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मणिपुर में फिर हिंसा: संदिग्ध उग्रवादियों ने की दो महिलाओं की गोली मारकर हत्या, कई मकान भी फूंके
Tue, 15 Sep 2026 09:59 PM IST
देवेश त्रिपाठी
पीटीआई, इंफाल/चुराचांदपुर
पीटीआई, इंफाल/चुराचांदपुर
Published by: देवेश त्रिपाठी
Updated Tue, 15 Sep 2026 09:59 PM IST
सार
मणिपुर के तामेंगलांग जिले में मंगलवार को संदिग्ध उग्रवादियों ने दो कुकी महिलाओं की गोली मारकर हत्या कर दी। दोनों महिलाएं लेइसांगफाई गांव के एक सुनसान खेत में लकड़ी लेने गई थीं। हमलावरों ने कुछ कच्चे खेत-मकानों में भी आग लगा दी। यह घटना 13 सितंबर को तामेंगलांग और नोनी जिलों में चार लोगों की हत्या के बाद हुई है।
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मणिपुर हिंसा
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
मणिपुर के तामेंगलांग जिले में मंगलवार को हिंसा की ताजा घटना में संदिग्ध उग्रवादियों ने दो महिलाओं की गोली मारकर हत्या कर दी और गांव के बाहर खेतों में बने कुछ कच्चे मकानों में आग लगा दी। यह घटना तामेंगलांग और नोनी जिलों में दो महिलाओं समेत चार लोगों की गोली मारकर हत्या किए जाने के दो दिन बाद हुई है।
अधिकारियों ने स्थानीय लोगों के हवाले से बताया कि कुकी समुदाय की दोनों महिलाएं अंदरूनी इलाके के लेइसांगफाई गांव में एक सुनसान खेत में लकड़ी लेने गई थीं। इसी दौरान सशस्त्र उग्रवादियों ने उन्हें गोली मार दी।
खेत में पड़े मिले महिलाओं के शव
मृतकों की पहचान 60 वर्षीय चोंगा सितलहौ और 30 वर्षीय किम्बोई सिंगसन के रूप में हुई है। अधिकारियों के मुताबिक, स्थानीय लोगों ने दावा किया है कि गांव के कई लोगों का पता नहीं चल पा रहा है। दोनों महिलाओं के शव गोली लगने के निशान के साथ खेत में पड़े मिले। ग्रामीणों ने उनके शव बरामद किए। हमलावरों ने कुछ कच्चे खेत-मकानों में भी आग लगा दी।
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13 सितंबर को तामेंगलांग जिले के टोलेन कुकी गांव में संदिग्ध उग्रवादियों ने एक महिला और उसके पति की उनके घर में हत्या कर दी थी। इस हमले में उनका नवजात बेटा घायल हो गया था। इसी दिन नोनी जिले के लोंगपी गांव में भी सशस्त्र उग्रवादियों ने एक महिला और एक पुरुष की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
दो दिनों में छह लोगों की हत्याएं
चुराचांदपुर जिले में स्थित कुकी समुदाय के एक प्रमुख संगठन ने समुदाय के छह ग्रामीणों की हत्या की निंदा की है। संगठन ने कहा कि मंगलवार को मारी गई दोनों महिलाओं के शव तब तक नहीं लिए जाएंगे, जब तक न्याय नहीं मिल जाता। कुकी इनपी मणिपुर ने एक बयान में कहा, 'संगठन ने फैसला किया है कि शोक संतप्त परिवारों के लिए यह कितना भी कठिन और पीड़ादायक क्यों न हो, दोनों मृत महिलाओं के शव तब तक नहीं लिए जाएंगे, जब तक न्याय नहीं मिल जाता।'
कुकी संगठन ने लगाए क्या आरोप?
संगठन ने अधिकारियों की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा, 'केंद्र और राज्य सरकारें कहां हैं? निर्दोष कुकी-जो नागरिकों पर लगातार हो रहे हमलों के सामने अधिकारी आखिर कब तक चुप रहेंगे?' कुकी इनपी मणिपुर ने दावा किया कि निर्दोष नागरिकों को लगातार निशाना बनाया जाना और उनकी सुरक्षा करने में अधिकारियों की कथित विफलता स्थिति को बेहद खतरनाक दिशा में ले जा रही है।
मैदानी इलाकों में रहने वाले मैतेई और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले कुकी समुदाय के बीच मई 2023 में शुरू हुए जातीय संघर्ष में अब तक कम से कम 306 लोगों की जान जा चुकी है। वहीं, 49 लोग अब भी लापता हैं और हजारों लोग बेघर हो चुके हैं।
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अधिकारियों ने स्थानीय लोगों के हवाले से बताया कि कुकी समुदाय की दोनों महिलाएं अंदरूनी इलाके के लेइसांगफाई गांव में एक सुनसान खेत में लकड़ी लेने गई थीं। इसी दौरान सशस्त्र उग्रवादियों ने उन्हें गोली मार दी।
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खेत में पड़े मिले महिलाओं के शव
मृतकों की पहचान 60 वर्षीय चोंगा सितलहौ और 30 वर्षीय किम्बोई सिंगसन के रूप में हुई है। अधिकारियों के मुताबिक, स्थानीय लोगों ने दावा किया है कि गांव के कई लोगों का पता नहीं चल पा रहा है। दोनों महिलाओं के शव गोली लगने के निशान के साथ खेत में पड़े मिले। ग्रामीणों ने उनके शव बरामद किए। हमलावरों ने कुछ कच्चे खेत-मकानों में भी आग लगा दी।
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13 सितंबर को तामेंगलांग जिले के टोलेन कुकी गांव में संदिग्ध उग्रवादियों ने एक महिला और उसके पति की उनके घर में हत्या कर दी थी। इस हमले में उनका नवजात बेटा घायल हो गया था। इसी दिन नोनी जिले के लोंगपी गांव में भी सशस्त्र उग्रवादियों ने एक महिला और एक पुरुष की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
दो दिनों में छह लोगों की हत्याएं
चुराचांदपुर जिले में स्थित कुकी समुदाय के एक प्रमुख संगठन ने समुदाय के छह ग्रामीणों की हत्या की निंदा की है। संगठन ने कहा कि मंगलवार को मारी गई दोनों महिलाओं के शव तब तक नहीं लिए जाएंगे, जब तक न्याय नहीं मिल जाता। कुकी इनपी मणिपुर ने एक बयान में कहा, 'संगठन ने फैसला किया है कि शोक संतप्त परिवारों के लिए यह कितना भी कठिन और पीड़ादायक क्यों न हो, दोनों मृत महिलाओं के शव तब तक नहीं लिए जाएंगे, जब तक न्याय नहीं मिल जाता।'
कुकी संगठन ने लगाए क्या आरोप?
संगठन ने अधिकारियों की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा, 'केंद्र और राज्य सरकारें कहां हैं? निर्दोष कुकी-जो नागरिकों पर लगातार हो रहे हमलों के सामने अधिकारी आखिर कब तक चुप रहेंगे?' कुकी इनपी मणिपुर ने दावा किया कि निर्दोष नागरिकों को लगातार निशाना बनाया जाना और उनकी सुरक्षा करने में अधिकारियों की कथित विफलता स्थिति को बेहद खतरनाक दिशा में ले जा रही है।
मैदानी इलाकों में रहने वाले मैतेई और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले कुकी समुदाय के बीच मई 2023 में शुरू हुए जातीय संघर्ष में अब तक कम से कम 306 लोगों की जान जा चुकी है। वहीं, 49 लोग अब भी लापता हैं और हजारों लोग बेघर हो चुके हैं।