{"_id":"6903a2467fd927bc060d2dc4","slug":"railway-first-vande-bharat-sleeper-train-approved-decoration-flaws-holding-area-be-built-at-76-stations-2025-10-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Railway: पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को मिली मंजूरी, सजावट में खामियां; 76 स्टेशनों पर बनेंगे होल्डिंग एरिया","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Railway: पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को मिली मंजूरी, सजावट में खामियां; 76 स्टेशनों पर बनेंगे होल्डिंग एरिया
Fri, 31 Oct 2025 03:34 AM IST
हिमांशु चंदेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु चंदेल
Updated Fri, 31 Oct 2025 03:34 AM IST
सार
रेल मंत्रालय ने पहली 16 कोच वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के संचालन को मंजूरी दी है, लेकिन साज-सज्जा और डिजाइन में सुधार के निर्देश दिए हैं। मंत्रालय ने सुरक्षा उपाय, कवच 4.0, और आपातकालीन प्रशिक्षण पर भी जोर दिया है। इसके साथ ही रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यात्रियों की सुविधा के लिए देशभर के 76 स्टेशनों पर स्थायी होल्डिंग एरिया बनाने की योजना को मंजूरी दी।
विज्ञापन
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन।
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
रेल मंत्रालय ने देश की पहली 16 कोच वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को मंजूरी दे दी है। यह भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। हालांकि, मंत्रालय ने ट्रेन की साज-सज्जा और कारीगरी को लेकर कुछ गंभीर खामियों की ओर इशारा किया है। साथ ही, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए देशभर के 76 प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर स्थायी यात्री होल्डिंग एरिया बनाने की योजना को भी मंजूरी दी है।
रेलवे बोर्ड ने रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइजेशन (आरडीएसओ) और सभी जोनों के महाप्रबंधकों को लिखे पत्र में ट्रेन की साज-सज्जा से जुड़ी कमियों पर चिंता जताई है। बोर्ड ने बताया कि बर्थिंग एरिया में नुकीले किनारे, खिड़की के पर्दे के हैंडल और बर्थ कनेक्टर्स के बीच की जगह यानी ‘पिजन पॉकेट’ जैसी संरचनाएं सफाई और रखरखाव में दिक्कत पैदा कर सकती हैं। मंत्रालय ने आदेश दिया है कि मौजूदा रैक में सुधार के लिए तुरंत कदम उठाए जाएं और भविष्य के रैक की डिजाइन में जरूरी संशोधन किए जाएं।
तकनीकी दिशा-निर्देशों पर जोर
रेल मंत्रालय ने जोनों को 160 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति पर परिचालन के लिए आरडीएसओ द्वारा तय सभी सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। मंत्रालय ने अग्निशमन सुरक्षा उपायों, कवच 4.0 तकनीक की फिटमेंट और लोको पायलटों व स्टेशन मास्टर के बीच विश्वसनीय संचार व्यवस्था की अनिवार्यता दोहराई है। रेलवे सुरक्षा के मुख्य आयुक्त (सीसीआरएस) से अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद ही ट्रेन का संचालन शुरू किया जाएगा।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- केरल में अल्पासी आराट्टू जुलूस के लिए रुकी उड़ानें, पांच घंटे बंद रहा तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट
ट्रेन संचालन से जुड़ी नई व्यवस्थाएं
रेल मंत्रालय ने यह भी निर्देश दिया है कि आपातकालीन स्थिति में 15 मिनट के भीतर सेमी-परमानेंट कपलर को खोलने के लिए ड्राइवरों और गार्डों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाए। इसके लिए जरूरी उपकरण उनके टूलकिट में शामिल किए जाएं। साथ ही, कोचों में उचित तापमान बनाए रखने, प्रशिक्षित तकनीकी स्टाफ की उपलब्धता और यात्रियों की सुरक्षा के लिए नियमित घोषणाएं करने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्रालय का कहना है कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन यात्रियों को नाइट ट्रेवल में लग्जरी और सुरक्षा का नया अनुभव देगी।
ये भी पढ़ें- पहलगाम आतंकी हमले की सुनवाई के लिए विशेष लोक अभियोजक नियुक्त, गृह मंत्रालय ने जारी की अधिसूचना
76 स्टेशनों पर बनेंगे आधुनिक होल्डिंग एरिया
