एक दर्जन कांग्रेस अध्यक्ष दे सकते हैं इस्तीफा, राज बब्बर बोले- पार्टी में हो रहे हैं बदलाव
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उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष राज बब्बर के इस्तीफे ने कांग्रेस की भविष्य की राजनीति में बदलाव के संकेत दिए हैं। मीडिया से बात करते हुए राज बब्बर ने बताया कि पार्टी के भीतर सीनियर नेताओं को नई जिम्मेदारी दी जा रही है। युवाओं के लिए भी जगह बनाई जा रही है। पार्टी 2019 चुनावों के मद्देनजर जो भी जिम्मेदारी देगी, उनका निर्वहन करूंगा।
Whatever I have to say, I talk it out with my party President, the same has been happening & is happening: Raj Babbar on being asked if he resigned as UP Congress Chief due to pressure over party's performance in recent UP by-polls। pic।twitter।com/BD5KoppgbX
— ANI (@ANI) 21 March 2018विज्ञापन
उत्तर प्रदेश उपचुनावों में कांग्रेस के प्रदर्शन और बढ़ते प्रेशर के सवाल पर मुस्कुराते हुए राज बब्बर ने कहा कि भविष्य की राजनीति पर जो कुछ भी मैंने कहा, वह पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष से चर्चा के बाद कहा। आगामी चुनावों के मद्देनजर ही यह बदलाव होने हैं और वही हो रहे हैं।
Whatever I have to say, I talk it out with my party President, the same has been happening & is happening: Raj Babbar on being asked if he resigned as UP Congress Chief due to pressure over party's performance in recent UP by-polls। pic।twitter।com/BD5KoppgbX
— ANI (@ANI) 21 March 2018
गौर हो कि महाअधिवेशन में राहुल गांधी ने पार्टी के मंच से कहा था कि अब वक्त आ गया है कि युवा पीढ़ी को जिम्मेदारी दी जाए। उनकी इस टिप्पणी के बाद से कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्षों द्वारा इस्तीफे देने की होड़ मची हुई है। गुजरात, गोवा के बाद उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर ने भी इस्तीफा दिया है। सूत्रों के मुताबिक करीब एक दर्जन प्रदेश अध्यक्ष इस्तीफा दे सकते हैं।
राजबब्बर से पहले गोवा के प्रदेश अध्यक्ष शांताराम नाईक ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने कहा था कि राहुल गांधी के भाषण से प्रेरित होकर यद कदम उठाया है। 71 वर्षीय नाइक पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में शुमार किए जाते रहे हैं। शांताराम ने सोमवार को अपना इस्तीफा कांग्रेस हाईकमान को सौंप दिया था। उन्हें जुलाई 2017 में लुजिन्हो फेलेरो की जगह प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था।
इससे पहले गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भरत सोलंकी ने भी सोमवार को इस्तीफा दिया था। उनके इस्तीफे के पीछे भी राहुल गांधी का भाषण ही वजह है। वह दिसंबर 2015 से पार्टी का अध्यक्ष पद संभाल रहे थे। इसके अलावा सोलंकी यूपीए-2 के शासन में पेयजल और स्वच्छता राज्य मंत्री थे। सोलंकी 2004 से 2006 के बीच अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी में सचिव के पद पर भी काम कर चुके हैं।