Rajasthan: आदिवासियों के बाद गुर्जरों को साधने भीलवाड़ा जाएंगे पीएम, इन 55 सीटों पर है भाजपा की नजर
Rajasthan: अमर उजाला से चर्चा में राजस्थान भाजपा के नेताओं का कहना है कि भगवान देवनारायण के जन्म स्थान मालासेरी से जुड़े संतों ने पीएम मोदी को जयंती समारोह में शिरकत करने का निमंत्रण दिया है। इसके बाद से ही पीएम के भीलवाड़ा आने की तैयारियां शुरू हो गई हैं...
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राजस्थान (Rajasthan) में साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसे लेकर कांग्रेस और भाजपा दोनों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। भाजपा संगठन के नेताओं के बाद अब प्रधानमंत्री मोदी 28 जनवरी को प्रदेश के भीलवाड़ा पहुंच रहे हैं। पीएम भीलवाड़ा के आसींद में देवनारायण भगवान की जयंती के मौके पर एक जनसभा को संबोधित करेंगे। पीएम की इस रैली के जरिए भाजपा पूर्वी राजस्थान और गुर्जर बाहुल्य क्षेत्र को साधने की कोशिश करेगी।
भाजपा के पास कोई गुर्जर विधायक नहीं
प्रदेश की 200 सीटों में से 50 से ज्यादा ऐसे सीटें हैं, जहां गुर्जर समाज का प्रभाव है। यदि जिलों की बात की जाए तो अजमेर, भीलवाड़ा, कोटा, बूंदी, दौसा, सवाई माधोपुर, करौली, अलवर जिले सहित जयपुर ग्रामीण सीट पर भी गुर्जर बाहुल्य क्षेत्र हैं। इसलिए भाजपा इस वोटबैंक को साधने में जुटी है। अगर यह वोट बैंक भाजपा के पक्ष में जाता है, तो पार्टी की जीत की संभावना बढ़ जाती है। 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा से एक भी गुर्जर विधायक नहीं बन पाया था।
पीएम मोदी के प्रस्तावित दौरे की चर्चा मात्र से ही सूबे में राजनीति गरमाने लगी है। भाजपा जन आक्रोश यात्रा और सभाएं कर सत्ता में वापसी के लिए माहौल बनाने में जुटी हुई है। इस बीच पीएम के राजस्थान दौरे पर आने की चर्चाओं से भाजपा कार्यकर्ता उत्साहित हो गए हैं। अमर उजाला से चर्चा में राजस्थान भाजपा के नेताओं का कहना है कि भगवान देवनारायण के जन्म स्थान मालासेरी से जुड़े संतों ने पीएम मोदी को जयंती समारोह में शिरकत करने का निमंत्रण दिया है। इसके बाद से ही पीएम के भीलवाड़ा आने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। हालांकि पीएम के दौरे की अभी तक आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन प्रदेश भाजपा ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्रदेश भाजपा नेता गुलाबचंद कटारिया का कहना है कि पीएम मोदी के इस कार्यक्रम में आने से भगवान देवनारायण को आराध्य मानने वाले लोगों को आनंद का अनुभव होगा।
पीएम की रैली का गुर्जर बाहुल्य सीट पर दिखेगा असर
हाल ही में पीएम के इस दौरे को लेकर भाजपा के प्रदेश प्रभारी और राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने प्रदेश भाजपा के नेताओं के साथ बैठक की थी। बैठक में पीएम के दौरे और उसकी तैयारियों को लेकर चर्चा की गई थी। बैठक के बाद उन्होंने पीएम के दौरे की पुष्टि भी की थी। इस बीच भाजपा ने पीएम के दौरे की तैयारियां शुरू कर दी हैं। बड़ी संख्या में भाजपा सांसद, विधायक, पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी कार्यक्रम में हिस्सा लेने जाएंगे। पीएम के आसींद में भगवान देवनारायण की 1111वीं जयंती पर होने वाले कार्यक्रम में हिस्सा लेकर पूर्वी राजस्थान और गुर्जर समाज में बड़ा संदेश देंगे। प्रदेश में 14 जिलों की 18 सीटें गुर्जर बाहुल्य हैं। जबकि करीब 50 से ज्यादा विधानसभा सीटों गुर्जर वोट असर डालता है।
इसलिए कांग्रेस से नाराज हैं गुर्जर
2018 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष सचिन पायलट थे। उनके मुख्यमंत्री बनने की संभावना के चलते गुर्जरों ने एकतरफा कांग्रेस को वोट दिया था। हालांकि पायलट सीएम नहीं बने, तो लोकसभा चुनाव में यह वोट बैंक भाजपा की तरफ डायवर्ट हो गया और प्रदेश की सभी 25 लोकसभा सीटों पर भाजपा को जीत मिली। विधानसभा चुनाव 2023 को निकट देखते हुए भाजपा एक बार फिर पीएम मोदी की सभा के जरिए गुर्जर वोट बैंक पर प्रभाव डालने की कोशिश में जुटी हुई है। गुर्जर भी पायलट को सीएम नहीं बनाने से कांग्रेस से नाराज चल रहे हैं। ऐसे में भाजपा को चुनाव में इसका फायदा मिल सकता है।
पीएम मोदी का यह दौरा उस वक्त हो रहा है, जब हाल ही में अजमेर में देवनारायण मंदिर की दीवार राजस्थान सरकार के पीडब्ल्यूडी की ओर से गिरा दी गई थी। विवाद बढ़ने पर शासन प्रशासन को झुकना पड़ा और दीवार वापस बनाने के साथ ही दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन भी देना पड़ा। ऐसे में इस दौरे के दौरान पीएम मोदी राजस्थान की गहलोत सरकार को आड़े हाथ ले सकते हैं।
नवंबर 2022 में बांसवाड़ा पहुंचे थे पीएम
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 01 नवंबर 2022 को राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में आदिवासियों के प्रमुख तीर्थ स्थल मानगढ़ धाम पहुंचे थे। मानगढ़ धाम का प्रभाव तीनों राज्यों की 99 विधानसभा सीटों पर माना जाता है। इसमें गुजरात की 27, राजस्थान की 25 और मध्यप्रदेश की 47 सीटें हैं। यह सभी सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। इन 3 राज्यों की करीब 40 लोकसभा सीटों पर भी आदिवासी समुदाय का असर माना जाता है। पीएम की इस रैली का असर गुजरात चुनाव भी नजर आया था। प्रदेश की अधिकांश आदिवासी सीटों पर भाजपा उम्मीदवारों को जीत हासिल हुई थी।