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मथुरा के मंदिरों में धन वर्षा, सिर्फ गुल्लकों से ही निकले 100 करोड़
पुनीत शर्मा/ मथुरा
Updated Thu, 10 Nov 2016 04:54 AM IST
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- फोटो : amar ujala
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भगवान श्रीकृष्ण की जन्म भूमि के मंदिरों की गुल्लकों में ही करीब 100 करोड़ रुपये जमा होने का अनुमान है। बताया जा रहा है कि 500 और 1000 रुपये के नोट बंद होने की घोषणा के बाद मंगलवार रात से बुधवार शाम तक यहां के मंदिरों में दानदाताओं की संख्या अचानक बढ़ गई। कुल कितना दान आया यह तो गुल्लकें खोले जाने पर ही पता चलेगा लेकिन मंदिरों के प्रबंधक तय समय से पहले गुल्लकें खोलने की तैयारी कर रहे हैं, ताकि 500 और 1000 रुपये के नोट बैंकों में जमा कराए जा सकें।
मथुरा जिले में करीब सात हजार मंदिर हैं। बुधवार को दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के साथ उत्तर प्रदेश के कई शहरों से बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचे। दबी जुबान से मंदिरों से जुड़े लोग भी इस बात को स्वीकार कर रहे हैं कि बड़ी संख्या में लोगों ने एक हजार और 500 के नोट दानपेटियों में डाले हैं। गोशालाओं को भी दान किया गया है।
बताते चलें कि श्रीकृष्ण जन्मस्थान, श्रीद्वारिकाधीश, प्रेम मंदिर, इस्कान मंदिर और गोवर्धन में श्री गिरिराज दानघाटी मंदिर समेत प्रमुख मंदिरों की गुल्लकों में बड़ी धनराशि गुप्तदान के रूप में आती है और दान करने वालों की फेहरिस्त भी लंबी है। सबसे ज्यादा दान वृंदावन में श्रीबांकेबिहारी मंदिर में किया जाता है। इस मंदिर में 16 गुल्लकें हैं। हर माह गुल्लकों को खोलकर नोटों की गिनती की जाती है।
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श्रीबांकेबिहारी मंदिर के प्रबंधक, मुनीष शर्मा ने बताया, 'गुल्लक खोलकर 30 दिसंबर से पहले बड़े नोट बैंकों में जमा कराने के प्रयास किए जाएंगे।' प्रेम मंदिक के व्यवस्थापक कांता प्रसाद का कहना था कि गुल्लक को इस बार जल्दी खोलकर एक हजार और पांच सौ रुपये के नोट बैंक में जमा कर देंगे। श्रीकृष्ण जन्मस्थान के मीडीया प्रभारी, राकेश तिवारी एडवोकेट ने इस बारे में बताया कि प्रबंधतंत्र से बात की जा रही है, जिससे समय से गुल्लक खोलकर बड़े नोट बैंक में जमा किए जा सकें।
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मथुरा जिले में करीब सात हजार मंदिर हैं। बुधवार को दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के साथ उत्तर प्रदेश के कई शहरों से बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचे। दबी जुबान से मंदिरों से जुड़े लोग भी इस बात को स्वीकार कर रहे हैं कि बड़ी संख्या में लोगों ने एक हजार और 500 के नोट दानपेटियों में डाले हैं। गोशालाओं को भी दान किया गया है।
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बताते चलें कि श्रीकृष्ण जन्मस्थान, श्रीद्वारिकाधीश, प्रेम मंदिर, इस्कान मंदिर और गोवर्धन में श्री गिरिराज दानघाटी मंदिर समेत प्रमुख मंदिरों की गुल्लकों में बड़ी धनराशि गुप्तदान के रूप में आती है और दान करने वालों की फेहरिस्त भी लंबी है। सबसे ज्यादा दान वृंदावन में श्रीबांकेबिहारी मंदिर में किया जाता है। इस मंदिर में 16 गुल्लकें हैं। हर माह गुल्लकों को खोलकर नोटों की गिनती की जाती है।
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श्रीबांकेबिहारी मंदिर के प्रबंधक, मुनीष शर्मा ने बताया, 'गुल्लक खोलकर 30 दिसंबर से पहले बड़े नोट बैंकों में जमा कराने के प्रयास किए जाएंगे।' प्रेम मंदिक के व्यवस्थापक कांता प्रसाद का कहना था कि गुल्लक को इस बार जल्दी खोलकर एक हजार और पांच सौ रुपये के नोट बैंक में जमा कर देंगे। श्रीकृष्ण जन्मस्थान के मीडीया प्रभारी, राकेश तिवारी एडवोकेट ने इस बारे में बताया कि प्रबंधतंत्र से बात की जा रही है, जिससे समय से गुल्लक खोलकर बड़े नोट बैंक में जमा किए जा सकें।