राजस्थान संकट: बंगलूरू नहीं गए हैं कांग्रेस के बागी विधायक, लोकेशन बताने से इनकार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Sneha Baluni Updated Sun, 19 Jul 2020 08:29 AM IST
सचिन पायलट (फाइल फोटो)
सचिन पायलट (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
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राजस्थान में जारी सियासी उठापटक के बीच पायलट खेमे के 18 विधायक किसी अज्ञात स्थान पर चले गए हैं। पहले माना जा रहा था कि वे सभी भाजपा शासित कर्नाटक के बंगलूरू में हैं लेकिन एक विधायक ने बताया कि वे वहां नहीं हैं। पायलट खेमे के एक विधायक से जब पूछा गया कि क्या वे कर्नाटक जा रहे हैं तो उन्होंने कहा, ‘बिलकुल नहीं।’ 
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विधायक ने हालांकि अपने वर्तमान स्थान के बारे में जानकारी नहीं दी। बता दें कि ये सभी बागी विधायक शुक्रवार शाम से गायब हैं, जब स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की एक टीम उस रिसॉर्ट में पहुंची जहां वे ठहरे हुए थे। पहले सचिन पायलट सभी बागी विधायकों के साथ दिल्ली के नजदीक भाजपा शासित मानेसर में ठहरे हुए थे।



एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान पुलिस शनिवार को भंवर लाल शर्मा की आवाज का नमूना रिकॉर्ड करने के लिए पहुंची। कांग्रेस के अनुसार वायरल ऑडियो टेप में वो अशोक गहलोत की सरकार को गिराने के लिए विधायकों की खरीद-फरोख्त की बातें कहते हुए सुने जा सकते हैं। हालांकि इन टेप की सत्यता की फिलहाल पुष्टि नहीं हुई है।

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राजस्थान पुलिस को हरियाणा पुलिस ने रिसॉर्ट के अंदर जाने से रोक दिया था। इस कारण राजस्थान पुलिस को खाली हाथ लौटना पड़ा और उन्हें वहां 18 विधायक नहीं मिले। राजस्थान पुलिस के एसओजी के सूत्रों का मानना है कि बागी विधायक दिल्ली में कहीं हैं। राजस्थान में फिलहाल जो रिसॉर्ट राजनीति चल रही है वो इस साल की शुरुआत में एक युवा कांग्रेसी नेता के पार्टी छोड़कर जाने की तरह ही है। मार्च में ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने वफादार विधायकों के साथ चार्टर्ड विमान से बंगलूरू के एक रिसॉर्ट चले गए थे। इस कारण मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार अल्पमत में आ गई थी।

सचिन पायलट वीकेंड के बाद से ही बागी विधायकों के साथ दिल्ली के आसपास हैं। पायलट और अशोक गहलोत के बीच तनाव तब सामने आया जब सरकार को गिराने के लिए रचे कथित षड्यंत्र को लेकर उनसे सवाल किए गए। इसके बाद उन्होंने जयपुर वापस लौटने से मना कर दिया। वे विधायक दल की बैठक में भी शामिल नहीं हुए। फिर कड़ा रुख अपनाते हुए पार्टी ने उन्हें उप मुख्यमंत्री और प्रदेशाध्यक्ष पद से बर्खास्त कर दिया। लेकिन दिल्ली में कांग्रेस नेतृत्व उन्हें मनाने की कोशिश कर रहा है।

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