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Rahul Gandhi: मोदी ने महादेव का जिक्र तो राहुल क्यों गए शिव की शरण में, हिंदुत्व के एजेंडे में सेंध तो नहीं

Tue, 07 Nov 2023 06:16 PM IST
Rahul Sampal राहुल संपाल
Updated Tue, 07 Nov 2023 06:16 PM IST
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सार
राजस्थान, मध्यप्रदेश से लेकर छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की भाजपा के साथ सीधी लड़ाई है। तीनों राज्यों में भाजपा बेहद आक्रामक रूप से चुनाव प्रचार कर रही है। भाजपा हिंदुत्व के मुद्दे पर कांग्रेस पर लगातार हमलावर रहती है। ऐसे में कांग्रेस भी हिंदुत्व की राह पर आगे बढ़ रही है...
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Rahul Gandhi: When PM Modi mentioned Mahadev, why did Rahul take visit kedarnath
Rahul Gandhi - फोटो : Amar Ujala/Sonu Kumar

विस्तार

पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के प्रचार के बीच भगवान शिव चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। छत्तीसगढ़ में महादेव एप घोटाले को लेकर भाजपा भूपेश बघेल सरकार पर निशाना साध रही है। दूसरी तरफ कांग्रेस एमपी के महाकाल लोक में हुए घोटाले को लेकर शिवराज सरकार को आड़े हाथों ले रही है। चुनाव प्रचार के दौरान ही कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी केदारनाथ धाम पहुंच गए हैं। वोटिंग के पहले राहुल की इस यात्रा को लेकर सियासी चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है। सियासी जानकारों का कहना है कि राहुल गांधी अपनी इस धार्मिक यात्रा के जरिए कांग्रेस को हिंदुत्व से कनेक्ट करने की कोशिश कर रहे हैं। वे भाजपा के तय एजेंडे में सेंध लगा रहे है।

दरअसल, बीते दिनों पीएम नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ में चुनावी रैली में कहा था कि इन्होंने भगवान महादेव को भी नहीं छोड़ा। भले ही पीएम का महादेव नाम लेने का मकसद छत्तीसगढ़ का कथित महादेव एप घोटला रहा हो, लेकिन कांग्रेस ने उसे हिंदुत्व का एजेंडा माना। इसके बाद तुरंत बाद ही राहुल गांधी केदारनाथ धाम भगवान शिव के दर्शन के लिए पहुंच गए। राहुल गांधी ने यात्रा के जरिए संदेश दिया कि हिंदुत्व केवल भाजपा का नहीं है।

कांग्रेस की निगाह हिंदू वोटों पर

राजस्थान, मध्यप्रदेश से लेकर छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की भाजपा के साथ सीधी लड़ाई है। तीनों राज्यों में भाजपा बेहद आक्रामक रूप से चुनाव प्रचार कर रही है। भाजपा हिंदुत्व के मुद्दे पर कांग्रेस पर लगातार हमलावर रहती है। ऐसे में कांग्रेस भी हिंदुत्व की राह पर आगे बढ़ रही है। राहुल गांधी पहले ही लगातार मंदिरों में दर्शन के लिए पहुंचते रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि जिस तरह से पीएम मोदी ने पिथौरागढ़ से चुनावी शंखनाद किया और आदि कैलाश और जागेश्वर धाम आदि स्थलों की धार्मिक यात्रा की। कांग्रेस उसका तोड़ तलाशने के लिए भी राहुल गांधी की केदारनाथ यात्रा का चुनाव में लाभ ले सकती है। चुनाव के दौरान राहुल गांधी की धार्मिक यात्राएं कही न कहीं हिंदू वोटरों को अपनी तरफ आकर्षित करने की कोशिश है। इसकी वजह है कि राहुल कुछ साल पहले से हिंदू बनाम हिंदुत्ववादी की बहस छेड़ चुके हैं। 2021 में जयपुर में महंगाई हटाओ रैली में भाजपा को हिंदू बनाम हिंदुत्व के मुद्दे पर घेरा था। इसके बाद अमेठी और तमिलनाडु में इस मुद्दे को उठाया था।

भाजपा का राहुल पर 'चुनावी हिंदू' का वार

यह पहली बार नहीं है जब राहुल इस तरह मंदिर दर्शन के लिए पहुंचे हों। राहुल गांधी पिछले साल उज्जैन के महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे थे। उस समय भाजपा ने इसे हिंदू वोट हासिल करने की कोशिश बताया था। भाजपा का कहना था कि गुजरात चुनाव से पहले राहुल गांधी हिंदू वोट हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। भाजपा ने राहुल गांधी की इस यात्रा की सीधे-सीधे आलोचना की थी। उस यात्रा के दौरान राहुल गांधी बढ़ी हुई दाढ़ी, सफेद धोती और माथे पर भभूत लगाए पहुंचे थे। भाजपा ने उस यात्रा को 'फोटो सेशन' करार दिया था। भाजपा इससे पहले भी राहुल को 'चुनावी हिंदू' कह चुकी है। राहुल गांधी कर्नाटक चुनाव के दौरान भी राज्य के बागलकोट में कुडाला संगमा पहुंचे। यहां उन्होंने संगमनाथ मंदिर और एक्य लिंग के दर्शन किए। राहुल अप्रैल 2015 में केदारनाथ और नवंबर 2017 में सोमनाथ मंदिर गए थे। इससे पहले कैलाश मानसरोवर की यात्रा भी कर चुके हैं।

मां नर्मदा के पूजन के साथ प्रियंका ने की थी कैंपेन की शुरुआत

हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक में विधानसभा चुनाव में जीत के बाद कांग्रेस ने इस साल जून में चुनाव प्रचार के अपने अभियान की शुरुआत थी। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने जबलपुर के गौरी घाट में नर्मदा तट पर विधि-विधान के साथ पूजा अर्चना की थी। उस समय भी इसे हिंदू वोटों को आकर्षित करने का प्रयास माना गया था। मध्यप्रदेश में कांग्रेस ने स्पेशल सेल का गठन किया था। उसमें पुजारी प्रकोष्ठ, मठ मंदिर प्रकोष्ठ और धार्मिक उत्सव प्रकोष्ठ भी शामिल था। कांग्रेस नेता कमलनाथ भी खुद को हनुमान भक्त बता चुके हैं। ऐसे में चुनाव में कांग्रेस का ध्यान निश्चित रूप से हिंदू वोटरों पर हैं। मध्यप्रदेश में हिंदुओं की संख्या लगभग 90 फीसदी है।

शिव भक्तों की सेवा करते नजर आए राहुल

इससे पहले राहुल गांधी पंजाब के अमृतसर में स्वर्ण मंदिर के तीन दिन के प्रवास पर रहे थे। तीन दिनों तक राहुल गांधी ने स्वर्ण मंदिर में सेवा दी थी। उन्हें झाड़ू लगाते और बर्तन साफ करते हुए देखा गया था। अब केदारनाथ धाम में भी राहुल गांधी लोगों की सेवा करते नजर आ रहे हैं। केदारनाथ धाम में राहुल गांधी ने श्रद्धालुओं को चाय पिलाई और उनसे बात भी की।

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