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राजस्थान चला सूचना प्रौद्योगिकी का अंतरराष्ट्रीय हब बनने की ओर

Sat, 25 Aug 2018 08:51 AM IST
शशिधर पाठक, अमर उजाला, जयपुर
शशिधर पाठक, अमर उजाला, जयपुर Updated Sat, 25 Aug 2018 08:51 AM IST
सार

शशिधर पाठक, अमर उजाला

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Rajasthan will be a International hub of information technology

विस्तार

राज्य की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की सरकार डिजिटल इंडिया के मामले में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार से कई कदम आगे चल रही है। खुद मोहनदास पाई का कहना है कि राजस्थान का डिजिटल कार्यक्रम उनके गृह राज्य कर्नाटक से काफी आगे निकल चुका है। दिलचस्प है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इंडिया फर्स्ट के नारे से एक कदम आगे चलकर वसुंधरा राजे ने पीपुल फर्स्ट की थीम तैयार कर राजस्थान को डिजिटलाइज्ड संरचना देने की कोशिश की है। राज्य के सूचना प्रौद्योगिकी मामले के प्रधान सचिव अखिल अरोड़ा का कहना है कि दो-तीन साल पहले हमने पहल की और अब अंतरराष्ट्रीय संरचना खड़ी करने जा रहे हैं।

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अखिल अरोड़ा का कहना है कि हमारा आई स्टार्ट भारत का सबसे बड़ा स्टार्ट अप है। यह स्टार्ट अप के लिए सपोर्ट प्रोग्राम है। हम इसके तहत इंक्यूबेटर्स, वीसी, स्टार्ट अप इंवेस्टर्स के लिए सबसे बेहतर सुविधाएं प्रदान करते हैं। स्टार्ट अप को बढ़ावा देने के लिए राजस्थान सरकार ने 500 करोड़ रुपये के बजट का इंतजाम किया है। इसमें से 100 करोड़ रुपये महिला और 50 करोड़ रुपये ग्रीन (पर्यावरण को केन्द्र में रखकर) स्टार्टअप के लिए हैं।
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इसके लिए बाकायदा भामाशाह टेक्नोफंड बनाया गया है। इतना ही नहीं स्टार्ट अप के तहत प्रतिभागियों की क्षमता के विकास के लिए राज्य सरकार ने भामाशाह टेक्नोहब का निर्माण किया गया है। इसमें स्टार्ट अप के लिए सभी सुविधाएं मौजूद हैं। हाई स्पीड इंटरनेट, कांफ्रेस रूम, थियेटर, मीटिंग हाल, कैफेटेरिया, स्टार्ट अप गुरुओं का मार्गदर्शन तथा बड़ी बड़ी स्टार्ट अप और स्टार्ट अप में निवेश करने वाली कंपनियों कारपोरेट घरानों के लिए एक प्लेटफार्म उपलब्ध कराया गया है। यह भारत में तैयार हुआ पहला क्यू रेट स्तर का कैपिबिलिटी बिल्डिंग सेंटर है।

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700 स्टार्ट अप्स को फ्री सीड फंडिंग

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करीब सात सौ स्टार्ट अप्स के लिए भामाशाह हब वरदान साबित हो सकता है। इसमें किसी भी राज्य के स्टार्ट अप की इच्छा रखने वाले युवा आ सकते हैं। इतना ही नहीं भामाशाह टेक्नोहब के दरवाजे  पूरे देश के लिए खुले हैं। राज्य सरकार स्टार्ट अप्स को अपने डाटा सेंटर के जरिए दो साल तक फ्री क्लाऊड सर्विस भी देगी।

यहां स्टार्ट अप्स के लिए काम करने, मदद के लिए गुरुओं, विशेषज्ञों की मौजूदगी सब उपलब्ध रहेगी। इसके लिए प्रयोगशाला समेत सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं। स्नैपडील, ओयो, मेक माई ट्रिप, योर स्टोरी की टीम भी मिलेगी। यहां तक कि सरकार को स्टार्ट अप का आइडिया पसंद आने पर सरकार दो लाख रुपये तक की सीड फंडिंग और 25 लाख रुपये तक का वैंचर कैपिटल भी मुहैय्या कराएगी।  

