फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Railway Minister unveils body structure of Vande Bharat sleeper variant

Vande Bharat Sleeper Train: देश में पहली बार वंदे भारत स्लीपर ट्रेन दौड़ाने की तैयारी, रेलमंत्री ने दी खुशखबरी

Sat, 09 Mar 2024 10:08 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू Published by: निर्मल कांत Updated Sat, 09 Mar 2024 10:08 PM IST
सार

Vande Bharat Sleeper Train: भारतीय रेल देश में पहली बार वंदे भारत स्लीपर ट्रेन दौड़ाने की तैयारियों में है। इसी क्रम में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड संयंत्र में स्लीपर श्रेणी के कोच का अनावरण किया। 

विज्ञापन
Railway Minister unveils body structure of Vande Bharat sleeper variant
रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव - फोटो : एक्स/अश्विनी वैष्णव

विस्तार

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल) संयंत्र में वंदे भारत स्लीपर श्रेणी के कोच का अनावरण किया। बीईएमएल रक्षा मंत्रालय के तहत आता है और रक्षा, अंतरिक्ष, खनन, निर्माण, रेल और मेट्रो जैसे विभिन्न क्षेत्रों के लिए उत्पाद बनाता है। इसे वंदे भारत के 160 स्लीपर डब्बे (10 ट्रेनसेट) बनाने का ठेका मिला है। वैष्णव ने कहा कि वंदे भारत ट्रेन के तीन संस्करण हैं- चेयर कार, स्लीपर और मेट्रो। जहां चेयर कार खंड पहले ही पेश किया जा चुका है और काफी लोकप्रिय है। वहीं वंदे भारत स्लीपर की पहली संरचना तैयार है। 

विज्ञापन

उन्होंने मीडियाकर्मियों को बताया, "अब इसकी साज-सज्जा का काम होगा। संरचना बनाना सबसे मुश्किल काम है। आज हम चर्चा करेंगे कि इसे और कैसे बढ़ाया जाए।" रेल मंत्री ने कहा, "हम पहले ट्रेनसेट का पांच से छह महीने तक परीक्षण करेंगे और उसके बाद ही इसे लॉन्च किया जाएगा। स्लीपर ट्रेन उसी तकनीक पर आधारित है, जिस पर चेयर कार काम कर रही है।"  

विज्ञापन
विज्ञापन

रेलमंत्री ने कहा कि स्लीपर ट्रेन में यात्रियों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने कहा, "यात्रियों के ट्रेन में आसानी से प्रवेश करने के लिए सीढ़ी के फुट एरिया में सुधार किया गया है। शौचालयों में नया डिजाइन किया गया है और बेहतर एयर कंडीशनिंग है। नई तकनीक के साथ बेहतर सीट हैं। ऑक्सीजन का स्तर बनाए रखा जाएगा और 99.99 फीसदी वायरस समाप्त हो जएंगे।" 

विज्ञापन

उन्होंने कहा कि नए युग की इस ट्रेन में वर्तमान में चल रही मेल या एक्सप्रेस ट्रेनों की तुलना में बेहतर सुरक्षा सुविधाएं हैं। वैष्णव ने कहा, अन्य विकसित देशों में इसी तरह की सुविधाओं वाले एक कोच की विनिर्माण लागत करीब दस करोड़ रुपये आती है। हालांकि, एक वंदे भारत स्लीपर कोच की लागत करीब 8-9 करोड़ रुपये आती है। 

बीईएमएल के सीएमडी शांतनु रॉय ने कहा, हमें इस मील के पत्थर का हिस्सा बनने की खुशी है, जो यात्रा के समय को कम करते हुए आराम और विश्व स्तरीय सुविधाओं की सुविधा प्रदान करेगा। हमारा उत्पादन पूरी क्षमता से काम कर रहा है और पूरी विनिर्माण (मैन्यूफैक्चरिंग) और असेंबली प्रक्रिया बीईएमएल में की जाती है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed