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Railways: यात्रियों को ट्रेन के गंदे कंबल से मिलेगा छुटकारा,अब साथ मिलेगा धुला हुआ कवर; इस ट्रेन से हुई शुरुआत

Thu, 16 Oct 2025 11:03 PM IST
पवन पांडेय डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, जयपुर
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, जयपुर Published by: पवन पांडेय Updated Thu, 16 Oct 2025 11:03 PM IST
सार

रेलमंत्री ने कहा कि, हमारे रेलवे सिस्टम में कंबल का उपयोग वर्षों से होता आ रहा है, लेकिन हमारे यात्रियों के मन में हमेशा एक संशय रहता था। उस संशय को दूर करने के लिए आज एक नई पहल की गई है- कंबल के कवर की शुरुआत जयपुर से हो चुकी है और जल्द ही देशभर की ट्रेनों में भी लागू कर दिया जाएगा। इससे यात्रियों को असुविधा से बचाया जा सकेगा और उनकी शिकायत भी दूर हो जाएगी।

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Railways: Passengers will be relieved of dirty train blankets, now they will get a clean cover
यात्रियों को ट्रेन के गंदे कंबल से मिलेगा छुटकारा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भारतीय रेलवे यात्रियों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार नए कदम उठा रहा है। हाल ही में कुछ यात्रियों ने ट्रेनों में दिए जाने वाले कंबलों की सफाई को लेकर शिकायतें की थीं। इसके बाद रेलवे ने न केवल कंबलों की धुलाई के नियम सख्त किए, बल्कि अब एक और पहल शुरू की है। जयपुर से शुरू हुए इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत यात्रियों को अब कंबल के साथ उसका कवर भी दिया जाएगा, ताकि स्वच्छता और आराम दोनों का ध्यान रखा जा सके। रेलवे का कहना है कि, इस पायलट प्रोजेक्ट के सफल प्रयोग के बाद इसे देश की अन्य ट्रेनों में भी लागू किया जाएगा।
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इन-इन सुविधाओं का यात्रियों को मिलेगा लाभ
दरअसल, एसी-3 कोच से लेकर सेकंड और फर्स्ट एसी कोच में सफर करने वाले यात्रियों को चादर, तकिया, तकिये का कवर और कंबल दिया जाता है। इसमें से कंबल को छोड़कर अन्य सभी चीजें हर बार धुलकर दी जाती हैं। अभी एसी कोच के बेडरोल किट में एक्स्ट्रा बेडशीट दी जाती है, जो क्विल्ट कवर की तरह इस्तेमाल होती है। लेकिन यात्रियों की बार बार शिकायत रहती है कि कंबल की सफाई ठीक से नहीं होती है। यात्रियों कई बार कंबल के गंदे होने और बदबू आने की शिकायत करते भी नजर आते है। इसी को ध्यान रखते हुए रेलवे ने कंबल पर भी हर बार धुला हुआ कवर लगाने का निर्णय लिया है।
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जयपुर से अहमदाबाद जाने वाली ट्रेन से शुरुआत
गुरुवार को रेल मंत्री ने जयपुर से अहमदाबाद जाने वाली ट्रेन (जयपुर-असर्वा एक्सप्रेस/12981) से इस पायलट प्रोजेक्ट की शुरूआत करते हुए कहा,अब यात्रियों को ट्रेन में मिलने वाले कंबल से कोई शिकायत नहीं होगी। जल्द ही इन कंबलों को बाकायदा कवर लगाकर दिया जाएगा और यह कवर हर बार बांटने से पहले धुले भी जाएंगे। इससे यात्रियों के मन में यह डर खत्म हो जाएगा कि उन्हें दिया गया कंबल गंदा है या धुला हुआ नहीं है।



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कोरोना काल में दो साल के लिए बंद हुई थी सुविधा
रेलवे बोर्ड के 2022 के एक आदेश के अनुसार, 772 करोड़ रुपये लिंनन मैनजमेंट के लिए आंवटित किए गए थे। इसके अंतर्गत चादर, कंबल, तकिए की खरीद, रखर-खाव और सफाई की जाती है। साल 2020 में कोरोना वायरस की वजह से दो साल के लिए AC कोच के पर्दे और चादर-कंबल (बेडरोल) की सुविधा को बंद कर दिया गया था। यात्रियों की असुविधा को देखते हुए भारतीय रेल की तरफ से डिस्पोजल बेडरोल की सर्विस शुरू की गई थी। इसे पैसे देकर खरीदा जा सकता था। अप्रैल 2022 में इसे फि रसे शुरू किया गया था। एक रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2022 में रेलवे ने 80 करोड़ के 15 लाख नए बेड रोल खरीदे है।
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