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मिनी स्मार्ट सिटी की तरह विकसित होंगे रेलवे स्टेशन, बढ़ेंगी यात्री सुविधाएं
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 04 Oct 2018 02:41 AM IST
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रेलवे स्टेशनों का विकास मिनी स्मार्ट सिटी की तर्ज पर किया जाएगा। केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास की अनुमति दे दी। रेलवे स्टेशन की भूमि पर व्यावसायिक और आवासीय इमारतें बनाई जाएंगी। इसके साथ ही कैबिनेट ने 45 साल की जगह 99 साल की पट्टा (लीज) देने की अनुमति दे दी है।
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सरकार ने दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) व अन्य स्थानीय शहरी विकास निकाय को फ्री होल्ड भूमि रेलवे को देने के लिए कहा है। इससे सरकार को राजस्व तो मिलेगा ही, यात्रियों की सुविधाएं भी बढ़ेंगी।
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इंडियन रेलवे स्टेशन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन बतौर नोडल एजेंसी पुनर्विकास की योजना तैयार करेगी। शहरी स्थानीय निकायों, डीडीए की सलाह से जमीन फ्री होल्ड आधार पर रेलवे को हस्तांतरित की जाएगी। गौरतलब है कि पूर्व रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने पिछले साल देश के चुनिंदा 400 रेलवे स्टेशन को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करने की घोषणा की थी।
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ये सुविधाएं मिलेंगी
रेलवे स्टेशन पर डिजिटल साइन बोर्ड, एस्केलेटर, एलीवेटर, सेल्फ टिकटिंग काउंटर, वाई-फाई सुविधा, दवा की दुकान, एग्जीक्यूटिव लाउंज, लगेज स्कैनर मशीन, पैदल रास्ते, होल्डिंग एरिया, बड़ी और नई तरह की छत, बेहतर फर्श, बैट्री रिक्शा और एंबुलेंस आदि की सुविधा मिलेगी।
सबसे बड़ा पीपीपी प्रोजेक्ट होगा
कैबिनेट की मंजूरी के बाद यह सबसे बड़ी पीपीपी (सार्वजनिक निजी साझेदारी) योजना होगी। इसके तहत 2200 एकड़ भूमि 99 वर्ष की अवधि के लिए निजी डेवलपरों को दी जा सकेगी। रेलवे स्टेशनों के निकट खाली भूमि का व्यावसायिक उपयोग किया जाएगा। रेलवे स्टेशनों को उच्च वैश्विक मानकों और डिजाइन के आधार पर विकसित किया जाएगा।
पहले चरण में विकसित होने वाले स्टेशन
पहले चरण में विकसित होने वाले स्टेशनों में बिजवासन, आनंद विहार, चंडीगढ़, अमृतसर, फरीदाबाद, जम्मू तवी, बांद्रा टर्मिनस, बंगलूरू कैंट, भोपाल, बोरीवली, चेन्नई सेंट्रल, हावड़ा, इंदौर, कामाख्या, कोझीकोड़, लोकमान्य तिलक टर्मिनस, मुंबई सेंट्रल, पुणे, रांची, सिकंदराबाद, ठाणे, उदयपुर सिटी, विजयवाड़ा, विशाखापट्टनम और यशवंतपुर रेलवे स्टेशन शामिल हैं।
सबसे बड़ा पीपीपी प्रोजेक्ट होगा
कैबिनेट की मंजूरी के बाद यह सबसे बड़ी पीपीपी (सार्वजनिक निजी साझेदारी) योजना होगी। इसके तहत 2200 एकड़ भूमि 99 वर्ष की अवधि के लिए निजी डेवलपरों को दी जा सकेगी। रेलवे स्टेशनों के निकट खाली भूमि का व्यावसायिक उपयोग किया जाएगा। रेलवे स्टेशनों को उच्च वैश्विक मानकों और डिजाइन के आधार पर विकसित किया जाएगा।
पहले चरण में विकसित होने वाले स्टेशन
पहले चरण में विकसित होने वाले स्टेशनों में बिजवासन, आनंद विहार, चंडीगढ़, अमृतसर, फरीदाबाद, जम्मू तवी, बांद्रा टर्मिनस, बंगलूरू कैंट, भोपाल, बोरीवली, चेन्नई सेंट्रल, हावड़ा, इंदौर, कामाख्या, कोझीकोड़, लोकमान्य तिलक टर्मिनस, मुंबई सेंट्रल, पुणे, रांची, सिकंदराबाद, ठाणे, उदयपुर सिटी, विजयवाड़ा, विशाखापट्टनम और यशवंतपुर रेलवे स्टेशन शामिल हैं।