स्टार्ट अप पर रहेगी निगाह

राजस्थान ने स्टार्ट अप को सफल बनाने के लिए उनकी निगरानी के लिए प्रतिस्पर्धी व्यवस्था बनाई है। इसके लिए समय समय पर मूल्यांकन का इंतजाम किया गया है। स्टार्ट अप को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिभागियों को प्लेटिनम, गोल्ड, सिल्वर, ब्रांज मेडल देने की भी योजना है। ताकि स्टार्ट अप सफल हो सके। अखिल अरोड़ा का कहना है कि ऐसा मुख्यमंत्री की मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति और सही दिशा में प्रयास के कारण सफल हो पाया है।

बना रहे हैं दुनिया का बेहतरीन डाटा सेंटर
 
अखिल अरोड़ा ने बताया कि राजस्थान सरकार विश्व स्तरीय सुरक्षा से युक्त भामा शाह डाटा सेंटर बना रही है। यह थ्री टीयर फोल्ड सर्टिफाइड होगा। इसे मल्टीमोड ऑटोमैटिक सिस्टम पर तैयार किया जा रहा है और 24 घंटे काम करने वाली इस प्रणाली का लाभ देश के अन्य राज्य ले सकेंगे। अरोड़ा के अनुसार इसके लिए रेट कार्ड तैयार किया जा रहा है। गोवा , उत्तराखंड और तमिलनाडु जैसे राज्य ने हमारे डेटा सेंटर की सुविधाएं लेने में रुचि दिखाई है। राजस्थान सरकार के अधिकारियों का दावा है कि उनका यह प्लेटफार्म गूगल, अमेजॉन आदि से सस्ता और सुरक्षित है।

सुरक्षित प्लेटफार्म से गांव-गांव तक सरकार

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राज्य की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया डिजिटल राजस्थान की उपलब्धि हासिल करने के लिए तत्पर हैं। उनका दावा है कि आधार कार्ड से पहले राज्य में भामाशाह कार्ड की योजना ने आकार लेना शुरू कर दिया था। मुख्यमंत्री के अनुसार भामाशाह कार्ड राजस्थान के लोगों के लिए उम्मीद और उनका हक दिलाने का जरिया बन चुका है।

राज्य सरकार इसके जरिए न केवल अपने नागरिकों को सस्ता राशन, सब्सिडी दे रही है, बल्कि इसके जरिए सभी नागरिकों को स्वास्थ्य बीमा समेत अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं। स्वास्थ्य सेवा को बेहतर तरीके से उपलब्ध कराने के लिए इसमें निजी क्षेत्र के अस्पतालों को भी शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री खुद कहती हैं कि केंद्र सरकार अभी जिन योजनाओं को सोच कर उनपर पहल कर रही है, राजस्थान सरकार उसे अपने यहां सफलता पूर्वक लागू कर चुकी है।

100 प्रतिभागी जाएंगे सिलिकॉन सिटी

पूरे राजस्थान से 100 प्रतिभागी चुने गए हैं। इनमें से किन्हीं कारणों से नौ प्रतिभागियों ने जाने में अनिच्छा जताई है, लेकिन राज्य सरकार की योजना शेष 91 प्रतिभागियों को सिलिकॉन सिटी, अमेरिका भेजने की है। सभी छात्र वहां रहकर सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की चमचमाती दुनिया देखकर आएंगे। सरकार की योजना उन्हें एक माह से अधिक समय तक वहां रोककर नया अनुभव दिलाने की है। ताकि राजस्थान में सूचना प्रौद्योगिकी, स्टार्ट अप, डिजिटल इंडिया के वातावरण को नई ऊचाइंया दी जा सकें।

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