फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Rajasthan political crisis, Sachin Pilot meets congress senior leader priyanka gandhi, rahul gandhi after bjp issue

कांग्रेस के घर की ‘तपिश’ भाजपा तक पंहुचने से पायलट ने की इमरजेंसी लैंडिंग

Tue, 11 Aug 2020 06:53 AM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Tue, 11 Aug 2020 06:53 AM IST
विज्ञापन
Rajasthan political crisis, Sachin Pilot meets congress senior leader priyanka gandhi, rahul gandhi after bjp issue
सचिन पायलट-प्रियंका गांधी वाड्रा-अशोक गहलोत (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

सचिन पायलट ने करीब एक महीने पहले समर्थक विधायकों के साथ जो राजनीतिक उड़ान भरी वह हवा में करतब दिखाने के बाद सुरक्षित लैंडिंग के लिए उसी रनवे पर सिग्नल चाह रहे हैं। कांग्रेस से नजदीकी बढ़ने को पायलट की इमरजेंसी लैंडिंग बताया जा रहा है।

विज्ञापन


दरअसल, सचिन लगातार दावा करते रहे कि वह कांग्रेस में हैं और भाजपा में नहीं जा रहे। भाजपा भी इसे कांग्रेस की आपसी कलह बताती रही।

हालांकि राजस्थान कांग्रेस के ‘घर’ लपटें भाजपा की ओर पहुंचता देख पायलट के तेवर नरम पड़े हैं। राजस्थान भाजपा लगातार कांग्रेस पर बाड़ाबंदी और विधायकों को बंधक बनाने का आरोप लगा रही थी। पिछले हफ्ते उसे अपने विधायक गुजरात भेजने पड़े। भाजपा ने सभी 72 विधायकों को अलग-अलग ग्रुप में गुजरात पंहुचने को कहा लेकिन 20 विधायक पंहुचे। सूत्रों के मुताबिक कुछ भाजपा विधायक सरकार अस्थिर करने के समर्थन में नहीं थे।
विज्ञापन


ऐसे में भाजपा को लगा कि अगर उनके कुछ विधायकों की गैरहाजिरी से गहलोत सरकार बहुमत साबित कर लेगी तो राजनीतिक फजीहत होगी। इसके चलते भाजपा ने पायलट से पीछा छुड़ाने का फैसला किया। वहीं, राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के रुख के बाद भाजपा रणनीतिकारों को लगने लगा कि कांग्रेस के घमासान काफायदा उसे नहीं मिलेगा। पायलट की बगावत के शुरुआती दिनों में ज्योतिरादित्य सिंधिया भी खुले तौर पर सक्रिय थे लेकिन बुआ वसुंधरा की एंट्री के बाद वे भी बैकफुट पर चले गए।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रियंका सहित यूथ ब्रिगेड की भूमिका
संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, कोषाध्यक्ष अहमद पटेल, पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम सहित कुछ बड़े नेता पायलट को मनाने की कोशिश में जुटे थे। वहीं, गहलोत समेत पार्टी का एक वर्ग पायलट के भाजपा से रिश्तों के सुबूत पेश कर उन्हें गलत ठहरा रहा था। युवा नेता जितिन प्रसाद, मिलिंद देवड़ा, दीपेंद्र सिंह हुड्डा और भंवर जितेंद्र सिंह जैसे युवा नेता भी पायलट का समर्थन करते दिखे। वहीं, पार्टी आलाकमान भी पायलट को खोना नहीं चाहता था। इन सबके बीच प्रियंका गांधी वाड्रा लगातार पायलट के संपर्क में रहीं। सचिन लगातार उनसे अपना पक्ष बताते रहे और प्रियंका उन्हें कांग्रेस अध्यक्ष से मिलने को कहती रहीं।

पायलट नहीं जुटा पाए जरूरी समर्थन
पायलट ने बीते एक महीने डिप्टी सीएम और प्रदेश अध्यक्ष का पद गया। जितने विधायकों का दावा था उनका समर्थन नहीं मिला। वहीं, अशोक गहलोत का पायलट को लेकर कठोर रुख अभी बरकरार है। गहलोत समर्थकों ने बागियों पर कार्रवाई की मांग की है। ऐसे में पायलट समर्थकों की बेचैनी बढ़ गई। उन्हें लगा कि अगर गहलोत बहुमत साबित करने में सफल रहे तो विधायकी जानी तय है। 

गहलोत से मिले कांग्रेस से निलंबित

दिल्ली में राहुल गांधी से सचिन पायलट की मुलाकात के बाद राजस्थान में सियासी हलचल बढ़ गई। कांग्रेस के निलंबित विधायक और पायलट के करीबी भंवर लाल शर्मा गहलोत से मिलने पहुंचे। इस दौरान शर्मा ने दावा किया कि कांग्रेस सरकार को कोई खतरा नहीं है और वह सुरक्षित है।

पायलट गुट के बाकी बागी विधायक भी जल्द ही जयपुर लौटेंगे। गहलोत से मिलने के बाद शर्मा ने कहा, सरकार सुरक्षित है। मंगलवार तक चीजें साफ हो जाएंगी। यह हमारा आंतरिक मामला था। जो अब सुलझ गया। पार्टी परिवार की तरह है और अशोक गहलोत इसके प्रमुख हैं।

अगर कोई परिवार में परेशान होता है तो वह भी चैन से भोजन नहीं करते। इसलिए मैंने एक महीने नाखुशी जाहिर की। अब मुझे कोई नाराजगी नहीं है। लोगों से किए सभी वादे पूरे करेगी पार्टी। इससे पहले दिन में शर्मा ने कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल से मुलाकात की थी।

गौरतलब है गहलोत सरकार गिराने की साजिश में शामिल होने पर शर्मा और विश्वेंद्र सिंह को कांग्रेस ने प्राथमिक सदस्यता से बर्खास्त कर दिया था। शर्मा के खिलाफ एसओजी ने एफआईआर भी दर्ज की है।

सीएम ने बुलाई वरिष्ठ नेताओं की बैठक
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से फोन पर बात करने और शर्मा से मुलाकात के बाद गहलोत ने प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सहित वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की। बैठक में शामिल एक नेता ने बताया, गहलोत ने आलाकमान के फैसले से सहमति जताई है।

गहलोत ही रहेंगे सीएम : डोटासरा
नेतृत्व परिवर्तन की खबरें फर्जी हैं। अशोक गहलोत हमारे मुख्यमंत्री हैं और पांच वर्ष तक रहेंगे।
- गोविंद सिंह डोटासरा, अध्यक्ष राजस्थान कांग्रेस

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed