जया की राह पर चली वसुंधरा, 5 रुपये में नाश्ता, 8 रुपये में लंच
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जयललिता की पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता अब इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन राज्य की जनता के बीच उनकी लोकप्रियता बढ़ाने वाली योजनाओं को दूसरों द्वारा हाथों हाथ लिया जा रहा है।
पांच रुपये में अम्मा थाली देकर जनता के बीच लोकप्रिय हुई जयललिता की इस योजना को अब राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भी अपना लिया है। उन्होंने गुरुवार को राज्य के गरीब तबके के लिए अन्नपूर्णा रसोई योजना शुरू की। 'सबके लिए भोजन सबके लिए सम्मान' नाम से शुरू इस योजना के तहत गरीबों को पांच रुपये में नाश्ता और 8 रुपये में दोपहर व शाम का भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने गुरुवार को जयपुर के नगर निगम कार्यालय में एक दलित और गुर्जर महिला को भोजन देकर इस योजना की शुरूआत की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने खुद बाजरे की रोटी, लहसून की चटनी और बेसन गट्टे की सब्जी मुन्नी और कैलाशी गुर्जर नाम की महिलाओं को अपने हाथों से दी।
इस दौरान राज्य के मंत्री श्रीचंद कृपलानी, राज्य बीजेपी प्रमुख विधायक अशोक प्रणामी और जयपुर के मेयर अशोक लाहौटी मौजूद रहे। सरकार के अनुसार इस योजना का लाभ मजदूरों, रिक्शा चालकों, ऑटो रिक्शा चालकों, छात्रों, कामकाजी महिलाओं और वरिष्ठ लोगों के साथ ही अन्य जरूरतमंदों को मिल सकेगा।
कई अन्य राज्य भी लागू कर चुके हैं ये योजना
यह भोजन फिलहाल 80 वैन के द्वारा राज्य के कुछ जिलों में लोगों को उपलब्ध कराया जाएगा। जिसके बाद जल्द ही पूरे राज्य में इसे लागू किया जाएगा।
फिलहाल सरकार ने इसे 12 जिलों के क्षेत्रीय मुख्यालय पर लागू किया है। अगले पखवाड़े से जयपुर को ऐसी 25 वैन मिलने वाली हैं जो शहर भर में भोजन की व्यवस्था करेंगी। इसके अलावा झालावाड़ को छह, जोधपुर, उदयपुर, अजमेर, कोटा, बीकानेर और भरतपुर को 5-5 वैन मिलेंगी। डुंगरपुर और बंसवाड़ा को चार और प्रतापगढ़ व बरन को तीन तीन वैन दी जाएंगी।
अधिकारियों के अनुसार इस योजना के तहत दिए जाने वाले भोजन को एक नोडल एजेंसी के द्वारा प्रशिक्षित स्टाफ द्वारा तैयार करवाया जाएगा। इसके बाद वैन में जो स्टाफ भोजन परोसेगा वो खास ड्रेस पहने हुए होगा। अधिकारी के अनुसार इस योजना में लंच और डिनर में 23.70 रुपये और नाश्ते पर 21.70 रुपये का खर्चा आएगा। लेकिन सरकार सब्सिडी के तहत यह भोजन उपलब्ध कराएगी और ऊपर की लागत को खुद वहन करेगी।
बता दें कि जयललिता की अम्मा कैंटीन और अम्मा थाली की तर्ज पर मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार और उत्तराखंड की हरीश रावत सरकार भी सस्ते भोजन की कई योजनाएं लांच कर चुकी हैं।