदि किसी मुस्लिम से शादी करना चाहेगी तो वह नहीं कर पाएगी। इस कानून के दुरुपयोग का डर है। इसके जवाब में उन्होंने कहा, 'हमारा कहना है कि धर्मांतरण होना ही क्यों चाहिए। कहीं-कहीं सामूहिक धर्मांतरण किया जाता है। ये सिलसिला बंद होना चाहिए। ये रुकना चाहिए। जहां तक मुस्लिम समाज का प्रश्न है, जहां तक मेरी जानकारी है दूसरे धर्म के लोगों से मुस्लिम समाज के लोग शादी नहीं कर सकते हैं। शादी के लिए धर्मांतरण कराना, इसे मैं व्यक्तिगत तौर पर उचित नहीं मानता हूं।'
In many cases, it has been seen that religious conversion is being done forcefully. There is a huge difference between natural marriage and forceful conversion for marriage. I think governments which made these laws, have considered all these things: Rajnath Singh, Defence Min https://t.co/csh3T7d8uX
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) December 30, 2020
रक्षा मंत्री से जब पूछा गया कि कई मामले ऐसे सामने आए हैं जिसमें लड़के धर्मांतरण नहीं करवाना चाहते और लड़कियां हो भी नहीं रही हैं। इसके जवाब में उन्होंने कहा, 'आपने बहुत सारे मामलों को देखा होगा कि जबरन, लालच देकर धर्म परिवर्तन कराया जाता है। ऐसे भी मामले आए हैं। स्वाभाविक रूप से शादी होना और जबरन या लालच देकर धर्म परिवर्तन करवाकर शादी करना, दोनों में बहुत बड़ा अंतर है। मैं समझता हूं कि सरकारों ने जो कानून बनाया है इन सारी चीजों को ध्यान में रखकर बनाया है।'
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भाजपा नेता से जब पूछा गया कि इस तरह के कानून से भाजपा की छवि पर असर पड़ता है। दूसरे धर्मों को नीचा दिखा, ये एक नीति का मसला है ऐसा समझा जाता है। इसके जवाब में उन्होंने कहा, 'कभी नहीं। मैं तो ये मानता हूं कि जो सच्चा हिंदू होगा वो जाति, पंथ अथवा मजहब के आधार पर कोई भेदभाव नहीं करेगा। कभी नहीं करेगा।'