India Dutch Ties: नीदरलैंड के रक्षा मंत्री से मिले राजनाथ सिंह, कहा- पाकिस्तान को न दें हथियार और तकनीक
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को नीदरलैंड के रक्षा मंत्री रूबेन बर्केलमैन्स से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने आने वाले दिनों में भारत और नीदरलैंड के बीच द्विपक्षीय रक्षा साझेदारी को मजबूत करने पर चर्चा की। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक राजनाथ सिंह ने नीदरलैंड के रक्षा मंत्री ने कहा कि वह आतंक को बढ़ावा देने वाले पाकिस्तान को हथियार और तकनीक मुहैया न कराए।
विस्तार
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को नीदरलैंड के रक्षा मंत्री रूबेन बर्केलमैन्स से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने आने वाले दिनों में भारत और नीदरलैंड के बीच द्विपक्षीय रक्षा साझेदारी को मजबूत करने पर चर्चा की। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक राजनाथ सिंह ने नीदरलैंड के रक्षा मंत्री ने कहा कि वह आतंक को बढ़ावा देने वाले पाकिस्तान को हथियार और तकनीक मुहैया न कराए।
Delighted to meet the young and dynamic Defence Minister of Netherlands, Mr. Ruben Berkelmans in New Delhi. We reviewed the full range of India-Netherlands defence cooperation.
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We look forward to further deepen and elevate our defence partnership. The areas of our discussion… pic.twitter.com/S4x1bXk81n— Rajnath Singh (@rajnathsingh) March 18, 2025
बैठक के दौरान मौजूद लोगों ने बताया कि राजनाथ सिंह ने रूबेन बर्केलमैन्स से कहा कि भारत कई साल से पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद से जूझ रहा है। इसलिए नीदरलैंड पाकिस्तानी सेना को हथियार, उन्नत प्रणालियां न दे और न ही कोई तकनीकी साझा करे। पाकिस्तान को हथियार देना क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरनाक है। भारत के मित्र देशों को आतंक के प्रायोजकों का समर्थन नहीं करना चाहिए।
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राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि नई दिल्ली में नीदरलैंड के युवा और गतिशील रक्षा मंत्री रूबेन बर्केलमैन्स से मिलकर बहुत खुशी हुई। हमने भारत-नीदरलैंड रक्षा सहयोग के सभी पहलुओं की समीक्षा की। हम अपनी रक्षा साझेदारी को और गहरा और उन्नत करने के लिए तत्पर हैं। हमने रक्षा, साइबर सुरक्षा, इंडो-पैसिफिक और एआई जैसी उभरती हुई तकनीकों पर व्यापक चर्चा की।
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रक्षा मंत्रालय ने कहा कि दोनों मंत्रियों ने जहाज निर्माण, उपकरण और अंतरिक्ष क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर बात की। उन्होंने संबंधित रक्षा प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थानों और संगठनों को जोड़ने के अलावा एआई और संबंधित प्रौद्योगिकियों जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम करने पर भी चर्चा की।
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