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समर्पित माल गलियारे को फास्ट ट्रैक पर लाने के लिए मिशन मोड में रेलवे
Wed, 02 Sep 2020 02:47 AM IST
Kuldeep Singh
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Wed, 02 Sep 2020 02:47 AM IST
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केंद्रीय ऊर्जा मंत्री पीयूश गोयल
- फोटो : PTI
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मालगाड़ी के लिए तैयार हो रहे रेलवे ट्रैक को मिशन मोड में लाने की कवायद शुरू हो गई है। केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल खुद इस पूरी योजना पर निगरानी रखे हुए है। समर्पित माल गलियारा प्रोजेक्ट को रफ्तार देने रेल मंत्री पीयूष गोयल इसे मिशन मोड में लाने के लिए साप्ताहिक बैठक कर रहे है।
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भूमि अधिग्रहण में आ रही समस्या पर रेल मंत्री ने उत्तर प्रदेश, बिहार, गुजरात व महाराष्ट्र सरकार के अधिकारियों से की चर्चा
मंगलवार को रेलवे अधिकारियों के साथ पूरी योजना पर चर्चा किए। इसके बाद उत्तर प्रदेश, बिहार, गुजरात और महाराष्ट्र सरकार के अधिकारियों के साथ बैठक कर सभी मामले का निपटारा करने को कहा। भूमि अधिग्रहण में आ रही समस्या का समाधान भी निकालने को राज्य सरकार से अपील की है। इस बाबत रेल मंत्रालय ने संबंधित राज्यों को पत्र भी लिखा है।
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साप्ताहिक प्रगति पर निरंतर निगरानी होनी चाहिए : रेल मंत्री
डीएफसीआईएल प्रबंधन टीम पश्चिमी समर्पित माल गलियारा के रूप में 1504 किलोमीटर, और पूर्वी समर्पित माल गलियारा के रूप में 1856 किलोमीटर नई रेल लाइन बिछा रही है। इस योजना को गति देने के लिए रेल मंत्री ने सभी विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया। ट्रैक बिछाने में आ रही सभी अड़चनों को दूर करने का भी निर्देश दिया गया।
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समीक्षा बैठक में राज्यों में भूमि के अधिग्रहण और रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) के निर्माण की प्रगति पर चर्चा की गई। राज्य सरकार अधिकारियों को मध्यस्थता की प्रक्रिया में तेजी लाने के साथ ही भूमि अधिग्रहण कानून लागू करने के लिए निर्देर्शित किया।
योजना को फास्ट ट्रैक पर लाने के लिए कहा कि दैनिक आधार पर सभी राज्य अधिकारियों के साथ नियमित बैठकें की जाए। समर्पित माल गलियारे की पूरी लंबाई 3360 किलोमीटर है। कुल लागत 81,459 करोड़ रुपये आंकी गई है।