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भारत के पास किसी भी बाहरी खतरे से निपटने की क्षमता, विस्तारवादी ताकतों को देंगे मुंहतोड़ जवाब: राजनाथ सिंह 

Thu, 31 Dec 2020 02:27 AM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Sneha Baluni Updated Thu, 31 Dec 2020 02:27 AM IST
सार

  • रक्षामंत्री ने चीन पर साधा निशाना, कहा देश की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने वाले को नहीं बख्शेंगे

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India China Border Tension News: Rajnath Singh says no meaningful outcome of talks on lac status quo remains military talks
भारत चीन: राजनाथ सिंह (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

विस्तार

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने चीन का नाम लिए बिना कहा कि भारत अपनी सुरक्षा को लेकर किसी भी बाहरी खतरे से निपटने में सक्षम है। अगर कोई देश की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करता है तो बख्शा नहीं जाएगा। कोई विस्तारवादी देश हमारी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश करता है या जमीन के टुकड़े पर कब्जा करता है तो भारत के पास ताकत और क्षमता है कि वह उसे किसी के हाथ में न जाने दे। चाहे वे दुनिया को कोई भी देश हो।

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राजनाथ ने बुधवार को कहा, गलवां झड़प के बाद जब उन्होंने पूर्वी लद्दाख का दौरा किया तो जवानों का मनोबल काफी ऊंचा था। उस समय उन्होंने जो जज्बा, संयम और बहादुरी दिखाई, उसकी जितनी प्रशंसा की जाए, कम है। पूर्वी लद्दाख में चीन के पीछे नहीं हटने पर गलवां जैसी घटना दोबारा होने के सवाल पर राजनाथ ने कहा, भारतीय सेना देश के गौरव को ठेस नहीं लगने देगी। पूर्वी लद्दाख में जारी गतिरोध पर राजनयिक व सैन्य स्तर की वार्ता में कोई हल नहीं निकल पाया है। वहां यथास्थिति बरकरार है और यह अच्छा संकेत नहीं है। यही स्थिति रहती है तो सेनाओं की तैनाती में कमी नहीं आएगी। बहरहाल, चीन से वार्ता जारी है और उम्मीद है कि कुछ सकारात्मक नतीजा जरूर निकलेगा।
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जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद हारा, लोकतंत्र की जीत 
राजनाथ ने कहा, जम्मू-कश्मीर में स्थानीय निकाय चुनावों में लोकतंत्र की जीत हुई। डीडीसी चुनाव ने नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी के सभी आरोपों को झुठला दिया। जम्मू-कश्मीर में सभी को समान अधिकार है। सभी स्वतंत्र हैं और कोई हिरासत में नहीं है। कोई कहीं भी आ-जा सकता है। स्थानीय निकाय और ग्राम पंचायत चुनावों के नतीजों ने एक बात स्पष्ट कर दी कि आतंकवाद और अलगाववाद हार गया।
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शादी के लिए धर्मांतरण मंजूर नहीं
रक्षामंत्री ने उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश में जबरन धर्म परिवर्तन के खिलाफ लाए अध्यादेशों का समर्थन किया। उन्होंने कहा, शादी के लिए धर्म परिवर्तन क्यों हो। जहां तक मुझे पता है मुस्लिम धर्म में किसी दूसरे धर्म में शादी नहीं कर सकते। मैं निजी तौर पर शादी के लिए धर्मांतरण को सही नहीं मानता। नैसर्गिक शादी और शादी के लिए धर्म परिवर्तन में फर्क है। कई ऐसे मामले हैं, जहां लालच के लिए जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया। मुझे लगता है कि सरकारों ने कानून बनाते समय इन सब चीजों को ध्यान में रखा।

एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप गलत
राजनाथ ने विपक्षी दलों द्वारा सीबीआई, ईडी व अन्य केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग के आरोप को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा, विपक्षी दल नाकामियां छिपाने के लिए आरोप लगा रहे हैं। चुनाव दर चुनाव भाजपा जीत रही है तो फिर विपक्ष को निशाना बनाने की क्या जरूरत है।

पीएम मोदी व्यक्ति नहीं, संस्थान हैं
किसान आंदोलन के खिलाफ पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपशब्दों को लेकर रक्षामंत्री ने कहा, पीएम सिर्फ व्यक्ति नहीं बल्कि संस्थान हैं। पीएम मोदी को जनता ने समर्थन और प्यार दिया है। वह पीएम बनने से पहले 14 साल गुजरात से मुख्यमंत्री रहे। उनके खिलाफ अपशब्द कहे जा रहे हैं, आधारहीन आरोप लगाए जा रहे हैं। मैंने अपने राजनीतिक जीवन में किसी पूर्व पीएम के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल नहीं किया। पीएम के खिलाफ ‘मर जा, मर जा’ शब्दों का इस्तेमाल हो रहा है। किसानों को ऐसे नारे लगाने वालों को आंदोलन से दूर रखना चाहिए। एक बार मेरे दल ने पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के खिलाफ अपशब्द का इस्तेमाल किया तो मैंने तुरंत विरोध किया।







यह भी पढ़ें- प्रचंड के समर्थन में चीन की मुहिम से भारत सतर्क, नेपाली कांग्रेस और सुप्रीम कोर्ट पर टिकी उम्मीदें

राजनाथ ने कहा, 'यह सच है कि भारत और चीन के बीच गतिरोध को कम करने के लिए सैन्य और राजनयिक स्तर पर बातचीत हो रही हैं। लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है। सैन्य स्तर पर अगले दौर की वार्ता कभी भी हो सकती है। लेकिन कोई सार्थक परिणाम नहीं आया है और यथास्थिति है। अगर यथास्थिति बनी रहती है, तो यह स्वाभाविक है कि तैनाती को कम नहीं किया जा सकता है। हमारी तैनाती में कोई कमी नहीं होगी और मुझे लगता है कि उनकी तैनाती में भी कमी नहीं आएगी। मुझे नहीं लगता कि यथास्थिति एक सकारात्मक नतीजा है। वार्ता जारी है और वे एक सकारात्मक परिणाम दें, यही हमारी अपेक्षा है।'

सिंह कहा कि हॉटलाइन संदेशों का आदान-प्रदान किया गया है। उन्होंने ने कहा, 'किन मुद्दों पर बातचीत होगी, इसके लिए दोनों देशों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान हो रहा है।' बता दें कि डब्ल्यूएमसीसी की 18 दिसंबर को हुई बैठक के बाद विदेश मंत्रालय ने कहा था कि दोनों पक्ष राजनयिक और सैन्य स्तर पर करीबी परामर्श बनाए रखने पर सहमत हुए हैं।

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