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बारिश का कहर जारी: जम्मू-कश्मीर, पंजाब, असम से ओडिशा-तेलंगाना तक पानी-पानी... इस हफ्ते भी राहत के आसार नहीं

Fri, 29 Aug 2025 04:59 AM IST
ज्योति भास्कर अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली। Published by: ज्योति भास्कर Updated Fri, 29 Aug 2025 04:59 AM IST
सार

देश के कई हिस्सों में बारिश का कहर जारी है। पंजाब, असम, गुवाहाटी के कई इलाकों में बाढ़ से जनजीवन प्रभावित हुआ है। छत्तीसगढ़ में 8, तेलंगाना और ओडिशा में 7 लोगों की मौत होने की खबर है। मौसम विभाग के मुताबिक इस हफ्ते भी राहत के आसार नहीं हैं। आपदा राहत के तौर पर जम्मू में फंसे लोगों को निकालने के लिए रेलवे ने विशेष ट्रेन चलाई है। जानिए आपके शहर में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज

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Rain havoc Weather in Jammu-Kashmir Punjab, Assam to Odisha-Telangana... No relief expected this week as well
ऊफान पर नदियां - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

देशभर में मानसूनी बारिश का कहर बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। भारी बारिश के चलते पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, असम, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक के कई इलाके बाढ़ की चपेट में आ गए। 

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पंजाब के आठ जिले पिछले चार दिनों से बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित है। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में अब तक 8 मौतें हो चुकी हैं। महाराष्ट्र के मराठवाड़ा में 2,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है। असम के गुवाहाटी में कई रिहायशी इलाके पानी में डूबे हैं। तेलंगाना के राजन्ना सिरसिला जिले में भारी बारिश के बीच, सेना के हेलिकॉप्टरों ने अपर मनैर परियोजना के पास फंसे कई लोगों को बचाया। हकीमपेट से भी सैन्य हेलिकॉप्टरों ने फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
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हालांकि पिछले दो दिनों से बारिश और भूस्खलन का कहर झेल रहे जम्मू-कश्मीर को बृहस्पतिवार को बारिश से राहत मिली, जिसके कारण बाढ़ प्रभावित इलाकों में बचाव कार्य में तेजी आई है। रेलवे ने फंसे पर्यटकों को सुरक्षित निकालने के लिए नई दिल्ली से जम्मू के लिए एक विशेष अनारक्षित ट्रेन चलाई है। दरअसल जम्मू में भारी बारिश के कारण रेल और सड़क यातायात बुरी तरह बाधित होने से बड़ी संख्या में लोग और तीर्थयात्री फंसे हुए हैं। जम्मू के रेलवे जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) ने बताया, फंसे हुए पर्यटकों की मदद के लिए बृहस्पतिवार दोपहर करीब 2 बजे जम्मू से दिल्ली के लिए एक अनारक्षित विशेष ट्रेन चलाई गई। जम्मू में बुधवार सुबह तक 24 घंटों की इतिहास की सबसे अधिक 380 एमएम बारिश दर्ज की गई जबकि कटरा में बुधवार सुबह तक 284 एमएम बारिश हुई।
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मौसम विभाग के अनुसार तेलंगाना, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र, केरल और कर्नाटक में 29 अगस्त को भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। अगले 7 दिनों में उत्तर और पश्चिम भारत के अधिकांश इलाकों में मानसून सक्रिय बना रहेगा। यहां कई इलाकों में भारी वर्षा हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तराखंड और हिमाचल के कई इलाकों में शुक्रवार को बहुत भारी बारिश की आशंका है। 

पंजाब : सेना ने चीता हेलिकॉप्टर से लोगों को बाढ़ ग्रस्त इलाकों से निकाला
इस प्रदेश में आठ जिले भीषण बाढ़ की चपेट में हैं। सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में पठानकोट, गुरदासपुर, फाजिल्का, कपूरथला, तरनतारन, फिरोजपुर, होशियारपुर और अमृतसर जिलों के गांव हैं। विभिन्न केंद्रीय एजेंसियां राज्य अधिकारियों के साथ मिलकर पिछले चार दिनों से जलमग्न इलाकों में फंसे लोगों को निकालने में जुटी है। सेना, सीमा सुरक्षा बल, वायु सेना बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चला रहे हैं। गुरदासपुर में सेना ने चीता हेलिकॉप्टर से लोगों को बाढ़ से निकाला।

बस्तर में बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त...
छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में बाढ़ से लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है। 

  • महाराष्ट्र : नांदेड़ में 2,200 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया...महाराष्ट्र के नांदेड़ और लातूर जिलों में भारी बारिश के बीच 2,200 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। नांदेड में 115 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि लातूर के 29 क्षेत्रों में 65 मिमी से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। 
  • मप्र : शिप्रा नदी उफान पर, उज्जैन का रामघाट मंदिर जलमग्न...मध्य प्रदेश के उज्जैन में तेज बारिश के बाद शिप्रा नदी का जलस्तर बढ़ने से रामघाट स्थित मंदिर जलमग्न हो गए। घाटों पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई। 




 

चार दिन में सात मणिमहेश यात्रियों की मौत, नौ लापता
भारी बारिश-भूस्खलन से तबाही के बीच 24 से 27 अगस्त तक सात मणिमहेश यात्रियों की मौत हो गई है। हड़सर से ऊपर भूस्खलन होने से जानें गई हैं। आठ श्रद्धालु घायल हो गए हैं, जबकि नौ अभी भी लापता हैं। मणिमहेश यात्रा पर गए करीब 8,000 श्रद्धालु अभी भी रास्ते में फंसे हैं। प्रशासन ने 3,457 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया है। भरमौर से आगे का संपर्क पूरी तरह कट गया है। रास्ते में फंसे श्रद्धालुओं को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।



उधर, रावी नदी में अचानक बाढ़ आने से कांगड़ा जिले के बड़ा बंगाल गांव में कई सरकारी इमारतें बह गईं। हालांकि, किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि करीब 100 गड़रिए पहाड़ों पर ऊंचाई में अपनी बकरियों और भेड़ों के साथ फंसे हैं। बैजनाथ के एसडीएम संकल्प गौतम ने बताया, निचले बड़ा बंगाल में एक प्राथमिक और उच्च विद्यालय, पंचायत घर, एक आयुर्वेदिक औषधालय और एक नागरिक आपूर्ति भंडार, जिसमें लगभग 70 क्विंटल राशन रखा था, बह गए। 

दो पुलों के बह जाने से गांव राज्य के बाकी हिस्सों से कट गया है। 
चंडीगढ़-मनाली राजमार्ग बंद : लगातार भारी बारिश के बीच, बनाला में भूस्खलन के कारण चंडीगढ़-मनाली राजमार्ग बंद कर दिया गया है। कुल्लू जिले में ब्यास नदी के उफान पर होने से राजमार्ग का एक हिस्सा बह गया है।

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