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने देशभर के 76 प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर स्थायी यात्री आवास क्षेत्र (होल्डिंग एरिया) विकसित करने की योजना को मंजूरी दी है। इनमें मुंबई सीएसएमटी, हावड़ा, सियालदह, नागपुर, पुणे, कानपुर, झांसी, मथुरा और आगरा छावनी जैसे बड़े स्टेशन शामिल हैं। यह निर्णय नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर बने होल्डिंग एरिया की सफलता के बाद लिया गया है।
15 फरवरी को नई दिल्ली स्टेशन पर भगदड़ में 18 यात्रियों की मौत के बाद मंत्रालय ने स्थायी होल्डिंग एरिया बनाने का आदेश दिया था। अब इन सुविधाओं को 2026 के त्योहारी सीजन से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। मंत्रालय के अनुसार, नए होल्डिंग एरिया स्थानीय जरूरतों के अनुसार बनाए जाएंगे और यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं प्रदान करेंगे।
विज्ञापन
रेलवे बोर्ड ने रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइजेशन (आरडीएसओ) और सभी जोनों के महाप्रबंधकों को लिखे पत्र में ट्रेन की साज-सज्जा से जुड़ी कमियों पर चिंता जताई है। बोर्ड ने बताया कि बर्थिंग एरिया में नुकीले किनारे, खिड़की के पर्दे के हैंडल और बर्थ कनेक्टर्स के बीच की जगह यानी ‘पिजन पॉकेट’ जैसी संरचनाएं सफाई और रखरखाव में दिक्कत पैदा कर सकती हैं। मंत्रालय ने आदेश दिया है कि मौजूदा रैक में सुधार के लिए तुरंत कदम उठाए जाएं और भविष्य के रैक की डिजाइन में जरूरी संशोधन किए जाएं।
विज्ञापन
तकनीकी दिशा-निर्देशों पर जोर
रेल मंत्रालय ने जोनों को 160 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति पर परिचालन के लिए आरडीएसओ द्वारा तय सभी सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। मंत्रालय ने अग्निशमन सुरक्षा उपायों, कवच 4.0 तकनीक की फिटमेंट और लोको पायलटों व स्टेशन मास्टर के बीच विश्वसनीय संचार व्यवस्था की अनिवार्यता दोहराई है। रेलवे सुरक्षा के मुख्य आयुक्त (सीसीआरएस) से अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद ही ट्रेन का संचालन शुरू किया जाएगा।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- केरल में अल्पासी आराट्टू जुलूस के लिए रुकी उड़ानें, पांच घंटे बंद रहा तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट
ट्रेन संचालन से जुड़ी नई व्यवस्थाएं
रेल मंत्रालय ने यह भी निर्देश दिया है कि आपातकालीन स्थिति में 15 मिनट के भीतर सेमी-परमानेंट कपलर को खोलने के लिए ड्राइवरों और गार्डों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाए। इसके लिए जरूरी उपकरण उनके टूलकिट में शामिल किए जाएं। साथ ही, कोचों में उचित तापमान बनाए रखने, प्रशिक्षित तकनीकी स्टाफ की उपलब्धता और यात्रियों की सुरक्षा के लिए नियमित घोषणाएं करने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्रालय का कहना है कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन यात्रियों को नाइट ट्रेवल में लग्जरी और सुरक्षा का नया अनुभव देगी।
ये भी पढ़ें- पहलगाम आतंकी हमले की सुनवाई के लिए विशेष लोक अभियोजक नियुक्त, गृह मंत्रालय ने जारी की अधिसूचना
76 स्टेशनों पर बनेंगे आधुनिक होल्डिंग एरिया
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने देशभर के 76 प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर स्थायी यात्री आवास क्षेत्र (होल्डिंग एरिया) विकसित करने की योजना को मंजूरी दी है। इनमें मुंबई सीएसएमटी, हावड़ा, सियालदह, नागपुर, पुणे, कानपुर, झांसी, मथुरा और आगरा छावनी जैसे बड़े स्टेशन शामिल हैं। यह निर्णय नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर बने होल्डिंग एरिया की सफलता के बाद लिया गया है।
15 फरवरी को नई दिल्ली स्टेशन पर भगदड़ में 18 यात्रियों की मौत के बाद मंत्रालय ने स्थायी होल्डिंग एरिया बनाने का आदेश दिया था। अब इन सुविधाओं को 2026 के त्योहारी सीजन से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। मंत्रालय के अनुसार, नए होल्डिंग एरिया स्थानीय जरूरतों के अनुसार बनाए जाएंगे और यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं प्रदान करेंगे।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन