फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Rajasthan election: BJP hopes for magic in Rajasthan, but the fight is very tough

Rajasthan election: भाजपा को राजस्थान में जादुई करिश्मे की आस, मुकाबला है बेहद कड़ा

Mon, 20 Nov 2023 08:39 PM IST
Shashidhar Pathak शशिधर पाठक
Updated Mon, 20 Nov 2023 08:39 PM IST
विज्ञापन
सार
कांग्रेस पार्टी का कहना है कि राजस्थान चुनाव में कांग्रेस के पास चेहरा है। भाजपा बिना मुख्यमंत्री के चेहरे के चुनाव लड़ रही है। प्रधानमंत्री के पास विक्टिम कार्ड के अलावा गिनाने के लिए कुछ नहीं है और कांग्रेस पूरी तरह से एकजुट होकर चुनाव लड़ रही है...
loader
Rajasthan election: BJP hopes for magic in Rajasthan, but the fight is very tough
पीएम मोदी - फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)

विस्तार

विपक्ष के नेताओं से बात कीजिए तो उन्हें भाजपा के लिए एकमात्र उम्मीद राजस्थान में दिखाई देती है, लेकिन वह भी बहुत कड़े और नजदीकी मुकाबले में। भाजपा के आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय हों या गोपाल कृष्ण अग्रवाल, संबित पात्रा जैसे नेता डंके की चोट पर कहते हैं कि राजस्थान विधानसभा चुनाव में भाजपा बहुमत लाएगी। भाजपा प्रवक्ता मध्यप्रदेश में भी पार्टी की जीत की उम्मीद जताते हैं, जबकि कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि भाजपा की छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और राजस्थान में भी हार तय है।

कांग्रेस के नेता महेंद्र जोशी कहते हैं कि भाजपा के कुछ अच्छे नतीजे आए, तो वह राजस्थान में ही संभव है। शेष चार राज्यों में उसे अगले पांच साल बाद किस्मत दांव पर लगानी होगी। तृणमूल कांग्रेस की सुष्मिता देव को भी यही दिखाई दे रहा है। हालांकि सुष्मिता कहती हैं कि वसुंधरा राजे को किनारे रखकर भाजपा ने पहले ही अपनी हार तय कर ली है। अब बचा ही क्या है? मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के बारे में कहती हैं कि वहां तो भाजपा को हार मिलनी ही है।

मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में समय बिताकर आए भाजपा के नेता ने कहा कि वह बोलने के लिए अधिकृत नहीं है, इसलिए बयान नहीं दे सकते। लेकिन इतना जरूर कहते हैं कि भाजपा की हार का सपना देखने वालों को मतगणना की तारीख का इंतजार करना चाहिए। वह कहते हैं कि भाजपा ने छत्तीसगढ़ में मुकाबले की लड़ाई लड़ी है। मध्यप्रदेश में भी बंपर मतदान के बाद पासा पलट चुका है। भाजपा की आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय का भी यही दावा है। वह 135 सीटें जीतने की भविष्यवाणी कर रहे हैं। गोपाल कृष्ण अग्रवाल के मुताबिक नोएडा और दिल्ली में बैठकर भोपाल, रायपुर, जयपुर की फिजां का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। भाजपा चुनाव के बाद स्पष्ट बहुमत के साथ तीनों राज्यों में बहुमत की सरकार बनाने जा रही है। अग्रवाल कहते हैं कि हम राजस्थान में सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ रहे हैं। पार्टी राज्य में सभी दिग्गजों, प्रभावी चेहरों को आगे करके प्रधानमंत्री के विजन पर चुनाव लड़ रही है। पार्टी वसुंधरा राजे से बड़ी है। वसुंधरा को लेकर बनाया जा रहा हौवा तो केवल मीडिया की देन है।

एक तरफ मोदी, नड्डा, शाह, तो दूसरी तरफ खरगे, राहुल और प्रियंका

कांग्रेस पार्टी का कहना है कि राजस्थान में स्पष्ट बहुमत आने के तीन बड़े कारण हैं। पहला तो यह कि चुनाव में कांग्रेस के पास चेहरा है। भाजपा बिना मुख्यमंत्री के चेहरे के चुनाव लड़ रही है। दूसरा बड़ा कारण है कि प्रधानमंत्री के पास विक्टिम कार्ड के अलावा गिनाने के लिए कुछ नहीं है। वह हर जनसभा में एक ही तरह की बात दोहराते हैं। जबकि नड्डा और अमित शाह की जनसभा में कुर्सियां खाली नज़र आ रही हैं। तीसरा बड़ा कारण है कि कांग्रेस पूरी तरह से एकजुट होकर चुनाव लड़ रही है। तृणमूल कांग्रेस की नेता सुष्मिता देव कहती हैं कि भाजपा की हालत खराब है। इसका सबसे बड़ा संकेत छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और राजस्थान में पिछले पांच साल में कोई चेहरा न दे पाना है। तीनों राज्यों में पार्टी अपने जिन नेताओं को पीछे धकेलने का संकेत दे रही थी, उनमें से दो में मतदान का समय आने से पहले उसे उन्हीं चेहरों को महत्व देना पड़ा। मुझे लग रहा है कि ऐसा ही राजस्थान में भी करना पड़ सकता है। राजनीतिक रूप से देखिएगा, तो इसका कांग्रेस को फायदा होने की उम्मीद है। वैसे भी मतगणना की तारीख में ज्यादा समय नहीं बचा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

Followed