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बढ़ेगी सेना की ताकत: राजनाथ ने दी रक्षा क्षेत्र में नवोन्मेष के लिए 499 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी
Sun, 13 Jun 2021 03:31 PM IST
दीप्ति मिश्रा
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: दीप्ति मिश्रा
Updated Sun, 13 Jun 2021 03:31 PM IST
सार
रक्षा मंत्रालय ने रविवार को कहा कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को हासिल करने के मकसद से करीब 300 स्टार्टअप, लघु, छोटे और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) और व्यक्तिगत अन्वेषकों को वित्तीय मदद मुहैया कराने के लिए इस निधि का इस्तेमाल किया जाएगा।
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Rajnath Singh
- फोटो : Twitter@rajnathsingh
विस्तार
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अगले पांच वर्षों के लिए रक्षा क्षेत्र में अनुसंधान और नवोन्मेष के लिए करीब 499 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी है।
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रक्षा मंत्रालय ने रविवार को कहा कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को हासिल करने के मकसद से करीब 300 स्टार्टअप, लघु, छोटे और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) और व्यक्तिगत अन्वेषकों को वित्तीय मदद मुहैया कराने के लिए इस निधि का इस्तेमाल किया जाएगा।
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यह योजना सैन्य उपकरणों और हथियारों के आयात में कमी लाने और भारत को रक्षा विनिर्माण का केंद्र बनाने की सरकार की कोशिश का हिस्सा है।
मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अगले पांच वर्षों के लिए रक्षा उत्कृष्टता नवोन्मेष (आईडेक्स)-रक्षा नवोन्मेष संगठन (डीआईओ) के लिए 498.8 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी है। इसने कहा कि आईडेक्स-डीआईओ का मुख्य उद्देश्य रक्षा तथा वैमानिकी क्षेत्र में आत्मनिर्भरता तथा स्वदेशीकरण है।
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मंत्रालय ने कहा कि अगले पांच साल के लिए 498.8 करोड़ रुपये के बजट सहयोग वाली इस योजना का मकसद डीआईओ रूपरेखा के तहत करीब 300 स्टार्टअप/एमएसएमई/व्यक्तिगत अन्वेषकों और 20 साझेदार संगठनों को वित्तीय मदद मुहैया कराना है। इसने कहा कि डीआईओ नवोन्मेषकों के लिए भारतीय रक्षा उत्पादन उद्यम के साथ बातचीत के माध्यम तैयार करने में मदद करेगा।
मंत्रालय ने कहा कि इस योजना से भारतीय रक्षा और वैमानिकी क्षेत्र को कम समय में अपनी जरूरतों को पूरो करने के लिए नवीन, स्वदेशी और नवोन्मेषी प्रौद्योगिकियां तेजी से विकसित करने में मदद मिलेगी। पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने भारत को रक्षा उत्पादन का केंद्र बनाने के लिए कई सुधारात्मक कदम उठाए हैं और कई पहलों की शुरुआत की है।